10th Godhuli Kavykhand Ex-8 BSEB Free Notes Pdf

10th Godhuli Kavykhand Ex-8 BSEB Free Notes Pdf । एक वृक्ष की हत्या का मुफ्त नोट्स PDF

” अच्छे अंक लाना हर छात्र का सपना होता है, और सही नोट्स इस सपने को हकीकत में बदलने की पहली सीढ़ी हैं। ”

नमस्ते दोस्तों! बिहार बोर्ड कक्षा 10 की परीक्षा की तैयारी कैसी चल रही है? हम जानते हैं कि हिंदी एक ऐसा विषय है जिसमें सही मार्गदर्शन और बेहतरीन स्टडी मटेरियल से आप पूरे अंक प्राप्त कर सकते हैं। मैट्रिक परीक्षा की तैयारी में आपकी मदद करने के लिए, हम आपके लिए कक्षा 10 गोधूलि काव्यखंड के अध्याय – 8 ‘एक वृक्ष की हत्या’ के विस्तृत, आसान, सरल भाषा में तथा बिहार बोर्ड परीक्षा समिति के नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित नोट्स PDF रूप में बिल्कुल मुफ्त में लाए हैं। जिससे आपकी परीक्षा तैयारी अधिक प्रभावी और सफल हो सके।
साथ ही छात्रों के अन्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भी हम बिहार बोर्ड कक्षा 10 के छात्रों के लिए हिंदी Solution, Notes, Practice Set, Model Papers और अन्य महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री की एक संपूर्ण श्रृंखला लेकर आए हैं, जो आपकी परीक्षा तैयारी को आसान, तेज और अधिक प्रभावी बनाएगी।

इस श्रृंखला में हम आपको बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किए गए Bihar Board Class 10 Hindi Godhuli Kavykhand Ultimate Free Notes PDF उपलब्ध करवा रहे हैं। इन Notes को आसान, सरल और समझने योग्य भाषा में प्रस्तुत किया गया है। इसकी मदद से आप न केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल कर सकेंगे, बल्कि प्रत्येक अध्याय के सभी कॉन्सेप्ट को गहराई से समझ भी पाएंगे।

यह कविता एक पेड़ के कट जाने पर कवि के मन में उठे भावों को व्यक्त करती है। कवि के घर के सामने एक पुराना पेड़ था, जिसे वे एक ‘बूढ़ा चौकीदार’ मानते थे। जब भी कवि घर लौटते, तो वह पेड़ उन्हें एक सजग प्रहरी की तरह लगता था, जो उनसे पूछता, “कौन?” और कवि जवाब देते, “मैं तुम्हारा दोस्त।”
वह पेड़ कवि के लिए सिर्फ एक पेड़ नहीं था, बल्कि एक साथी, एक रक्षक था। उसकी मोटी छाल, खुरदुरा तना, और सूखी डालियाँ कवि को वर्दी पहने एक चौकीदार की याद दिलाती थीं। एक दिन जब कवि घर लौटे, तो उन्होंने उस पेड़ को कटा हुआ पाया। यह देखकर उन्हें ऐसा लगा जैसे किसी की हत्या कर दी गई हो। यह कविता इसी दुख और चिंता को व्यक्त करती है कि कैसे हम मनुष्य अपनी जरूरतों के लिए प्रकृति का विनाश कर रहे हैं और अपने ही रक्षकों को खत्म कर रहे हैं।
मैं निकेत कुमार, आपके लिए Bihar Board (BSEB) Class 10 के हिंदी गोधूली (Hindi Godhuli) सहित अन्य सभी विषयों के Notes सरल, स्पष्ट एवं बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित आसान भाषा में अपनी वेबसाइट BSEBsolution पर निःशुल्क उपलब्ध कराता हूँ। यदि आप बिहार बोर्ड के छात्र हैं या बिहार बोर्ड के छात्रों को पढ़ाने वाले शिक्षक/शिक्षिका हैं, तो हमारी वेबसाइट को नियमित रूप से विज़िट करते रहें। नीचे आपको बिहार बोर्ड कक्षा 10 हिंदी गोधूली अध्याय 8 “एक वृक्ष की हत्या” के Free Notes PDF दिए गया है।
[ NOTE ] : कोई भी छात्र/छात्रा या शिक्षक/शिक्षिका जो हमारे Free Ultimate Notes को देख रहे है। यदि इसके लिए आपके पास कोई सुझवा है, तो बेझिझक Comment में या What’sApp : 8579987011 पर अपना सुझाव दें। आपके सुझावों का हम हमेशा स्वागत करते हैं। Thank You!

Bihar Board Class 10 Hindi गोधूली काव्यखंड Notes PDF Free | एक वृक्ष की हत्या

मैं बिहार बोर्ड कक्षा 10 के लिए, आज हम आपकी पाठ्यपुस्तक “गोधूलि (काव्यखंड)” के एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील अध्याय “एक वृक्ष की हत्या” पर विस्तृत अध्ययन नोट्स तैयार करेंगे। यह कविता हमें प्रकृति और पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी का बोध कराती है।

संक्षिप्त सारांश

  • कवि परिचय: प्रस्तुत कविता ‘एक वृक्ष की हत्या’ आधुनिक हिंदी कविता के सशक्त हस्ताक्षर कुँवर नारायण द्वारा रचित है। उनका जन्म 1927 में उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में हुआ था। उन्हें 2005 में साहित्य के सर्वोच्च सम्मान ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया था। उनकी कविताओं में जीवन के विविध आयामों, मानवीय संबंधों और प्रकृति के प्रति गहरी संवेदनशीलता देखने को मिलती है।
  • कविता का मूल भाव: यह कविता पर्यावरण विनाश के गंभीर मुद्दे पर केंद्रित है। कवि एक वृक्ष को अपने घर के पुराने चौकीदार के रूप में देखता है, जो हमेशा घर और शहर की रक्षा करता था। एक दिन जब वह लौटता है, तो वृक्ष को कटा हुआ पाता है, जिससे उसे गहरा आघात लगता है। यह कविता वृक्ष की हत्या को केवल एक पेड़ काटने की घटना नहीं, बल्कि प्रकृति और सभ्यता के विनाश के रूप में प्रस्तुत करती है।
  • घटनाक्रम (Plot):
    • कवि अपने घर के सामने खड़े एक पुराने वृक्ष को हमेशा एक बूढ़े चौकीदार के रूप में देखता था।
    • वृक्ष की मोटी, खुरदुरी छाल, उसकी डालियाँ और पत्तियाँ कवि को उसकी खाकी वर्दी और हथियार की तरह लगती थीं।
    • कवि जब भी बाहर जाता था, वह वृक्ष उसे दरवाजे पर तैनात मिलता था और जब लौटता था, तो वह वहीं खड़ा मिलता था।
    • एक दिन कवि जब घर लौटता है, तो पाता है कि वह वृक्ष वहाँ नहीं है। उसे लगता है कि किसी ने उसकी हत्या कर दी है।
    • वृक्ष के अचानक गायब होने से कवि को गहरा दुख होता है और वह इसे एक ‘हत्या’ मानता है।
    • कवि इस घटना के माध्यम से पर्यावरण विनाश के व्यापक परिणामों पर चिंतन करता है और मनुष्य को प्रकृति के विनाश से बचाने का आह्वान करता है।
  • उद्देश्य (Author’s Purpose): कवि का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना, प्रकृति के साथ मानवीय संबंधों को पुनः स्थापित करना और अंधाधुंध शहरीकरण व औद्योगीकरण के दुष्परिणामों से आगाह करना है। वह यह बताना चाहते हैं कि प्रकृति का विनाश अंततः मानव सभ्यता का विनाश है।
  • शिक्षा (Lesson or Moral): यह कविता हमें सिखाती है कि प्रकृति का हर तत्व हमारे जीवन का अभिन्न अंग है। वृक्षों की रक्षा करना, नदियों को स्वच्छ रखना और हवा को प्रदूषित होने से बचाना ही मानवता की रक्षा करना है। पर्यावरण का विनाश अंततः मानव सभ्यता का विनाश है। हमें स्वयं को ‘जंगल हो जाने से’ बचाना होगा, अर्थात अपनी अमानवीय प्रवृत्तियों को त्यागकर प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनना होगा।

महत्वपूर्ण तत्व और विश्लेषण

  • प्रमुख पंक्तियाँ/उदाहरण (Notable Lines/Examples):
    • “एक बूढ़ा चौकीदार वृक्ष / जो हमेशा मिलता था घर के दरवाजे पर तैनात”: यह पंक्ति वृक्ष को एक सजीव, कर्तव्यनिष्ठ रक्षक के रूप में प्रस्तुत करती है, जो कवि के घर और शहर की सुरक्षा का प्रतीक है। यह वृक्ष के प्रति कवि के गहरे आत्मीय संबंध को भी दर्शाती है।
    • “एक पत्ता तक नहीं / अब कोई नहीं बचाएगा / शहर को / नदियों को / हवा को / खाने से”: ये पंक्तियाँ वृक्ष के कटने के बाद कवि की चिंता और भय को दर्शाती हैं। वृक्षों के बिना शहर, नदियाँ और हवा सभी असुरक्षित हो जाते हैं। यह पर्यावरण के असंतुलन का भयावह चित्रण है और प्रकृति के विभिन्न तत्वों की अन्योन्याश्रयता को दिखाता है।
    • “बचाना है मनुष्य को / जंगल हो जाने से”: यह पंक्ति कविता का केंद्रीय संदेश है। कवि कहता है कि हमें न केवल प्रकृति को बचाना है, बल्कि मनुष्य को भी उसकी अमानवीय प्रवृत्तियों से बचाना है, ताकि वह स्वयं ‘जंगल’ (असभ्य और हिंसक) न हो जाए। यह एक गहरी दार्शनिक बात है कि पर्यावरण का विनाश मनुष्य के भीतर की बर्बरता का ही परिणाम है।
  • काव्यगत विशेषताएँ (Poetry Specifics):
    • भाव (Mood/Emotion): कविता में करुणा, चिंता, भय, और पर्यावरण संरक्षण की तीव्र भावनाएँ मुखर हैं। कवि का वृक्ष के प्रति आत्मीय लगाव और उसके कटने पर उपजा दुख मार्मिक है। यह कविता पाठक के मन में भी प्रकृति के प्रति संवेदना जगाती है।
    • शैली (Style): कविता की शैली अत्यंत सरल, सीधी और संवादात्मक है। कवि अपनी बात को बिना किसी लाग-लपेट के सीधे पाठकों तक पहुँचाता है। प्रतीकात्मकता का प्रयोग प्रभावी ढंग से किया गया है, जिससे कविता का संदेश और गहरा हो जाता है।
    • छंद (Meter/Form): यह कविता मुक्त छंद में रचित है, जिससे कवि को अपने भावों को व्यक्त करने की पूरी स्वतंत्रता मिली है। इसमें कोई निश्चित तुकबंदी या मात्रा क्रम नहीं है।
    • प्रतीक योजना (Symbolism):
      • वृक्ष: जीवन, प्रकृति, रक्षक, प्राचीनता, स्थिरता और मानवीय सभ्यता के आधार का प्रतीक।
      • चौकीदार: सुरक्षा, कर्तव्यनिष्ठा, सजगता और अविचल उपस्थिति का प्रतीक।
      • हत्या: प्रकृति के प्रति मानवीय क्रूरता, संवेदनहीनता और विनाशकारी प्रवृत्ति का प्रतीक। यह प्रकृति के साथ किए गए अन्याय को दर्शाता है।
      • शहर, नदियाँ, हवा: मानव जीवन के लिए आवश्यक प्राकृतिक तत्वों का प्रतीक, जो वृक्षों के बिना खतरे में हैं।
    • कवि कुँवर नारायण (Author Background): कुँवर नारायण (1927-2017) आधुनिक हिंदी साहित्य के एक प्रमुख कवि थे। उन्हें अपनी बौद्धिकता, दार्शनिकता और गहरी मानवीय संवेदना के लिए जाना जाता है। उनकी प्रमुख कृतियों में ‘चक्रव्यूह’, ‘इन दिनों’, ‘कोई दूसरा नहीं’, ‘आत्मजयी’ (प्रबंध काव्य) आदि शामिल हैं। वे ‘तीसरा सप्तक’ के महत्वपूर्ण कवियों में से एक थे।

परीक्षा उपयोगी प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) – VVI

  1. ‘एक वृक्ष की हत्या’ कविता के कवि कौन हैं?
    क) सुमित्रानंदन पंत
    ख) कुँवर नारायण
    ग) अनामिका
    घ) वीरेन डंगवाल
    उत्तर: ख) कुँवर नारायण
  2. कवि को वृक्ष कैसा लगता था?
    क) एक सैनिक
    ख) एक साधु
    ग) एक बूढ़ा चौकीदार
    घ) एक मित्र
    उत्तर: ग) एक बूढ़ा चौकीदार
  3. वृक्ष की डालियाँ कवि को किस रूप में दिखती थीं?
    क) हाथ
    ख) शाखाएँ
    ग) जड़ें
    घ) हथियार
    उत्तर: घ) हथियार
  4. कविता में ‘हत्या’ शब्द का प्रयोग किसके लिए किया गया है?
    क) किसी व्यक्ति की हत्या के लिए
    ख) जानवरों को मारने के लिए
    ग) वृक्ष काटने के लिए
    घ) इनमें से कोई नहीं
    उत्तर: ग) वृक्ष काटने के लिए
  5. कविता का मुख्य संदेश क्या है?
    क) शहरीकरण को बढ़ावा देना
    ख) पर्यावरण संरक्षण
    ग) पेड़ों की कटाई को रोकना
    घ) ख और ग दोनों
    उत्तर: ख) पर्यावरण संरक्षण

विषयनिष्ठ प्रश्न (Subjective Questions)

  1. कवि को वृक्ष ‘बूढ़ा चौकीदार’ क्यों लगता था? स्पष्ट करें।
    उत्तर : कवि को वृक्ष ‘बूढ़ा चौकीदार’ इसलिए लगता था क्योंकि वह वर्षों से उसके घर के सामने मजबूती से खड़ा था। उसकी मोटी, खुरदुरी छाल और सूखी डालियाँ कवि को एक बूढ़े चौकीदार की खाकी वर्दी और हथियार की तरह प्रतीत होती थीं। जिस प्रकार एक चौकीदार घर की रखवाली करता है, उसी प्रकार वह वृक्ष भी घर और शहर को बाहरी खतरों (जैसे प्रदूषण, गर्मी, धूल आदि) से बचाता हुआ प्रतीत होता था। उसकी स्थिर और अविचल उपस्थिति कवि को सुरक्षा का एहसास कराती थी, मानो वह हर पल सजग रहकर पहरा दे रहा हो।
  2. वृक्ष की हत्या का क्या अर्थ है? कविता के संदर्भ में समझाएँ।
    उत्तर : कविता में ‘वृक्ष की हत्या’ का अर्थ केवल एक पेड़ को काटना नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति मानवीय क्रूरता, संवेदनहीनता और अंधाधुंध विनाशकारी प्रवृत्ति का प्रतीक है। कवि इसे ‘हत्या’ इसलिए कहता है क्योंकि वृक्ष एक सजीव प्राणी की तरह था, जो घर और पर्यावरण का रक्षक था। उसकी निर्मम कटाई कवि को किसी जीवित प्राणी की हत्या के समान लगती है। यह पर्यावरण संतुलन के विनाश और मानव सभ्यता के लिए उत्पन्न खतरे का संकेत भी है, क्योंकि वृक्षों के कटने से जीवन का आधार ही समाप्त हो जाता है।
  3. कविता का केंद्रीय भाव क्या है? अपने शब्दों में लिखें।
    उत्तर : ‘एक वृक्ष की हत्या’ कविता का केंद्रीय भाव पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति मानवीय संवेदना को जगाना है। कवि एक वृक्ष के कटने के माध्यम से पर्यावरण विनाश के व्यापक परिणामों पर चिंतन करता है। वह बताता है कि वृक्ष केवल लकड़ी के स्रोत नहीं, बल्कि जीवन के आधार हैं, जो हमें शुद्ध हवा, जल और सुरक्षा प्रदान करते हैं। कविता यह संदेश देती है कि यदि हमने प्रकृति का विनाश जारी रखा, तो अंततः मानव सभ्यता का अस्तित्व भी खतरे में पड़ जाएगा। हमें प्रकृति की रक्षा करनी होगी ताकि हम स्वयं को ‘जंगल हो जाने से’ बचा सकें, अर्थात अपनी अमानवीय और स्वार्थी प्रवृत्तियों को त्यागकर सभ्य और संवेदनशील बन सकें।
  4. कवि ने किन-किन चीजों को बचाने की बात की है और क्यों?
    उत्तर : कवि ने निम्नलिखित चीजों को बचाने की बात की है:
    • शहर को: प्रदूषण, कंक्रीट के जंगल बनने और अपनी प्राकृतिक सुंदरता खोने से।
    • नदियों को: प्रदूषित होने और सूखने से, क्योंकि वे जीवन का आधार हैं।
    • हवा को: जहरीली होने और जीवन के लिए अनुपयोगी बनने से, क्योंकि शुद्ध हवा के बिना जीवन संभव नहीं।
    • भोजन को: दूषित होने और अनुपलब्ध होने से, क्योंकि स्वस्थ पर्यावरण ही स्वस्थ भोजन देता है।
    • मनुष्य को: उसकी अमानवीय, विनाशकारी प्रवृत्तियों से, ताकि वह स्वयं ‘जंगल’ (असभ्य और हिंसक) न हो जाए।
    कवि इन सभी चीजों को बचाने की बात इसलिए करता है क्योंकि ये सभी प्रकृति के अभिन्न अंग हैं और मानव जीवन के अस्तित्व के लिए आवश्यक हैं। इनके विनाश का सीधा अर्थ मानव सभ्यता का विनाश है।

मुझे उम्मीद है कि ये नोट्स आपको इस कविता को समझने और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेंगे। खूब मन लगाकर पढ़ें और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें!

बिहार बोर्ड कक्षा 10 हिंदी गोधूली के अन्य अध्यायों के समाधान

गोधूली (काव्यखंड)

क्रमांक अध्याय
1 राम नाम बिनु बिरथे जगि जनमा
2 प्रेम-अयनि श्री राधिका
3 अति सुधो सनेह को मारग है
4 स्वदेशी
5 भारतमाता
6 जनतंत्र का जन्म
7 हिरोशिमा
9 हमारी नींद
10 अक्षर – ज्ञान
11 लौटकर आऊँगा फिर
12 मेरे बिना तुम प्रभु

गोधूली (गद्यखंड)

क्रमांक अध्याय
1 श्रम विभाजन एवं जातिप्रथा
2 विष के दाँत
3 भारत से हम क्या सीखें
4 नाखून क्यो बढ़ते हैं
5 नगरी लिपि
6 बहादुर
7 परंपरा का मूल्यांकन
8 जित-जित मैं निरखत हूँ
9 आविन्यों
10 मछली
12 शिक्षा और संस्कृति
क्रमांक अध्याय
1 राम नाम बिनु बिरथे जगि जनमा
2 प्रेम-अयनि श्री राधिका
3 अति सुधो सनेह को मारग है
4 स्वदेशी
5 भारतमाता
6 जनतंत्र का जन्म
7 हिरोशिमा
8 एक वृक्ष की हत्या
9 हमारी नींद
10 अक्षर – ज्ञान
11 लौटकर आऊँगा फिर
12 मेरे बिना तुम प्रभु

वर्णिका भाग - 2

Notes क्या होते हैं और क्यों आवश्यक होते हैं?

कई छात्रों के मन में यह सवाल आता है कि आखिर किसी विषय का Notes क्या होता है? चलिए इसे सरल शब्दों में समझते हैं। Notes किसी भी विषय का संक्षिप्त और आसान सारांश होते हैं — यानी ऐसे पन्ने या कॉपी जिनमें किसी अध्याय की मुख्य बातें, महत्वपूर्ण परिभाषाएँ, सूत्र, उदाहरण और अवधारणाएँ छोटे-छोटे बिंदुओं में लिखी जाती हैं। Notes की आवश्यकता यह होती है कि छात्र कम समय में पूरे विषय को दोहरा सकें और कठिन टॉपिक को आसानी से समझ सकें।

अनेक शिक्षकों के अनुसार, Notes एक ऐसा संक्षिप्त लेखन होता है जो पढ़ाई और परीक्षा दोनों के लिए सहायक होता है। अच्छे Notes की मदद से छात्रों को बार-बार पूरी किताब पढ़ने की ज़रूरत नहीं पड़ती क्योंकि इनमें वही बातें शामिल होती हैं जो परीक्षा की दृष्टि से सबसे ज़्यादा जरूरी होती हैं।
जब छात्र स्वयं Notes तैयार करते हैं, तो वे केवल याद नहीं कर रहे होते बल्कि विषय को गहराई से समझ रहे होते हैं। इस प्रक्रिया से ज्ञान लंबे समय तक याद रहता है और आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

Bihar Board Class 10 का हमारे Notes कैसे तैयार किए गए हैं?

FAQ's About BSEB Class10 Ultimate Notes

उत्तर : जी हाँ, ये नोट्स पूरी तरह से बिहार बोर्ड के नवीनतम पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। आप निश्चिंत रहें।
उत्तर : ये नोट्स आपकी तैयारी के लिए एक बेहतरीन सहायक सामग्री हैं। सर्वोत्तम परिणामों के लिए, आपको अपनी पाठ्यपुस्तक को पढ़ना चाहिए और इन नोट्स से रिवीजन करना चाहिए।
उत्तर : जी हाँ, हमारी वेबसाइट www.bsebsolution.in पर उपलब्ध सभी Bihar Board Class 10 Notes पूरी तरह मुफ़्त (Free PDF) हैं।
उत्तर : जी हाँ, आप इस पेज पर दिए गए डाउनलोड लिंक (जल्द ही उपलब्ध होगा) पर क्लिक करके आसानी से PDF को अपने फोन या कंप्यूटर में सेव कर सकते हैं।
उत्तर : जी हाँ, इन नोट्स में Objective Questions, Very Short, Short और Long Answer Questions सभी प्रकार के प्रश्न शामिल हैं। इससे छात्रों को परीक्षा के हर सेक्शन के लिए पूर्ण तैयारी करने में मदद मिलती है।

सारांश :

हम आशा करते हैं कि हमारे द्वारा तैयार किए गए Bihar Board 10th Hindi Godhuli Kavykhand Ultimate Notes pdf की यह श्रृंखला आपके अध्ययन में अत्यंत सहायक सिद्ध होगी।

इन Notes को अत्यंत सरल भाषा, सटीक व्याख्या, महत्वपूर्ण बिंदुओं, चित्रों, उदाहरणों और संभावित परीक्षा प्रश्नों के साथ व्यवस्थित किया गया है, ताकि हर विद्यार्थी अध्याय में दिए गए सभी टॉपिक को आसानी से समझ सके और पूर्ण आत्मविश्वास के साथ अपनी परीक्षा की तैयारी कर सके।

यदि पढ़ाई के दौरान आपके मन में किसी भी प्रकार का doubt या confusion उत्पन्न होता है, तो BSEBsolution.in पर उपलब्ध अध्यायवार समाधान, प्रश्न-उत्तर और व्याख्या आपके सभी संदेहों को दूर करने में मदद करेंगे।

इन Hindi Godhuli Notes का मुख्य उद्देश्य यही है कि Bihar Board Class 10 के हर छात्र को एक ही स्थान पर complete, free और high-quality study material उपलब्ध हो, ताकि उन्हें अलग-अलग किताबों या वेबसाइटों पर समय बर्बाद न करना पड़े। यह Notes आपकी परीक्षा की तैयारी को सरल, तेज़ और प्रभावी बनाते हैं।

Scroll to Top