BSEB 10th Hindi Godhuli Exercise-12 Solution

Follow Us On

Hindi Exercise Solution Series

BSEB 10th Hindi Godhuli Exercise-12 Solution "शिक्षा और संस्कृति" and Important Questions

इस पोस्ट में हम बिहार बोर्ड कक्षा 10 हिंदी की पुस्तक “गोधूली” के बारहवें अध्याय “शिक्षा और संस्कृति” के कहानी का सारांश, कवि परिचय, सभी प्रश्नों के समाधान, महत्त्वपूर्ण एवं संभावित प्रश्न और वस्तुनिष्ठ प्रश्नों ( Objective Questions) को विस्तार से देखने वाले हैं।
हमारा प्रयास आपको परीक्षा की तैयारी करवाना है ताकि आप अपने बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकें। इस अध्याय के सभी प्रश्नोत्तरों एवं व्याख्याओं का PDF भी आप निशुल्क डाउनलोड (Download) कर सकते हैं। PDF लिंक नीचे उपलब्ध है, जिससे आप इसे ऑफलाइन भी पढ़ सकते हैं।

"शिक्षा और संस्कृति" की मुख्य बातें

इस अध्याय में महात्मा गांधी जी बताते हैं कि सच्ची शिक्षा केवल पढ़ना-लिखना नहीं होती, बल्कि शरीर, बुद्धि और आत्मा – तीनों का विकास मिलकर ही शिक्षा कहलाता है। बच्चा जब शिक्षा शुरू करे, उससे पहले ही उसे सत्य, प्रेम, आत्मा की शक्ति और अहिंसा का ज्ञान दिया जाना चाहिए ताकि वह प्रेम से नफरत को, सत्य से असत्य को और धैर्य से हिंसा को जीतना सीख सके। गांधीजी ऐसी शिक्षा प्रणाली चाहते हैं जिसमें बच्चों को केवल किताबों से नहीं, बल्कि हस्तकला और उपयोगी दस्तकारी जैसे कताई-बुनाई आदि के माध्यम से पढ़ाया जाए, जिससे वे सीखते हुए उत्पादन करके आत्मनिर्भर बन सकें। शिक्षा का उद्देश्य केवल साक्षरता नहीं बल्कि चरित्र निर्माण होना चाहिए, जिसमें साहस, सदाचार और देश के प्रति समर्पण की भावना विकसित हो। संस्कृति के विषय में वे कहते हैं कि हमारी अपनी संस्कृति सबसे समृद्ध है, परंतु हमने उसे समझना और अपनाना छोड़ दिया है। हमें अन्य संस्कृतियों से सीखना चाहिए, लेकिन अपनी संस्कृति का सम्मान और आचरण बनाए रखना जरूरी है। उनका कहना है कि भारतीय संस्कृति किसी एक जाति या धर्म की नहीं, बल्कि अनेक संस्कृतियों के स्वदेशी सामंजस्य का सुंदर रूप है जहाँ हर एक का उचित स्थान सुरक्षित रहता है। संक्षेप में, गांधीजी के अनुसार शिक्षा वह है जो मनुष्य को आत्मनिर्भर, चरित्रवान, अहिंसक और अपनी संस्कृति के प्रति गर्व करने वाला बनाती है।

इस विषय का हमारा समाधान ही क्यों?

  • हमारा समाधान बिहार बोर्ड कक्षा 10 के न्यूनतम पाठ्यक्रम (Syllabus) पर आधारित है।
  • यह समाधान सरल, आसान और स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत किया गया है।
  • हिंदी गोधूली के अभ्यास (Exercise) समाधान के साथ अनेक महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न भी दिए गए हैं।
  • हमारी वेबसाइट पर हिंदी के साथ-साथ अन्य विषयों के समाधान भी उपलब्ध हैं।
  • यहाँ आपको निःशुल्क उच्च गुणवत्ता वाले PDF मिलेंगे।

महात्मा गाँधी का संक्षिप्त परिचय

अध्याय – 12 शिक्षा और संस्कृति (महात्मा गांधी)
पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी
जन्म 2 अक्टूबर 1869 ई०
जन्म स्थान पोरबंदर, गुजरात
पिता का नाम करमचंद गांधी
माता का नाम पुतलीबाई
शिक्षा प्रारंभिक शिक्षा पोरबंदर में, 1888 में वकालत की पढ़ाई हेतु लंदन विश्वविद्यालय
विवाह 1883 ई० में कस्तूरबा गाँधी से विवाह
दक्षिण अफ्रीका प्रवास 1893-1914 ई०, यहीं अहिंसा का पहला प्रयोग किया
भारत आगमन 1915 ई० में भारत लौटे और स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया
मुख्य आंदोलन / कार्य अहिंसा, सत्याग्रह, स्वराज, अछूतोद्धार, स्वदेशी, साम्प्रदायिक एकता
प्रमुख पुस्तकें ‘हिंद स्वराज’, ‘सत्य के साथ मेरे प्रयोग’
संपादित पत्रिकाएँ ‘हरिजन’, ‘यंग इंडिया’
विशेष उपाधियाँ ‘महात्मा’ (रवींद्रनाथ ठाकुर द्वारा), ‘राष्ट्रपिता’, ‘बापू’
मृत्यु 30 जनवरी 1948 ई०, नई दिल्ली में
स्मृति दिवस 2 अक्टूबर को ‘अहिंसा दिवस’ (अंतरराष्ट्रीय स्तर पर)
रचनात्मक विशेषता शिक्षा और संस्कृति को व्यवहारिक जीवन से जोड़ना, सरलता, व्यावहारिक दृष्टिकोण, नैतिकता पर बल

बोध और अभ्यास प्रश्न

पाठ के साथ

Q1: गाँधीजी बढ़िया शिक्षा किसे कहते हैं ?
उत्तर : गांधी जी के अनुसार अहिंसक प्रतिरोध ही सबसे उदात्त और श्रेष्ठ शिक्षा है। वे कहते हैं कि यह शिक्षा बच्चों को साधारण अक्षर-ज्ञान के बाद नहीं, उससे पहले दी जानी चाहिए। बच्चे को वर्णमाला सीखने से पहले यह समझना चाहिए कि आत्मा क्या है, सत्य क्या है, प्रेम क्या है और आत्म-शक्ति का स्वरूप क्या है। सच्ची शिक्षा वह है जो बालक को प्रेम से घृणा को, सत्य से असत्य को और धैर्य से हिंसा को जीतना सिखाए।
Q2: इंद्रियों का बुद्धिपूर्वक उपयोग सीखना क्यों जरूरी है ?
उत्तर : गांधी जी के अनुसार इन्द्रियों का बुद्धिपूर्वक उपयोग सीखना इसलिए आवश्यक है क्योंकि इन्द्रियों का सही प्रयोग ही बुद्धि के विकास का सबसे शीघ्र और उत्तम साधन है। यदि बच्चे के शरीर और मस्तिष्क का विकास तो हो जाए, लेकिन आत्मिक जागृति न हो, तो ऐसी बुद्धि एकांगी और अधूरी रह जाएगी। इसलिए सर्वांगीण विकास तभी संभव है जब शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक—तीनों शक्तियों की समान शिक्षा दी जाए।
Q3: शिक्षा का अभिप्राय गाँधीजी क्या मानते हैं ?
उत्तर : गांधी जी के अनुसार शिक्षा का वास्तविक अभिप्राय शरीर, बुद्धि और आत्मा के उत्तम गुणों का विकास करना है। वे कहते हैं कि पढ़ना-लिखना मात्र शिक्षा नहीं है, वह तो केवल शिक्षा प्राप्त करने का एक साधन है। साक्षरता को ही शिक्षा मानना गलत है। इसलिए वे ऐसी शिक्षा चाहते हैं जिसमें शुरू से ही बच्चे को कोई उपयोगी दस्तकारी सिखाई जाए, ताकि वह सीखते ही साथ उत्पादन-कार्य करने योग्य बन सके।
Q4: मस्तिष्क और आत्मा का उच्चतम विकास कैसे संभव है ?
उत्तर : गांधी जी के अनुसार मस्तिष्क और आत्मा का उच्चतम विकास ऐसी शिक्षा पद्धति से संभव है जिसमें बच्चे को केवल यांत्रिक ढंग से नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और तर्कसंगत ढंग से शिक्षा दी जाए। यानी उसे प्रत्येक कार्य या दस्तकारी की प्रक्रिया का कारण समझाया जाए। प्रारंभिक शिक्षा में सफाई, तंदुरुस्ती, भोजनशास्त्र, आत्मनिर्भरता और माता-पिता की मदद जैसे मूल सिद्धांत शामिल होने चाहिए। इसके साथ संगीत और शारीरिक अभ्यास के माध्यम से बच्चों को शारीरिक तालीम भी दी जाए, ताकि वे मजबूत और स्वावलंबी बनें।
Q5: गाँधीजी कताई और धुनाई जैसे ग्रामोद्योगों द्वारा सामाजिक क्रांति कैसे संभव मानते थे ?
उत्तर : गांधी जी के अनुसार कताई और धुनाई जैसे ग्रामोद्योग एक शांतिपूर्ण सामाजिक क्रांति के अग्रदूत बन सकते हैं। इससे नगर और ग्राम के संबंध स्वस्थ और नैतिक होंगे, समाज की वर्गों के बीच विषाक्तता और भेदभाव दूर होंगे, और ग्रामीण जीवन में समानता और विकास आएगा। इस पद्धति से गरीब और अमीर के बीच अप्राकृतिक भेद समाप्त होकर समाज में न्यायपूर्ण व्यवस्था संभव होगी।
Q6: शिक्षा का ध्येय गाँधीजी क्या मानते थे और क्यों ?
उत्तर : गांधी जी के अनुसार शिक्षा का मुख्य ध्येय चरित्र-निर्माण है। शिक्षा से व्यक्ति में साहस, बल और सदाचार जैसे गुण विकसित होते हैं। उनका मानना था कि चरित्रवान व्यक्ति समाज के कार्यों और संगठन को आसानी से संभाल सकता है, इसलिए शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि व्यक्ति को नैतिक और जिम्मेदार बनाना होना चाहिए।
Q7: गाँधीजी देशी भाषाओं में बड़े पैमाने पर अनुवाद कार्य क्यों आवश्यक मानते थे ?
उत्तर : गांधी जी का मानना था कि देशी भाषाओं में अनुवाद के माध्यम से किसी भी भाषा के विचार और ज्ञान को आसानी से ग्रहण किया जा सकता है। वे कहते थे कि अंग्रेज़ी या अन्य विदेशी भाषाओं में उपलब्ध ज्ञान-भंडार को अपनी मातृभाषा के माध्यम से प्राप्त करना सरल और प्रभावशाली है। इसलिए सभी उपयोगी ज्ञान को देशी भाषाओं में अनुवादित करना बड़े पैमाने पर आवश्यक है।
Q8: दूसरी संस्कृति से पहले अपनी संस्कृति की गहरी समझ क्यों जरूरी है ?
उत्तर : गांधी जी के अनुसार दूसरी संस्कृतियों की समझ और मूल्यांकन तभी संभव है जब पहले हम अपनी संस्कृति को जान लें और उसे अपनाएँ। कोई संस्कृति इतनी समृद्ध नहीं जितनी हमारी अपनी है। अपनी संस्कृति को समझना और उसके मूल सिद्धांतों को अपनाना चरित्र निर्माण और विचारशीलता के लिए आवश्यक है। यही आधार दूसरों की संस्कृतियों से सीखने में मदद करता है। इसलिए पहले अपनी संस्कृति, फिर अन्य संस्कृतियाँ सीखनी चाहिए।
Q9: अपनी संस्कृति और मातृभाषा की बुनियाद पर दूसरी संस्कृतियों और भाषाओं से सम्पर्क क्यों बनाया जाना चाहिए ? गाँधीजी की राय स्पष्ट कीजिए ।
उत्तर : गांधी जी के अनुसार हमें अपनी संस्कृति और मातृभाषा का महत्व सबसे पहले देना चाहिए, क्योंकि यही हमारे विचार और चरित्र का आधार बनती है। मातृभाषा के माध्यम से ज्ञान ग्रहण करना और अपनी संस्कृति को अपनाना व्यक्ति को तीव्र गति से विकास और सामाजिक उत्थान की शक्ति देता है। साथ ही, हमें दूसरी संस्कृतियों की अच्छी बातों को अपनाने में कोई परहेज़ नहीं करना चाहिए, लेकिन यह कभी भी अपनी संस्कृति और भाषा के महत्त्व को कम नहीं करता। इसलिए अपनी संस्कृति और भाषा को आधार बनाकर ही अन्य संस्कृतियों और भाषाओं से संपर्क बनाना चाहिए।
Q10: गाँधीजी किस तरह के सामंजस्य को भारत के लिए बेहतर मानते हैं और क्यों ?
उत्तर : गांधी जी के अनुसार भारत के लिए सबसे अच्छा सामंजस्य वह है जिसमें भिन्न-भिन्न संस्कृतियाँ स्वदेशी ढंग से मेल खाएँ, यानी प्रत्येक संस्कृति को उसका उचित स्थान प्राप्त हो और किसी पर दबाव न हो। यह सामंजस्य भारतीय जीवन में प्राकृतिक रूप से विकसित हुआ है और भारतीय जीवन को प्रभावित करता है, इसलिए इसे कृत्रिम या जबरदस्ती नहीं, बल्कि स्वाभाविक और संतुलित होना चाहिए।
Q11: आशय स्पष्ट करें
(क) मैं चाहता हूँ कि सारी शिक्षा किसी दस्तकारी या उद्योगों के द्वारा दी जाए ।
(ख) इस समय भारत में शुद्ध आर्य संस्कृति जैसी कोई चीज मौजूद नहीं है ।
(ग) मेरा धर्म कैदखाने का धर्म नहीं है ।
उत्तर : (क) गांधी जी के अनुसार सच्ची शिक्षा वही है जो मनुष्य को मानवता, करुणा, प्रेम, अहिंसा और सत्य सिखाए। दस्तकारी और उद्योगों के माध्यम से शिक्षा प्राप्त करने से गाँवों में बेरोजगारी दूर होगी और व्यावहारिक जीवन की दक्षता बढ़ेगी। इससे मन, मस्तिष्क और आत्मा का समग्र विकास होगा, लोग स्वावलंबी बनेंगे और उत्पादन, वितरण व विनिमय में सहजता आएगी। ग्राम आधारित उद्योग और हस्तकला-शिल्पकला के विकास से गाँवों की खुशहाली और आर्थिक समृद्धि संभव होगी।

(ख) गांधी जी के अनुसार वर्तमान भारतीय संस्कृति शुद्ध आर्य संस्कृति नहीं है, बल्कि यह अनेक जातियों और संस्कृतियों के सम्मिश्रण का परिणाम है। वे इस बात पर ध्यान नहीं देते कि आर्य कौन थे या कहाँ से आए। उनके अनुसार हमारी वर्तमान पीढ़ी इसी मिश्रित संस्कृति का उपज है, जिसमें शक, हूण, कुषाण, आर्य और अन्य सभ्यताओं का सम्मिश्रण शामिल है।

(ग) गांधी जी के अनुसार भारतीय धर्म बलपूर्वक थोपने या धर्मांतरण के लिए प्रताड़ित करने वाला नहीं है। यह धर्म समन्वय, प्रेम, अपनत्व और विश्व-बंधुत्व का है। इसमें सहिष्णुता, स्वतंत्रता और सम्मान की भावना निहित है। भारतीय धर्म का उद्देश्य मानव हित और व्यापक सह-अस्तित्व सुनिश्चित करना है, यही इसकी विराटता और सार्वभौमिकता है।

भाषा की बात

1. निम्नलिखित के विग्रह करते हुए समास के प्रकार बताएँ
बुद्धिपूर्वक, हृदयांकित, सर्वांगीण, अविभाज्य, भोजनशास्त्र, उत्तरार्ध, रक्तरंजित, कूपमंडूक, अग्रदूत, एकांगी
उत्तर: बुद्धिपूर्वक = बुद्धि + पूर्वक
अर्थ: जिस प्रकार बुद्धि के अनुसार

हृदयांकित = हृदय + अंकित
अर्थ: हृदय में अंकित, दिल पर लिखा

सर्वांगीण = सर्व + अंग + ईण
अर्थ: सम्पूर्ण अंगों का, पूर्णतः

अविभाज्य = अ + विभाज्य
अर्थ: जो विभाजित न हो सके, अविभाज्य

भोजनशास्त्र = भोजन + शास्त्र
अर्थ: भोजन का शास्त्र, भोजन संबंधी विद्या

उत्तरार्ध = उत्तर + अर्ध
अर्थ: किसी चीज़ का दूसरा भाग, बाद का भाग

रक्तरंजित = रक्त + रंजित
अर्थ: रक्त से रंगा हुआ

कूपमंडूक = कूप + मण्डूक
अर्थ: कुएँ में रहने वाला मेंढक

अग्रदूत = अग्र + दूत
अर्थ: सबसे पहला दूत, अग्रिम दूत

एकांगी = एक + अंग + ई
अर्थ: केवल एक अंग वाला, एकतरफा

2. निम्नलिखित के पर्यायवाची बताएँ –
शारीरिक, प्रगट, दस्तकारी, मौजूदा, कोशिश, परिणाम, तालीम, पूर्वज
उत्तर: शारीरिक : शरीर से संबंधित, देहगत, शारीर, शारीरिकक

प्रगट : स्पष्ट, व्यक्त, जाहिर, उजागर

दस्तकारी : हस्तकला, कुटीर उद्योग, शिल्प, हस्थशिल्प

मौजूदा : वर्तमान, इस समय का, अभी का, उपस्थित

कोशिश : प्रयत्न, प्रयास, यत्न, प्रयासरत

परिणाम : नतीजा, फल, असर, उपसंहार

तालीम : शिक्षा, प्रशिक्षण, शिक्षा-दीक्षा, अधिगम

पूर्वज : पूर्वजनी, पूर्वज, पूर्वपीढ़ी, वंशज

3. निम्नलिखित के संधि-विच्छेद करें
साक्षर, एकांगी, उत्तरार्ध, स्वावलंबन, संस्कृति, बहिष्कार, प्रत्येक, अध्यात्म
उत्तर: साक्षर : स + अक्षर

एकांगी : एक + अंग + ई

उत्तरार्ध : उत्तर + अर्ध

स्वावलंबन : स्व + आत्म + पालन

संस्कृति : सम् + कृ + ति

बहिष्कार : बहि + इस + कार

प्रत्येक : प्रति + एक

आध्यात्म : आद्य + आत्म

10th हिंदी गोधूली के अन्य अध्यायों के Solution भी देखें।

क्रमांक अध्याय
1 श्रम विभाजन एवं जातिप्रथा
2 विष के दाँत
3 भारत से हम क्या सीखें
4 नाखून क्यो बढ़ते हैं
5 नगरी लिपि
6 बहादुर
7 परंपरा का मूल्यांकन
8 जित-जित मैं निरखत हूँ
9 आविन्यों
10 मछली
11 नैबतख़ाने में इबादत

शब्द निधि

प्रतिरोध : विरोध, संघर्ष
उदात्त : उन्नत
उत्तरार्ध : बाद का, परवर्ती आधा भाग
स्थूल : मोटा
जागृति : जागरण
एकांगी : एकपक्षीय
सर्वांगीण : सम्पूर्ण, समग्र
अविभाज्य : अविभक्त, जिसे अलग-अलग न बाँटा जा सके
दस्तकारी : हस्तकौशल, हस्तशिल्प, हाथ की कारीगरी
यांत्रिक : मशीनी, यंत्र पर आधारित
कवायद : ड्रोल, भागदौड़
अग्रदूत : आगे-आगे चलने वाला
दूरगामी : दूर तक जाने वाला
गुजर : निर्वाह, पालन
रक्तरंजित : खून से सना हुआ
दक्षता : कौशल
आत्मोत्सर्ग : खुद को न्योछावर करना, आत्म-त्याग
कूपमंडूक : कुएँ का मेढक, संकीर्ण
हजम : पचना हरगिज : किसी भी हाल में अमल : व्यवहार हृदयांकित : हृदय में अंकित

महात्मा गांधी का संक्षिप्त परिचय :

महात्मा गाँधी, जिन्हें राष्ट्रपिता भी कहा जाता है, का जन्म 2 अक्टूबर 1869 ई० को पोरबंदर, गुजरात में हुआ था। उनके पिता का नाम करमचंद गाँधी और माता का नाम पुतलीबाई था। कम उम्र में उनका विवाह कस्तूरबा से हुआ। शिक्षा के लिए वे लंदन विश्वविद्यालय गए और वकालत की पढ़ाई की। दक्षिण अफ्रीका में उनका प्रवास (1893-1914) स्वतंत्रता और अहिंसा के संघर्ष का प्रारंभिक अनुभव रहा। 1915 में वे भारत लौट आए और स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय हुए। उन्होंने सत्याग्रह और अहिंसा को अपना सबसे प्रभावी हथियार बनाया। गाँधीजी ने स्वराज, स्वदेशी, अछूत उद्धार और सामाजिक समानता के लिए कई आंदोलनों का नेतृत्व किया। उनकी शिक्षा और संस्कृति पर आधारित पुस्तकें, पत्रिकाएँ और उनके विचार आज भी जीवन के लिए प्रेरणादायक हैं। 30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली में उनकी हत्या कर दी गई। उनकी जयंती 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अहिंसा दिवस के रूप में मनाई जाती है।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

नीचे इस अध्याय से संबंधित कुल 40 वस्तुनिष्ठ प्रश्न दिए गए हैं। ये प्रश्न अध्याय के गहन अध्ययन के आधार पर तैयार किए गए हैं तथा इनमें से कई प्रश्न पिछले वर्षों की बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा से भी लिए गए हैं। इन प्रश्नों का अभ्यास करने से आपको परीक्षा की तैयारी में काफी मदद मिलेगी और यह समझने में आसानी होगी कि परीक्षा में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
1. किनके जन्म दिवस को अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है?
(A) महात्मा गाँधी
(B) डॉ० राजेन्द्र प्रसाद
(C) जवाहरलाल नेहरू
(D) बाल गंगाधर तिलक

2. ‘मेरा धर्म कैदखाने का धर्म नहीं है।’ यह पंक्ति किस शीर्षक पाठ की है?
(A) नौबतखाने में इबादत
(B) आविन्यों
(C) शिक्षा और संस्कृति
(D) जित-जित मैं निरखत हूँ

3. महात्मा गाँधी के पिता का नाम क्या था?
(A) करमचंद गाँधी
(B) धरमचंद गाँधी
(C) जयशंकर गाँधी
(D) विद्याशंकर गाँधी

4. ‘शिक्षा और संस्कृति’ किसकी रचना है?
(A) भीमराव अंबेदकर
(B) महात्मा गाँधी
(C) नलिन विलोचन शर्मा
(D) यतीन्द्र मिश्र

5. राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी का जन्म कब हुआ था?
(A) 14 अप्रैल, 1891 ई०
(B) 2 अक्टूबर, 1869 ई०
(C) 6 दिसम्बर, 1823 ई०
(D) 10 नवम्बर, 1891 ई०

6. गाँधीजी का दक्षिण अफ्रीका प्रवास कब से कब तक था?
(A) 1893 ई० से 1914 ई० तक
(B) 1892 ई० से 1913 ई० तक
(C) 1894 ई० से 1914 ई० तक
(D) 1893 ई० से 1913 ई० तक

7. दक्षिण अफ्रीका से गाँधी जी भारत कब लौटे?
(A) 1914 ई० में
(B) 1915 ई० में
(C) 1918 ई० में
(D) 1916 ई० में

8. गाँधीजी का देहांत कब हुआ?
(A) 30 जनवरी, 1945 ई०
(B) 30 जनवरी, 1947 ई०
(C) 26 जनवरी, 1948 ई०
(D) 30 जनवरी, 1948 ई०

9. ‘बापू’ कहकर कृतज्ञ राष्ट्र किन्हे याद करता है?
(A) महात्मा गाँधी को
(B) नेहरू को
(C) अंबेदकर को
(D) सुभाषचन्द्र बोस को

10. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अहिंसा दिवस कब मनाया जाता है?
(A) 14 नवम्बर
(B) 14 अप्रैल
(C) 2 अक्टूबर
(D) 14 अगस्त

11. भारत के ‘राष्ट्रपिता’ किसे कहा जाता है?
(A) महात्मा गाँधी
(B) जवाहरलाल नेहरू
(C) रवीन्द्रनाथ ठाकुर
(D) सुभाषचन्द्र बोस

12. रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने गाँधीजी को क्या कहा?
(A) महात्मा
(B) बापू
(C) राष्ट्रपिता
(D) मोहन दास

13. अंग्रेजों के खिलाफ अहिंसा का पहला प्रयोग गाँधीजी कहाँ किये थे?
(A) लंदन
(B) जापान
(C) दक्षिण अफ्रीका
(D) अमेरिका

14. गाँधीजी द्वारा लिखित पुस्तक है-
(A) हिंद स्वराज
(B) सत्यार्थ प्रकाश
(C) भारत की खोज
(D) इनमें से कोई नहीं

15. महात्मा गाँधी का जन्म कहाँ हुआ था?
(A) चम्पारण, बिहार
(B) बदरघाट, पटना
(C) पोरबंदर, गुजरात
(D) महू, मध्यप्रदेश

16. वकालत की पढ़ाई के लिए गाँधीजी कहाँ गये थे?
(A) दक्षिण अफ्रीका
(B) लंदन
(C) अमेरिका
(D) जापान

17. अहिंसा और सत्याग्रह किनका सबसे बड़ा हथियार था?
(A) अंबेदकर का
(B) सुभाषचन्द्र बोस का
(C) नेहरू का
(D) गाँधीजी का

18. आध्यात्मिक शिक्षा से गाँधी जी का क्या तात्पर्य है?
(A) हृदय की शिक्षा
(B) व्यावहारिक शिक्षा
(C) तकनीकी शिक्षा
(D) कोई नहीं

19. कौन चाहते थे कि सभी देशों की संस्कृति की हवा उनके घर के पास बहती रहे?
(A) राजेन्द्र प्रसाद
(B) नेहरू
(C) महात्मा गाँधी
(D) सरदार पटेल

20. शेक्सपीयर किस भाषा के कवि है?
(A) जर्मन
(B) संस्कृत
(C) ग्रीक
(D) अंग्रेजी

21. टॉल्सटॉय कौन थे?
(A) हिन्दी लेखक
(B) अंग्रेजी लेखक
(C) रूसी लेखक
(D) फ्रेंच लेखक

22. “मेरा धर्म कैदखाने का धर्म नहीं है।” किसका कथन है?
(A) नेहरू जी का
(B) महात्मा गाँधी का
(C) रवीन्द्रनाथ ठाकुर का
(D) मदर टेरेसा का

23. निम्न में से गाँधी जी की पुस्तक है-
(A) देवप्रिया
(B) हिन्द स्वराज
(C) यदा-कदा
(D) ड्योढ़ी पर आलाप

24. शिक्षा से मेरा अभिप्राय यह है कि बच्चे और मनुष्य के शरीर, बुद्धि और आत्मा के सभी उत्तम गुणों को प्रगट किया जाय। पढ़ना-लिखना शिक्षा का अंत तो है ही नहीं; वह आदि भी नहीं है। यह कथन किनका है?
(A) सरदार पटेल
(B) महात्मा गाँधी
(C) नेहरू
(D) राजेन्द्र प्रसाद

25. मैं चाहता हूँ कि सारी शिक्षा किसी दस्तकारी या उद्योगों के द्वारा दी जाए। गद्यांश किस पाठ का है और इसके लेखक कौन हैं?
(A) विष के दाँत – नलिन विलोचन शर्मा
(B) श्रम विभाजन और जाति प्रथा – भीमराव अंबेदकर
(C) भारत से हम क्या सीखे – मैक्समूलर
(D) शिक्षा और संस्कृति – महात्मा गाँधी

26. ‘यंग इंडिया’ पत्रिका का संपादन किनके द्वारा किया गया था?
(A) जवाहरलाल नेहरू
(B) राजेन्द्र प्रसाद
(C) महात्मा गाँधी
(D) अंबेदकर

27. इनमें से किस पत्रिका का संपादन गाँधीजी ने किया था?
(A) हरिजन
(B) विश्व भारती
(C) मनोरमा
(D) आनंद कादंबिनी

28. ‘सत्य के साथ मेरे प्रयोग’ किनकी रचना है?
(A) जवाहरलाल नेहरू
(B) रवीन्द्रनाथ ठाकुर
(C) महात्मा गाँधी
(D) सरदार पटेल

29. महात्मा गाँधी के अनुसार उदात्त व बढ़िया शिक्षा क्या है?
(A) आध्यात्मिक शिक्षा
(B) यांत्रिक शिक्षा
(C) अहिंसक प्रतिरोध
(D) साक्षरता

30. शिक्षा के माध्यम से जीवन-संग्राम में क्या आसान से जीतना सीखना चाहिए?
(A) प्रेम से घृणा को
(B) सत्य से अहिंसा को
(C) कष्ट-सहन से हिंसा को
(D) उपर्युक्त सभी को

[Note] : यदि आप उपयुक्त वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का उत्तर जानना चाहते हैं, तो हमारे WhatsApp Channel या Telegram से अवश्य जुड़े।

"शिक्षा और संस्कृति" की pdf Download करें

निष्कर्ष :

ऊपर आपने बिहार बोर्ड कक्षा 10 की हिन्दी पुस्तक “गोधूली भाग 2” के गद्यखंड के बारहवें अध्याय “शिक्षा और संस्कृति” की व्याख्या, बोध-अभ्यास, महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर और वस्तुनिष्ठ प्रश्नों को पढ़ा। हमें उम्मीद है कि यह सामग्री आपके अध्ययन को और सरल व प्रभावी बनाएगी। यदि किसी प्रश्न या समाधान को लेकर आपके मन में कोई शंका हो, तो आप नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं या सीधे हमसे संपर्क करें। हम आपकी मदद करने की पूरी कोशिश करेंगे। संपर्क करें
Scroll to Top