Bihar Board 10th Maths Ex-14 Ultimate Notes pdf

Bihar Board 10th Maths Ex-14 Ultimate Notes pdf | Free Download करें और टॉप करें!

नमस्ते दोस्तों! क्या आप बिहार बोर्ड कक्षा 10 की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और गणित के चौदहवें अध्याय “सांख्यिकी” (Statistics) को समझने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं? तो अब चिंता की कोई बात नहीं! यहाँ हम आपके लिए लेकर आए हैं Bihar Board Class 10 Mathematics Chapter 14 – सांख्यिकी के बेहतरीन और संपूर्ण Free Notes PDF , जो आपकी परीक्षा की तैयारी को आसान और प्रभावी बनाएंगा।

इन नोट्स को विशेष रूप से बिहार बोर्ड के छात्रों की जरूरतों को ध्यान में रखकर नवीनतम पाठ्यक्रम पर तैयार किया गया है। इसमें अध्याय के सभी महत्वपूर्ण टॉपिक्स जैसे आंकड़ों का संग्रह, प्रस्तुतीकरण, वर्गीकरण, बारंबारता वितरण, केंद्रीय प्रवृत्ति के माप (माध्य, माध्यक, बहुलक), संचयी बारंबारता वितरण और तोरण (Ogive) को सरल और स्पष्ट भाषा में समझाया गया है, ताकि हर छात्र आसानी से इन अवधारणाओं को समझ सके और परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर सके।

अक्सर छात्र गाइड और किताबों के ढेर में उलझ जाते हैं, लेकिन स्मार्ट तैयारी का मतलब है सही और भरोसेमंद स्टडी मटेरियल चुनना है। यही कारण है कि हमारे Bihar Board 10th All Subject Ultimate Notes इतने लोकप्रिय हैं — ये न केवल परीक्षा की दृष्टि से उपयोगी हैं बल्कि पूरे सिलेबस को सरल भाषा में कवर करते हैं। हर विषय के महत्वपूर्ण बिंदु, वस्तुनिष्ठ प्रश्न, परिभाषाएँ और सूत्र एक ही स्थान पर दिए गए हैं, जिससे आपको परीक्षा के समय किताबें बार-बार पलटने की जरूरत नहीं पड़ेती।

सबसे अच्छी बात यह है कि ये सभी उच्च गुणवत्ता वाले Notes पूरी तरह मुफ्त (Free PDF) रूप में उपलब्ध हैं। इन नोट्स की मदद से आप समय बचाकर अधिक अभ्यास कर सकते हैं और परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त कर सकते हैं। हमारा उद्देश्य यही है कि हर छात्र बिना किसी शुल्क के गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री प्राप्त करे और बिहार बोर्ड परीक्षा में सफलता की नई ऊँचाइयाँ हासिल करे।
मैं निकेत कुमार, आपको बिहार बोर्ड (BSEB) कक्षा 10 के गणित विषय के चौदहवें अध्याय “सांख्यिकी” (Statistics) के विस्तृत अध्ययन नोट्स pdf के रूप में प्रस्तुत कर रहा हूँ। ये नोट्स आपको अध्याय को गहराई से समझने और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेंगे। नीचे आपको बिहार बोर्ड कक्षा 10 के चौदहवें अध्याय “सांख्यिकी” का Notes दिया गया है।

Bihar Board 10th Maths Ex-14 Ultimate Note : सांख्यिकी

परिचय (Introduction)

सांख्यिकी गणित की वह शाखा है जो आंकड़ों के संग्रह, प्रस्तुतीकरण, विश्लेषण और व्याख्या से संबंधित है। हमारे दैनिक जीवन में, हमें विभिन्न प्रकार के आंकड़े मिलते हैं, जैसे छात्रों के अंक, शहरों का तापमान, क्रिकेट मैच के स्कोर, आदि। सांख्यिकी हमें इन आंकड़ों को व्यवस्थित तरीके से समझने और उनसे निष्कर्ष निकालने में मदद करती है।

इस अध्याय में, हम मुख्य रूप से वर्गीकृत और अवर्गीकृत आंकड़ों के लिए केंद्रीय प्रवृत्ति के माप (माध्य, माध्यक और बहुलक) और संचयी बारंबारता बंटन एवं तोरण (ओगिव) का अध्ययन करेंगे। बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं के लिए सांख्यिकी का उद्देश्य छात्रों को डेटा को समझना और उसका विश्लेषण करना सिखाना है।

1. आंकड़ों का वर्गीकरण (Classification of Data)

आंकड़े दो प्रकार के होते हैं:

  • अवर्गीकृत आंकड़े (Ungrouped Data): मूल रूप में दिए गए आँकड़े, जैसे 5, 8, 12, 3, 9।
  • वर्गीकृत आंकड़े (Grouped Data): आँकड़े जिन्हें वर्गों/अंतरालों में व्यवस्थित किया जाता है, जैसे 0–10, 10–20, 20–30।
महत्वपूर्ण परिभाषाएँ:
  • वर्ग अंतराल (Class Interval): उदाहरण: 0–10, 10–20।
  • वर्ग चिह्न (Class Mark): (निचली सीमा + ऊपरी सीमा) / 2।
  • बारंबारता (Frequency): उस वर्ग में आने वाले प्रेक्षणों की संख्या।

2. केंद्रीय प्रवृत्ति के माप (Measures of Central Tendency)

केंद्रीय प्रवृत्ति के माप वे मान होते हैं जो आंकड़ों के केन्द्र को दर्शाते हैं। कक्षा 10 में तीन मुख्य माप:

  • माध्य (Mean)
  • माध्यक (Median)
  • बहुलक (Mode)

2.1 माध्य (Mean)

अवर्गीकृत आंकड़ों के लिए:

माध्य = (सभी प्रेक्षणों का योग) ÷ (कुल प्रेक्षणों की संख्या)

वर्गीकृत आंकड़ों के लिए (तीन विधियाँ):

  1. प्रत्यक्ष विधि (Direct Method):
    माध्य = (f × x का योग) ÷ (f का योग)
    जहाँ f = बारंबारता और x = वर्ग चिह्न।
  2. कल्पित माध्य विधि (Assumed Mean Method):
    माध्य = कल्पित माध्य + (f × d का योग ÷ f का योग)
    जहाँ A = कल्पित माध्य और d = (x – A)।
  3. पग विचलन विधि (Step-Deviation Method):
    माध्य = A + (f × u का योग ÷ f का योग) × h
    जहाँ h = वर्ग की चौड़ाई (class width) और u = (x – A) ÷ h।

2.2 बहुलक (Mode)

अवर्गीकृत डेटा: सबसे अधिक बार आने वाला मान। उदाहरण: 2, 3, 5, 2, 7, 2 में बहुलक = 2।

वर्गीकृत डेटा के लिए सूत्र:

बहुलक (Mo) = L + [(f₁ – f₀) / (2f₁ – f₀ – f₂)] × h

जहाँ, L = बहुलक वर्ग की निचली सीमा, h = वर्ग माप, f₁ = बहुलक वर्ग की बारंबारता, f₀ = पहले वर्ग की बारंबारता, f₂ = अगले वर्ग की बारंबारता।

2.3 माध्यक (Median)

अवर्गीकृत आंकड़ों के लिए:

  • आँकड़ों को आरोही या अवरोही क्रम में लगाइए। कुल प्रेक्षण = n।
  • यदि n विषम हो → माध्यक = (n + 1) ÷ 2 वाँ प्रेक्षण।
  • यदि n सम हो → माध्यक = n/2वें और (n/2 + 1)वें प्रेक्षण का औसत।

वर्गीकृत आंकड़ों के लिए सूत्र:

माध्यक (Me) = L + [(n/2 – cf) / f] × h

जहाँ L = माध्यक वर्ग की निचली सीमा, cf = उस वर्ग से पहले की संचयी बारंबारता, f = माध्यक वर्ग की बारंबारता, h = वर्ग माप।

आनुभविक संबंध (Empirical Relation):
3 × माध्यक = बहुलक + 2 × माध्य

3. संचयी बारंबारता बंटन (Cumulative Frequency Distribution)

संचयी बारंबारता किसी सीमा तक (या उससे अधिक) आए हुए प्रेक्षणों का संचयी योग है।

  • ‘से कम’ प्रकार (Less Than): प्रत्येक वर्ग की ऊपरी सीमा तक के प्रेक्षणों का संचयी योग (उदा. ’10 से कम’, ’20 से कम’)।
  • ‘से अधिक’ प्रकार (More Than): प्रत्येक वर्ग की निचली सीमा से ऊपर के प्रेक्षणों का संचयी योग (उदा. ‘0 से अधिक’, ’10 से अधिक’)।

4. तोरण (Ogive)

संचयी बारंबारता वक्र को तोरण कहते हैं। ‘से कम’ और ‘से अधिक’ प्रकार के तोरण बनाये जाते हैं।

माध्यक का आलेखीय निर्धारण (Graphical Determination of Median):

यदि एक ही ग्राफ पर ‘से कम’ और ‘से अधिक’ तोरण खींचें, तो उनका प्रतिच्छेदन बिंदु का x-निर्देशांक माध्यक देता है।

महत्वपूर्ण टिप्स (Important Tips)

  • सूत्रों को अच्छी तरह याद करें और समझें कि वे कहाँ लागू होते हैं।
  • गणना करने का अभ्यास करें — विशेषकर वर्गीकृत तालिकाओं पर।
  • ग्राफ बनाते समय सही स्केल का उपयोग करें और अक्षों का लेबल दें।
  • माध्य, माध्यक और बहुलक को अलग-अलग उदाहरणों पर अभ्यास करें ताकि उनका अंतर स्पष्ट हो।
  • BSEB पाठ्यपुस्तक और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों से प्रश्न हल करें।

अध्याय 14 सांख्यिकी का pdf

बिहार बोर्ड कक्षा 10 के अन्य अध्यायों के Notes pdf Download करें।

क्र. सं. अध्याय का नाम
1 वास्तविक संख्याएँ
2 बहुपद
3 दो चरों वाले रैखिक समीकरण युग्म
4 द्विघात समीकरण
5 समांतर श्रेढ़ियाँ
6 त्रिभुज
7 निर्देशांक ज्यामिति
8 त्रिकोणमिति का परिचय
9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग
10 वृत्त
11 रचनाएँ
12 वृत्त से संबंधित क्षेत्रफल
13 पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन
15 प्रायिकता

Notes क्या होते हैं और क्यों आवश्यक होते हैं?

कई छात्रों के मन में यह सवाल आता है कि आखिर किसी विषय का Notes क्या होता है? चलिए इसे सरल शब्दों में समझते हैं। Notes किसी भी विषय का संक्षिप्त और आसान सारांश होते हैं — यानी ऐसे पन्ने या कॉपी जिनमें किसी अध्याय की मुख्य बातें, महत्वपूर्ण परिभाषाएँ, सूत्र, उदाहरण और अवधारणाएँ छोटे-छोटे बिंदुओं में लिखी जाती हैं। Notes की आवश्यकता यह होती है कि छात्र कम समय में पूरे विषय को दोहरा सकें और कठिन टॉपिक को आसानी से समझ सकें।

अनेक शिक्षकों के अनुसार, Notes एक ऐसा संक्षिप्त लेखन होता है जो पढ़ाई और परीक्षा दोनों के लिए सहायक होता है। अच्छे Notes की मदद से छात्रों को बार-बार पूरी किताब पढ़ने की ज़रूरत नहीं पड़ती क्योंकि इनमें वही बातें शामिल होती हैं जो परीक्षा की दृष्टि से सबसे ज़्यादा जरूरी होती हैं।
जब छात्र स्वयं Notes तैयार करते हैं, तो वे केवल याद नहीं कर रहे होते बल्कि विषय को गहराई से समझ रहे होते हैं। इस प्रक्रिया से ज्ञान लंबे समय तक याद रहता है और आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

Bihar Board Class 10 का हमारे Notes कैसे तैयार किए गए हैं?

सारांश (Conclusion)

हम आशा हैं कि हमारे द्वारा तैयार किए गए Bihar Board 10th Maths Ex-14 Ultimate Notes pdf आपके अध्ययन में मददगार सिद्ध होगा। यह Note न केवल परीक्षा की दृष्टि से उपयोगी हैं, बल्कि इस विषय की गहराई से समझ विकसित करने में भी मदद करता हैं। इस Note को सरल भाषा, स्पष्ट व्याख्या, महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर और उदाहरणों के साथ प्रस्तुत किया गया है ताकि हर छात्र आत्मविश्वास के साथ परीक्षा की तैयारी कर सके।
यदि आप Bihar Board Class 10 के विद्यार्थी हैं, तो ये Notes आपके लिए एक complete study material की तरह काम करेंगे। अब आपको अलग-अलग किताबें खोजने की ज़रूरत नहीं — बस इन Free Notes को Download करें, पढ़ें और अपने लक्ष्य की ओर एक कदम और बढ़ाएँ।
BSEBsolution.in का यही उद्देश्य है कि हर छात्र को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री निःशुल्क प्राप्त हो।

Scroll to Top