BSEB 10th Hindi Godhuli Exercise-2 Solution "विष के दाँत" and Objectives
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"विष के दाँत" की मुख्य बातें
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भीमराव अंबेडकर का संक्षिप्त परिचय
| अध्याय – 2 | विष के दाँत |
|---|---|
| पूरा नाम | नलिन विलोचन शर्मा |
| जन्म | 18 फरवरी 1916 ई० |
| जन्म स्थान | बदरघाट, पटना |
| मृत्यु | 12 सितंबर 1961 ई० |
| माता-पिता | पं० रामावतार शर्मा (पिता), रत्नावती शर्मा (माता) |
| शिक्षा | पटना विश्वविद्यालय से संस्कृत और हिंदी में एम० ए० |
| पेशा | प्राध्यापक, साहित्यकार, आलोचक |
| प्रमुख पद | 1959 से मृत्युपर्यंत पटना विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष |
| प्रमुख रचनाएँ | दृष्टिकोण, साहित्य का इतिहास दर्शन, मानदंड, हिंदी उपन्यास विशेषतः प्रेमचंद, साहित्य तत्त्व और आलोचना, विष के दाँत, नकेन के प्रपद्य, नकेन दो आदि |
| रचनात्मक विशेषता | प्रपद्यवाद के प्रवर्तक, प्रयोगवाद के समर्थक, आधुनिक आलोचना शैली, मनोवैज्ञानिक कहानियाँ |
| सम्मान/योगदान | हिंदी साहित्य में प्रयोगवाद और प्रपद्यवाद की नींव रखी, आलोचना भाषा में नवीनता |
बोध और अभ्यास प्रश्न
पाठ के साथ
(क) लड़कियाँ क्या हैं, कठपुतलियाँ हैं और उनके माता-पिता को इस बात का गर्व है।
(ख) खोखा के दुर्ललित स्वभाव के अनुसार ही सेनों ने सिद्धांतों को भी बदल लिया था ।
(ग) ऐसे ही लड़के आगे चलकर गुंडे, चोर और डाकू बनते हैं।
(घ) हंस कौओं की जमात में शामिल होने के लिए ललक गया ।
(ख) यह पंक्ति ‘विष के दाँत’ कहानी से ली गई है। इसका संबंध सेन दंपत्ति के लाड़ले बेटे खोखा से है। खोखा बुढ़ापे की संतान था और इस कारण वह परिवार का सबसे प्रिय सदस्य बन गया था। उसके स्वभाव में दुर्ललितता (अत्यधिक लाड़-प्यार में बिगड़ापन) साफ झलकता था। उसे शरारत और अनुशासनहीनता की पूरी छूट मिली हुई थी। उसकी गलतियों को भी माता-पिता सही ठहराते थे। इतना ही नहीं, उसकी शिक्षा की व्यवस्था भी उसके स्वभाव को ध्यान में रखकर की गई थी—उसे इंजीनियर बनाने के लिए कारखाने से बढ़ई-मिस्त्री बुलाकर औजारों से खेलने की ट्रेनिंग दी जाती थी। इस प्रकार स्पष्ट है कि खोखा के स्वभाव के अनुसार ही सेनों ने अपने सिद्धांत और नियम बदल लिए थे।
(ग) यह पंक्ति ‘विष के दाँत’ कहानी से ली गई है और यह प्रसंग गिरधारी के बेटे मदन से जुड़ा है। एक बार मदन ने सेन साहब की मोटर को छू लिया था। ड्राइवर ने उसे रोका और धक्का दे दिया जिससे उसका घुटना फूट गया। जब इसकी चर्चा सेन साहब से हुई तो वे क्रोधित होकर गिरधारी को बुलाकर समझाने लगे कि उसका बेटा बहुत शरारती हो गया है और आगे चलकर यही शरारत उसे गुण्डा, चोर और डाकू बना देगी।
इन पंक्तियों में सेन साहब के दोहरे चरित्र की झलक मिलती है। वे अपने बेटे खोखा की अनुशासनहीनता को अनदेखा कर उसे इंजीनियर बनाने का सपना देखते हैं, जबकि निर्धन गिरधारी के बेटे की मामूली शरारत को भी कुलनाशक प्रवृत्ति मानते हैं। इस प्रकार लेखक ने समाज में व्याप्त वर्गभेद और अमीर-गरीब के प्रति दोहरे व्यवहार को रेखांकित किया है।
(घ) यह पंक्ति ‘विष के दाँत’ कहानी से ली गई है। इसका संबंध खोखा और मदन के प्रसंग से है। एक दिन खोखा बँगले के अहाते से निकलकर गली में पहुँचा, जहाँ मदन अपने साथियों के साथ लट्टू खेल रहा था। यह दृश्य देखकर खोखा भी उनके साथ खेलने को लालायित हो उठा। यहाँ खोखा ‘हंस’ का प्रतीक है क्योंकि वह अमीर परिवार का बेटा था, जबकि मदन और उसके साथी ‘कौए’ कहे गए हैं क्योंकि वे गरीब और निम्नवर्गीय थे। खोखा का उनके खेल में शामिल होने का उत्साह यह दर्शाता है कि अमीर वर्ग का बच्चा भी गरीब बच्चों के खेल और जीवन की ओर आकर्षित होता है। किंतु वर्गभेद और सामाजिक असमानता के कारण खोखा को वहाँ स्वीकार नहीं किया गया।
इससे पहले कि पत्रकार महोदय उत्तर देते, सेन साहब बीच में बोल पड़े— “मैं तो खोखा को इंजीनियर बनाने जा रहा हूँ,” और वे अपनी ही बातें बार-बार दुहराते रहे। पत्रकार महोदय चुपचाप मुस्कुराते रहे। जब उनसे दोबारा पूछा गया कि वे अपने बेटे को क्या बनाना चाहते हैं, तो उन्होंने उत्तर दिया—
“मैं चाहता हूँ कि वह सज्जन (जेंटलमैन) बने और जो कुछ भी बने, उसकी इच्छा और काम के अनुसार पूरी आज़ादी रहे।”
पत्रकार मित्र का यह शिष्ट लेकिन प्रच्छन्न व्यंग्य सुनकर सेन साहब असहज होकर रह गए।
लेकिन जब मदन ने काशू के अहंकार का जवाब देते हुए उसके दाँत तोड़ दिए, तो गिरधर ने उसे दंडित करने के बजाय अपनी छाती से लगा लिया। इसका कारण यह था कि जो काम गिरधर स्वयं नहीं कर पाया, वह उसका पुत्र मदन करके दिखा गया। मदन ने शोषण, अत्याचार और अन्याय के विरुद्ध साहस और प्रतिशोध का प्रदर्शन किया। उसकी निर्भीकता और हिम्मत देखकर गिरधर गर्व और उल्लास से भर गया और उसे गले लगा लिया।
सेन साहब – कहानी के प्रमुख पात्र हैं। उन्होंने हाल ही में एक नई गाड़ी खरीदी है और इसलिए गाड़ी की सुरक्षा को लेकर बहुत सतर्क रहते हैं। सेन साहब दिखावटी और सामंती मानसिकता वाले व्यक्ति हैं। अपने बेटे काशू के संबंध में अतिशय लाड़-प्यार करते हैं और दूसरों के बच्चों की प्रशंसा पसंद नहीं करते।
मदन – गिरधर का बेटा है। साहसी, निर्भीक और शरारती है। बाल-सुलभ शरारतें करने में वह माहिर है। जब काशू उससे झगड़ता है, तो वह भी बिना डर अपने तरीके से जवाब देता है।
काशू (खोखा) – सेन साहब का एकमात्र पुत्र है। बहुत लाड़-प्यार में बड़ा हुआ और बिगड़ा हुआ है। शरारत करने में पारंगत है। कहानी का नायक भी वही है।
गिरधर – सेन साहब की फैक्ट्री में काम करने वाला एक ईमानदार और सरल कर्मचारी है। अपने बेटे मदन के प्रति स्नेही और धैर्यवान है। सेन साहब के गुस्से को वह सहन करता है और जरूरत पड़ने पर मदन को अनुशासन सिखाता है।
कहानी में एक दिन सेन साहब अपने मित्रों और पत्रकार के साथ ड्राइंग रूम में बैठे हैं। चर्चा के क्रम में सेन साहब अपने पुत्र खोखा के बारे में बताते हैं कि वह उसे इंजीनियर बनाना चाहते हैं। उनके व्यवहार से यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने अपने पुत्र के लिए विशेष नियम बनाए हैं।
उसी अहाते में गिरधर लाल और उसका पुत्र मदन रहते हैं। मदन का स्वभाव साहसी और निर्भीक है। एक दिन गाड़ी गंदी होने पर सेन साहब ने गिरधर को बुलाकर डाँटा और परिणामस्वरूप मदन को भी डाँट और मार सहना पड़ा। अगले दिन खेलते समय खोखा ने मदन से लटू माँगी, जब वह नहीं मिला तो खोखा ने मदन पर चूंसा चलाया, और बदले में मदन ने भी घूसा लगाया। इस झगड़े में काशू के दो दाँत टूट गए, जिन्हें लेखक ने कहानी में “विष के दाँत” के रूप में चित्रित किया है।
कहानी अमीर-गरीब के बीच असमानता, लाड़-प्यार में बिगड़े बच्चों और सामाजिक भेदभाव को उजागर करती है, साथ ही बच्चों की साहस और विद्रोह की भावना को भी प्रदर्शित करती है।
भाषा की बात
1.
कहानी से मुहावरे चुनकर उनके स्वतंत्र वाक्य प्रयोग करें ।
उत्तर:
आँखो का तारा : सबसे प्यारा होना – मोहन अपने माता-पिता के आँखो का तारा होना।
जीती-जागती मूरत
: वास्तविक रूप – सेन साहब की पुत्री तहज़ीब और तमीज में जीती जागती मूरत है।
किलकारी मारना
: आनंद प्रकट करना – राम के घर में खुशी का माहौल था, सब किलकारी मार रहे थे।
2. कहानी से विदेशज शब्द चुनें और उनका स्रोत निर्देश करें ।
उत्तर: कहानी में उपलब्ध विदेशज शब्द निम्न हैं:
- लॉन – अंग्रेजी
- ट्रेंड – अंग्रेजी
- सोसायटी – अंग्रेजी
- तहजीब – उर्दू, फारसी
- वाकिफ – उर्दू, फारसी
- हैसियत – उर्दू, फारसी
- अदब – उर्दू, फारसी
- रुखसत – उर्दू, फारसी
3.
कहानी से पाँच मिश्र वाक्य चुनें ।
उत्तर:
(i) उन्हें सिखाया गया है कि ये बातें उनकी सेहत के लिए जरूरी है।
(ii) सेनों का कहना था कि खोखा आखिर अपने बाप का बेटा ठहरा।
(iii) औरत के पास एक बच्चा खड़ा था, जिसे वह रोकने की कोशिश कर रही थी।
(iv) मैंने मना किया तो कहने लगा कहने जा-जा।
4. वाक्य-भेद स्पष्ट कीजिए
(क) इसके पहले कि पत्रकार महोदय कुछ जवाब देते, सेन साहब ने शुरू किया- मैं तो खोखा को इंजीनियर बनाने जा रहा हूँ।
(ख) पत्रकार महोदय चुप मुस्कुराते रहे ।
(ग) ठीक इसी वक्त मोटर के पीछे खट-खट की आवाज सुनकर सेन साहब लपके, शोफर भी दौड़ा ।
(घ) ड्राइवर, जरा दूसरे चक्कों को भी देख लो और पंप ले आकर हवा भर दो ।
उत्तर:
(क) मिश्र वाक्य
(ख) सरल वाक्य
(ग) संयुक्त वाक्य
(घ) संयुक्त वाक्य
10th हिंदी गोधूली के अन्य अध्यायों के Solution भी देखें।
| क्रमांक | अध्याय |
|---|---|
| 1 | श्रम विभाजन एवं जातिप्रथा |
| 3 | भारत से हम क्या सीखें |
| 4 | नाखून क्यो बढ़ते हैं |
| 5 | नगरी लिपि |
| 6 | बहादुर |
| 7 | परंपरा का मूल्यांकन |
| 8 | जित-जित मैं निरखत हूँ |
| 9 | आविन्यों |
| 10 | मछली |
| 11 | नैबतख़ाने में इबादत |
| 12 | शिक्षा और संस्कृति |
शब्द निधि
तहजीब : सभ्यता; शोफर : ड्राइवर
शामत : दुर्भाग्य; सख्त : कड़ा, कठोर
ताकीद : कोई बात जोर देकर कहना, चेतावनी; खोखा-खोखी : बच्चा-बच्ची (बाँग्ला)
फटकना : निकट आना; तमीज : विवेक, बुद्धि, शिष्टता
तालीम : शिक्षा; सोसाइटी : शिष्ट समाज, भद्रलोक
रश्क : ईर्ष्या; ताल्लुक : संबंध
हकीकत : सच्चाई, वास्तविकता; आविर्भाव : उत्पत्ति, प्रकट होना
दुर्ललित : लाड़-प्यार में बिगड़ा हुआ; ट्रेंड : प्रशिक्षित
दूरंदेशी : दूरदर्शिता, समझदारी; फरमाना : आग्रहपूर्वक कहना
फिजूल : फालतू, व्यर्थ; वाकिफ : परिचित
वाकया : घटना; हैसियत : स्तर, प्रतिष्ठा, सामर्थ्य, औकात
अखबारनवीस : पत्रकार; प्रच्छन्न : छिपा हुआ, गुप्त, अप्रकट
अदब : शिष्टता, सभ्यता; हिकमत : कौशल, योग्यता
रुखसत : विदाई; बेलौस : निःस्वार्थ
बेयरा : खाना खिलाने वाला सेवक; चीत्कार : क्रंदन, आर्त्त होकर चीखना
शयनागार : शयनकक्ष, सोने का कमरा; खलल : विघ्न, बाधा, व्यवधान
कातर : आर्त्त; खैरियत : कुशलक्षेम
बेढब : बेतरीका, अनगढ़; उज्र : आपत्ति
मजाल : ताकत, हिम्मत, साहस; अक्ल : बुद्धि
दुर्दमनीय : मुश्किल से जिसका दमन किया जा सके; निष्ठुरता : क्रूर निर्ममता
नलिन विलोचन शर्मा का संक्षिप्त परिचय :
नलिन विलोचन शर्मा का जन्म 18 फ़रवरी 1916 ई० में पटना के बदरघाट में हुआ। वे जन्मना भोजपुरी भाषी थे। इनके पिता महामहोपाध्याय पं० रामावतार शर्मा संस्कृत और दर्शन के प्रख्यात विद्वान थे। नलिन जी ने पटना विश्वविद्यालय से संस्कृत और हिंदी में एम०ए० किया। उन्होंने आरा के हरप्रसाद दास जैन कॉलेज, राँची विश्वविद्यालय तथा अंत में पटना विश्वविद्यालय में अध्यापन किया। 1959 ई० में वे पटना विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यक्ष बने और 12 सितंबर 1961 ई० को निधन तक इस पद पर रहे।वे हिंदी कविता में प्रपद्यवाद के प्रवर्तक और आलोचना की नई शैली के समर्थक माने जाते हैं। उनकी रचनाओं में दृष्टिकोण, साहित्य का इतिहास दर्शन, मानदंड, हिंदी उपन्यास विशेषतः प्रेमचंद, विष के दाँत प्रमुख हैं।
उनकी आलोचना की भाषा सघन, संकेतात्मक और आधुनिक दृष्टि से युक्त है। वे कथ्य, शिल्प और भाषा – सभी स्तरों पर नवीनता के समर्थक थे। हिंदी साहित्य में उन्हें एक प्रयोगशील कवि, कथाकार और आधुनिक आलोचक के रूप में विशेष स्थान प्राप्त है।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
(A) निबंध
(B) कहानी
(C) रेखाचित्र
(D) डायरी
2. मदन के लिए क्या खाना मामूली बात थी?
(A) दुत्कार
(B) प्यार
(C) मार
(D) फटकार
3. नलिन विलोचन शर्मा द्वारा लिखित कहानी निम्न में कौन है?
(A) मछली
(B) अक्षरों की कहानी
(C) विष के दाँत
(D) भारतीय लिपियों की कहानी
4. नलिन विलोचन शर्मा का जन्म ई० में हुआ।
(A) 1914
(B) 1915
(C) 1916
(D) 1917
5. नलिन विलोचन शर्मा का जन्म कहाँ हुआ था?
(A) सिमरिया
(B) बलिया
(C) उन्नाव
(D) पटना
6. गिरधरलाल का बेटा है-
(A) खोखा
(B) काशू
(C) मदन
(D) आलो
7. खोखा किस कहानी का पात्र है?
(A) विष के दाँत
(B) बहादुर
(C) मछली
(D) नाखून क्यों बढ़ते हैं
8. ‘मदन’ किसका बेटा है?
(A) सेन साहब का
(B) गिरधर लाल का
(C) शोफर का
(D) अखबारनवीस का
9. सेन साहब की कितनी लड़कियाँ थीं?
(A) दो
(B) तीन
(C) चार
(D) पाँच
10. सीमा, रजनी, आलो, शेफाली, आरती पाँचों किनकी बेटियाँ हैं?
(A) गिरधरलाल की
(B) शोफर की
(C) सेन साहब की
(D) पत्रकार महोदय की
11. नाउम्मीद बुढ़ापे की आँखों का तारा है—
(A) मदन
(B) खोखा
(C) रजनी
(D) शेफाली
12. किसके अनुसार सेनों ने सिद्धांतों को भी बदल लिया था?
(A) बेटियों के अनुसार
(B) खोखा के अनुसार
(C) मदन के अनुसार
(D) गिरधर के अनुसार
13. खोखा के दाँत किसने तोड़े?
(A) मदन ने
(B) मदन के दोस्त ने
(C) सेन साहब ने
(D) गिरधर ने
14. सेन साहब की कार की कीमत है—
(A) साढ़े सात हजार
(B) साढ़े आठ हजार
(C) साढ़े नौ हजार
(D) साढ़े सात लाख
15. सेन साहब की आँखों का तारा है—
(A) कार
(B) खोखा
(C) खोखी
(D) उपर्युक्त सभी
16. ‘मोटर को कोई खतरा हो सकता है, तो से’।
(A) खोखा
(B) मदन
(C) सीमा
(D) शेफाली
17. “ऐसे ही लड़के आगे चलकर गुण्डे, चोर, डाकू बनते हैं!” यह पंक्ति कहानी के किस पात्र ने कही है?
(A) सेन साहब की धर्मपत्नी
(B) गिरधर
(C) सेन साहब
(D) शोफर
18. गिरधरलाल, सेन साहब की फैक्टरी में क्या था?
(A) किरानी
(B) ड्राइवर
(C) एकाउन्टेन्ट
(D) इनमें से कोई नहीं
19. हिन्दी कविता में प्रपद्यवाद के प्रवर्तक कौन हैं?
(A) मैक्समूलर
(B) नलिन विलोचन शर्मा
(C) अशोक वाजपेयी
(D) अमरकांत
20. किनकी लड़कियाँ तहजीब और तमीज की जीती-जागती मूरत हैं?
(A) गिरधरलाल की
(B) डॉक्टर साहब की
(C) सेन साहब की
(D) इंजीनियर साहब की
21. सीमा, रजनी, आलो, शेफाली, आरती-पाँचों किनकी बहने थीं?
(A) मदन की
(B) खोखा की
(C) लेखक की
(D) सेन साहब की
22. झोपड़ी और महल की लड़ाई में अक्सर कौन जीतते हैं?
(A) महल वाले
(B) झोपड़ी वाले
(C) दोनों
(D) कोई नहीं
23. कौन-सी कहानी मध्यवर्ग के अंतर्विरोधों को उजागर करती है?
(A) श्रम विभाजन और जाति प्रथा
(B) नाखून क्यों बढ़ते हैं
(C) विष के दांत
(D) नागरी लिपि
24. दर्शन और संस्कृत के प्रख्यात विद्वान महामहोपाध्याय पं० रामावतार शर्मा के ज्येष्ठ पुत्र थे—
(A) भीमराव अंबेदकर
(B) नलिन विलोचन शर्मा
(C) हजारी प्रसाद द्विवेदी
(D) यतीन्द्र मिश्र
25. मध्यवर्ग के अनेक अंतर्विरोधों को उजागर करने वाली कहानी है—
(A) श्रम विभाजन और जाति प्रथा
(B) भारत से हम क्या सीखे
(C) नागरी लिपि
(D) विष के दांत
26. विष के दांत कहानी का प्रमुख पात्र है—
(A) गिरधर
(B) सेन साहब
(C) खोखा
(D) सेन साहब की पत्नी
27. काशू और मदन की लड़ाई के संबंध में लेखक क्या कहता है?
(A) हड्डी और मांस की लड़ाई
(B) बँगले के पिल्ले और गली के कुत्ते की लड़ाई
(C) उपर्युक्त दोनों
(D) इनमें से कोई नहीं
28. खोखा के दाँत तोड़ने के बाद गिरधर लाल मदन को क्या करता है?
(A) गुस्सा करता है
(B) पिटाई करता है
(C) लपककर मदन को हाथों से उठा लेता है
(D) घर से भगा देता है
29. सेन साहब के दूर के रिश्तेदार थे—
(A) गिरधर लाल
(B) मुकर्जी साहब
(C) शोफर
(D) अखबारनवीस
30. नलिन विलोचन शर्मा की स्कूल की पढ़ाई कहाँ से हुई थी?
(A) पटना कॉलेजिएट स्कूल
(B) पटना हाइस्कूल
(C) बी० एन० कॉलेजिएट स्कूल
(D) टी० के० घोष हाइ स्कूल
31. नलिन विलोचन शर्मा प्राध्यापक रहे हैं–
(A) हर प्रसाद दास जैन कॉलेज आरा के
(B) राँची विश्वविद्यालय के
(C) पटना विश्वविद्यालय के
(D) उपर्युक्त सभी के
32. काली चमकती हुई स्ट्रीमल इंड नई मोटर कार थी-
(A) इंजीनियर साहब की
(B) अखबार नवीस की
(C) पत्रकार महोदय की
(D) सेन साहब की
33. मदन खोखा के कितने दाँत तोड़ डाले?
(A) एक
(B) दो
(C) तीन
(D) चार
34. ‘विष के दाँत’ कहानी में मोटरकार किसकी थी?
(A) गिरधर की
(B) सेन साहब की
(C) मदन की
(D) शोफर की
35. लड़कियाँ तो पाँचों बड़ी सुशील हैं, पाँच-पाँच ठहरी और सो भी लड़कियाँ, तहजीव और तमीज की तो जीती-जागती मूरत ही हैं। उपर्युक्त गद्यांश किस पाठ का है?
(A) नाखून क्यों बढ़ते हैं
(B) नौबतखाने में इवादत
(C) विष के दाँत
(D) परंपरा का मूल्यांकन
36. सेन साहब की नई मोटरकार किस रंग की थी?
(A) सफेद
(B) काली
(C) नीली
(D) लाल
37. महल और झोपड़ीवालों की लड़ाई में अक्सर महलवाले ही जीतते हैं। इस गद्यांश के लेखक कौन हैं?
(A) महात्मा गाँधी
(B) अमरकांत
(C) नलिन विलोचन शर्मा
(D) अशोक वाजपेयी
38. ‘विष के दाँत’ कहानी किस वर्ग के अनेक अंतरविरोधों को उजागर करती है?
(A) उच्च वर्ग
(B) मध्य वर्ग
(C) निम्न वर्ग
(D) शोषित वर्ग
39. सेन साहब की नई मोटरकार की पिछली बत्ती का लाल शीशा किसने चकनाचूर किया था?
(A) मदन
(B) काशू
(C) शोफर
(D) इनमें से कोई नहीं
40. खोखा जीवन के नियम का अपवाद था और यह अस्वाभाविक नहीं था कि वह घर के नियमों का भी अपवाद हो। यह गद्यांश किस पाठ का है?
(A) विष के दाँत
(B) शिक्षा और संस्कृति
(C) बहादुर
(D) मछली