BSEB 10th Hindi Godhuli Exercise-8 Solution "जित जित मैं निखरत हूँ" and pdf
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"जित जित मैं निखरत हूँ" की मुख्य बातें
उनका व्यक्तित्व सरल, सहज, हँसमुख और मिलनसार बताया गया है। बाहरी रूप से साधारण दिखने वाला यह कलाकार मंच पर आते ही ऊर्जा, लोच और अभिव्यक्ति से भर उठता है। उनमें लखनऊ घराने की सात पीढ़ियों की परंपरा का सौंदर्य सजीव रूप में दिखाई देता है। पाठ में उनकी शिष्या रश्मि वाजपेयी के साथ हुई बातचीत के माध्यम से उनके जीवन के अंतरंग पक्ष उभरते हैं। इसमें बचपन की सीख, कठिन परिस्थितियाँ, काव्य–रचनाएँ, कला के प्रति समर्पण और उनका संवेदनशील हृदय उजागर होता है। पाठ यह संदेश देता है कि सच्ची कला केवल अभ्यास से नहीं, बल्कि विनम्रता, संवेदना और निरंतर साधना से पूर्ण होती है।
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पंडित बिरजू महाराज का संक्षिप्त परिचय
| अध्याय – 8 | जित जित मैं निरखत हूँ |
|---|---|
| पूरा नाम | पंडित बिरजू महाराज |
| घराना / परंपरा | लखनऊ घराना, कथक की सातवीं पीढ़ी |
| विशेष पहचान | कथक नृत्य के पर्याय, परंपरा और नव सृजन के मिश्रण के धरोहर |
| स्वभाव / व्यक्तित्व | सौम्य, हँसमुख, मिलनसार, सहज और निष्कपट |
| सर्जनात्मक योगदान | कथक को नए आयाम देना, शास्त्रीय कला को समकालीनता से जोड़ना |
| नृत्य शैली की विशेषता | लोच, फुर्ती, हल्कापन और सौंदर्य की जीवंत अभिव्यक्ति |
| महत्वपूर्ण साक्षात्कार | ‘नटरंग’ पत्रिका की संपादक रश्मि वाजपेयी से वार्ता |
| अन्य विशेष तथ्य | उनकी दो काव्य रचनाएँ पाठ में समाहित हैं |
बोध और अभ्यास प्रश्न
पाठ के साथ
(क) पाँच सौ रुपए देकर मैंने गण्डा बँधवाया ।
(ख) मैं कोई चीज चुराता नहीं हूँ कि अपने बेटे के लिए ये रखना है, उसको सिखाना है ।
(ग) मैं तो बेचारा उसका असिस्टेंट हूँ । उस नाचने वाले का ।
(ख) इस पंक्ति में बिरजू महाराज की उदारता और शिष्य-प्रियता झलकती है। वे शिष्यों के साथ समान व्यवहार करते थे और किसी को कुछ सिखाने में पक्षपात नहीं करते थे। उन्होंने अपने पुत्र या अन्य शिष्यों के बीच कोई भेदभाव नहीं रखा। कला को साझा करना और शिष्य की प्रगति के प्रति उनकी निष्ठा इस पंक्ति में स्पष्ट है।
(ग) इस पंक्ति में बिरजू महाराज अपने को नृत्य के सहायक के रूप में प्रस्तुत करते हैं। दर्शकों का प्यार और प्रशंसा न उनके लिए है, बल्कि उनके नृत्य के लिए है। वे मानते हैं कि कला सर्वोपरि है और सम्मान उस गुण या कला को मिलता है। महाराज स्वयं इसे साधारण मानते हैं और अपनी भूमिका केवल सहायक की बताते हैं।
भाषा की बात
1.
काल रचना स्पष्ट करें
(क) ये शायद 43 की बात रही होगी ।
(ख) यह हाल अभी भी है ।
(ग) उस उम्र में न जाने क्या नाचा रहा होऊँगा ।
(घ) अब पचास रुपए में रिक्शे पर खर्च करता तो क्या बचता, और ट्यूशन में नागा हो तो पैसा अलग काट लेते थे ।
(ङ) पचास रुपए में काम करके किसी तरह पढ़ता रहा मैं ।
उत्तर:
(क) भूतकाल (अनुमानसूचक भूतकाल)
व्याख्या: यहाँ अतीत की घटना का अनुमान लगाया गया है — “रही होगी” से अनुमान व्यक्त हो रहा है।
(ख) सामान्य वर्तमान काल
व्याख्या: “अभी भी है” वर्तमान में चल रही अथवा स्थायी स्थिति को दर्शाता है।
(ग) अनुमानसूचक भूतकाल
व्याख्या: यहाँ अतीत के बारे में अनुमान या कल्पना व्यक्त की गई है।
(घ) मिश्रित काल
“खर्च करता तो क्या बचता” — संभाव्य वर्तमान/अतीत
(ङ) अपूर्ण भूतकाल
व्याख्या: “पढ़ता रहा” से अतीत में चलने वाली प्रक्रिया का बोध होता है।
2.
अर्थ की रक्षा करते हुए वाक्य की बनावट बदलें
(क) चौदह साल की उम्र में, जब मैं वापस लखनऊ आया फेल होकर, तब कपिला जी अचानक लखनऊ पहुँचीं मालूम करने कि लड़का जो है वह कुछ करता भी है या आवारा या गिरहकट हो गया, वह है कहाँ ।
(ख) वह तीन साल मैंने खूब रियाज किया, मतलब यही सोचकर कि यही टाइम है अगर कुछ बढ़ना है तो अंधेरा कमरा करके किया करता था जब बाद में थक जाऊँ मैं तो जो भी साज हाथ आए कभी सितार, कभी गिटार, कभी हारमोनियम लेकर बजाऊँ मतलब रिलैक्स होने के लिए ।
उत्तर:
(क) जब मैं चौदह साल की उम्र में फेल होकर लखनऊ लौटा, तब कपिला जी अचानक वहाँ यह पता लगाने पहुँचीं कि मैं कहाँ हूँ और क्या कर रहा हूँ — कहीं मैं आवारा या जेबकतरा (गिरहकट) तो नहीं बन गया।
(ख) उन तीन वर्षों में मैंने खूब रियाज़ किया। मैं सोचता था कि अगर आगे बढ़ना है तो यही समय है। मैं अँधेरा कमरा करके अभ्यास करता था, और जब थक जाता तो आराम के लिए जो भी साज़ हाथ में आ जाए—कभी सितार, कभी गिटार, कभी हारमोनियम—उसे बजाने लगता।
3.
पाठ से ऐसे दस वाक्यों का चयन कीजिए जिससे यह साबित होता हो कि ये वाक्य आमने-सामने बैठे
व्यक्तियों के बीच की बातचीत के हैं, लिखित भाषा के नहीं ।
उत्तर:
1. “ये शायद 43 की बात रही होगी।”
2. “यह हाल अभी भी है।”
3. “उस उम्र में न जाने क्या नाचा रहा होऊँगा।”
4. “अब पचास रुपए में रिक्शे पर खर्च करता तो क्या बचता, और ट्यूशन में नागा हो तो पैसा अलग काट लेते थे।”
5. “पचास रुपए में काम करके किसी तरह पढ़ता रहा मैं।”
6. “मैं तो बेचारा उसका असिस्टेंट हूँ।”
7. “मैं कोई चीज चुराता नहीं हूँ कि अपने बेटे के लिए ये रखना है, उसको सिखाना है।”
8. “पांच सौ रुपए देकर मैंने गंडा बंधवाया।”
9. “मेरी अम्मा ही मेरा सबसे बड़ा जज थी।”
10. “कपिला जी अचानक लखनऊ पहुँचीं मालूम करने कि लड़का जो है वह कुछ करता भी है या आवारा या गिरहकट हो गया, वह है कहाँ।”
4.
निम्नलिखित वाक्यों से अव्यय का चुनाव करें
(क) जब अंडा कहकर पूछें तो नहीं खाता था, पर जब मूंग की दाल कहें तो बड़े मजे से खा लेता था ।
(ख) एक सीताराम बागला करके लड़का था अमीर घर का ।
(ग) बिलकुल पैसा नहीं था घर में कि उनका दसवाँ किया जा सके ।
(घ) फिर जब एक साल हो गया तो कहने लगे कि अब तुम परमानेंट हो गए ।
उत्तर:
(क) जब, तो, नहीं, पर, बड़े, से
(ख) करके
(ग) बिलकुल, कि, जा
(घ) फिर, जब, तो, कि, अब
10th हिंदी गोधूली के अन्य अध्यायों के Solution भी देखें।
| क्रमांक | अध्याय |
|---|---|
| 1 | श्रम विभाजन एवं जातिप्रथा |
| 2 | विष के दाँत |
| 3 | भारत से हम क्या सीखें |
| 4 | नाखून क्यो बढ़ते हैं |
| 5 | नगरी लिपि |
| 6 | बहादुर |
| 7 | परंपरा का मूल्यांकन |
| 9 | आविन्यों |
| 10 | मछली |
| 11 | नैबतख़ाने में इबादत |
| 12 | शिक्षा और संस्कृति |
शब्द निधि
हलकारे : संदेशवाहक, कारिंदा
साफा : साफ लंबा वस्त्र जिसे नर्तक कंधे से लेकर कमर तक लपेट लेता है
अचकन : पोशाक विशेष
मेजरमेंट : नाप, माप
मस्का : मक्खन (मस्का लगाना या मक्खन लगाना मुहावरा भी है)
परन : तबले के वे बोल जिन पर नर्तक नाचता और ताल देता है
बंदिश : ठुमरी या अन्य प्रकार के गायन के बोल, स्थायी
दाल का चिल्ला : उबले हुए दाल को मसलकर बनाया गया व्यंजन
गण्डा बाँधना : दीक्षित करना, शिष्य स्वीकार करना
नजराना : भेंट, उपहार, गुरुदक्षिणा
नागा : अनुपस्थित, हाजिर नहीं होना, गायब रहना
गिरहकट : पैंतरेबाज, गाँठ काट लेनेवाला, पाकेटमार विशेष
परमानेंट : स्थायी
चरण : छंद की एक इकाई
टुकड़े : किसी पद की पंक्ति
तिहाइयाँ : तीसरे हिस्से
बैले : यूरोपीय नृत्य विशेष जिसमें कथानक, भावाभिनय और नृत्य तीनों शामिल होते हैं
अरसा : समय, अवधि
गलीचा : फर्श या बिस्तर जो नरम हो
मिजराब : सितार बजाने का एक तरह का छल्ला
लहरा : छंदमय आरोही गति जो भावप्रसंग के साथ हो
शागिर्द : शिष्य
लाजवाब : जिसका जवाब न हो, अद्वितीय, अनुपम
पंडित बिरजू महाराज का संक्षिप्त परिचय :
पंडित बिरजू महाराज का जन्म लखनऊ में हुआ था और बचपन का कुछ समय रामपुर में भी व्यतीत हुआ। उन्हें भारतीय शास्त्रीय नृत्य कथक की शिक्षा उनके पिता से मिली, जो उनके पहले गुरु थे। बचपन में ही उन्होंने विभिन्न मंचों पर प्रदर्शन किया और कलकत्ता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर अपनी कला का लोहा मनवाया। शंभू महाराज, उनके चाचा, ने भी उनके नृत्य जीवन में मार्गदर्शन किया। बिरजू महाराज संगीत भारती में भी नृत्य का अभ्यास और प्रदर्शन करते रहे, साथ ही विभिन्न वाद्य यंत्र जैसे सितार, गिटार, हारमोनियम, बाँसुरी, तबला और सरोद बजाना भी सीखें।उन्होंने नृत्य की शिक्षा अपने शिष्यों को भी दी, जिसमें रश्मि वाजपेयी, वैरोनिक, फिलिप, तीरथ प्रताप आदि प्रमुख हैं। बिरजू महाराज हमेशा कला और गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति सजीव और समर्पित रहे। अपने नृत्य और जीवन में वे सरल, उदार और अपने शिष्यों के प्रति निष्पक्ष रहे। वे स्वयं को नृत्य का सहायक मानते थे और कला को सर्वोपरि रखते थे। बिरजू महाराज का जीवन संघर्षों, समर्पण और कला के प्रति अथाह प्रेम का प्रतीक है। उन्होंने कथक को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाई और इसे जीवंत रखा।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
(A) बनारस घराना
(B) लखनऊ घराना
(C) डुमराँव घराना
(D) जयपुर घराना
2. बिरजू महाराज का संबंध किससे है?
(A) तबला वादन से
(B) संतूर वादन से
(C) बाँसुरी वादन से
(D) इनमें से कोई नहीं
3. ‘जित-जित मैं निरखत हूँ’ पाठ के लेखक कौन हैं?
(A) यतीन्द्र मिश्र
(B) महात्मा गाँधी
(C) अमरकांत
(D) पंडित बिरजू महाराज
4. बिरजू महाराज को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार कब प्राप्त हुआ?
(A) 27 साल की उम्र में
(B) 25 साल की उम्र में
(C) 20 साल की उम्र में
(D) 19 साल की उम्र में
5. बिरजू महाराज को तालीम किससे मिली?
(A) दादा से
(B) बाबूजी से
(C) नाना से
(D) चाचा से
6. पंडित बिरजू महाराज लखनऊ घराने की किस पीढ़ी के कलाकार हैं?
(A) छठी पीढ़ी
(B) सातवीं पीढ़ी
(C) नौवीं पीढ़ी
(D) आठवीं पीढ़ी
7. पंडित बिरजू महाराज का जन्म कहाँ हुआ था?
(A) बनारस
(B) लखनऊ
(C) इलाहाबाद
(D) बक्सर
8. पंडित बिरजू महाराज का जन्म कब हुआ?
(A) 4 फरवरी, 1938
(B) 4 फरवरी, 1937
(C) 4 फरवरी, 1936
(D) 4 फरवरी, 1935
9. ‘जित-जित मैं निरखत हूँ’ पाठ साहित्य की विधा है-
(A) कहानी
(B) रिपोर्ताज
(C) साक्षात्कार
(D) भाषण
10. बिरजू महाराज के गुरु कौन थे?
(A) उनके पिताजी
(B) चाचा
(C) बड़े भाई
(D) इनमें से कोई नहीं
11. बिरजू महाराज की ख्याति किस रूप में है?
(A) नर्तक के रूप में
(B) तबला वादक के रूप में
(C) शहनाई वादक के रूप में
(D) संतूर वादक के रूप में
12. बिरजू महाराज कौन-सा वाद्य यंत्र बजाते थे?
(A) सितार
(B) गिटार
(C) हरमोनियम
(D) उपर्युक्त सभी
13. बिरजू महाराज का संबंध है-
(A) बाँसुरी वादन से
(B) तबला वादन से
(C) कत्थक नृत्य से
(D) संतूर वादन से
14. बिरजू महाराज अपना सबसे बड़ा जज किसको मानते थे?
(A) बाबुजी को
(B) चाचाजी को
(C) अम्मा को
(D) इनमें से कोई नहीं
15. नृत्य की शिक्षा के लिए पहले-पहल बिरजू महाराज किस संस्था से जुड़े?
(A) न्यू थियेटर्स कंपनी कोलकाता
(B) हिन्दुस्तानी डान्स म्यूजिक दिल्ली
(C) संगीत भारती कंपनी दिल्ली
(D) इनमें से कोई नहीं
16. बिरजू महाराज कितना रुपया नजराना देकर अपने गुरु पिता से गण्डा बंधवाया?
(A) 200 रु०
(B) 400 रु०
(C) 500 रु०
(D) 600 रु०
17. बाबुजी के साथ बिरजू महाराज का आखिरी प्रोग्राम कहाँ हुआ था?
(A) जौनपुर
(B) कानपुर
(C) मैनपुरी
(D) देहरादून
18. ‘जित-जित मैं निरखत हूँ’ पाठ के केंद्र में है-
(A) विस्मिल्ला खाँ
(B) जाकिर हुसैन
(C) बिरजू महाराज
(D) उपर्युक्त सभी
19. बिरजू महाराज की शादी किस उम्र में हुई थी?
(A) सोलह साल की
(B) अठारह साल की
(C) बीस साल की
(D) बाइस साल की
20. किनके साथ नाचते हुए बिरजू महाराज को पहली बार प्रथम पुरस्कार मिला?
(A) अपने बाबूजी के साथ
(B) चाचा शम्भु महाराज
(C) उपर्युक्त दोनों
(D) इनमें से कोई नहीं
21. बिरजू महाराज को लखनऊ से संगीत भारती कौन लाई?
(A) निर्मला जोशी
(B) कपिला जी
(C) लीला कृपलानी
(D) शम्भु महाराज
22. बिरजू महाराज की सुयोग्य शिष्या मशहूर नृत्यांगना और रंगकर्म की पत्रिका ‘नटरंग’ की सम्पादक कौन है?
(A) कपिला जी
(B) निर्मला जोशी
(C) लीला कृपलानी
(D) रश्मि वाजपेयी
23. शागिर्द का अर्थ क्या है?
(A) गुरु
(B) शिष्य
(C) मित्र
(D) पिता
24. पंडित बिरजू महाराज साढ़े नौ साल के थे तभी किसका देहावसान हो गया?
(A) पिता का
(B) माँ का
(C) मामा का
(D) भाई का
25. हिन्दुस्तानी डांस म्यूजिक कहाँ स्थित है?
(A) कलकत्ता में
(B) मुंबई में
(C) चेन्नई में
(D) दिल्ली में
26. बिरजू महाराज के चाचा का नाम क्या था?
(A) शंभु महाराज
(B) गोदई महाराज
(C) श्री महाराज
(D) विष्णु महाराज
27. ‘हलकारे’ का अर्थ होता है-
(A) कलाकार
(B) संदेशवाहक
(C) हल जोतने वाला
(D) गायक
28. पंडित बिरजू महाराज को पद्म विभूषण सम्मान कब दिया गया?
(A) 1976 में
(B) 1984 में
(C) 1989 में
(D) 1991 में
29. बिरजू महाराज ने किस फ़िल्म के लिए कोरियोग्राफी कर राष्ट्रीय पुरस्कार जीता?
(A) बाजीराव मस्तानी
(B) उमराव जान
(C) देवदास
(D) गदर
30. पंडित बिरजू महाराज को नृत्य की कौन-सी शैली के लिए सबसे अधिक जाना जाता है?
(A) ओडिसी
(B) भरतनाट्यम
(C) कथक
(D) कुचिपुड़ी