BSEB 10th Hindi Varnika Ex-2 Ultimate Notes PDF । 'ढहते विश्वास' सम्पूर्ण नोट्स
नमस्ते दोस्तों! क्या आप बिहार बोर्ड कक्षा 10 की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और हिंदी (Hindi) विषय के वर्णिका भाग -2 के कहानियों को समझने और उसके प्रश्न-उत्तर को याद करना आपको कठिन लग रहा है?
कई छात्रों को हिंदी वर्णिका में कवि-परिचय, कहानी का सारांश, कहानी के पात्र की भूमिका आदि को समझने और याद करने में परेशानी होती है। लेकिन चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। bsebsolution द्वारा तैयार किए गए नोट्स आपको सही मार्गदर्शन, उपयोगी टिप्स, उपर्युक्त समस्या को दूर करने और बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने में मदद करेंगे।
इन्हीं जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हम बिहार बोर्ड कक्षा 10 के छात्रों के लिए हिंदी Solution, Notes, Practice Set, Model Papers और अन्य महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री की एक संपूर्ण श्रृंखला लेकर आए हैं, जो आपकी परीक्षा तैयारी को आसान, तेज और अधिक प्रभावी बनाएगी।
इस श्रृंखला में हम आपको बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किए गए Bihar Board Class 10 Hindi Varnika Ultimate Free Notes PDF उपलब्ध करवा रहे हैं। इन Notes को आसान, सरल और समझने योग्य भाषा में प्रस्तुत किया गया है। इसकी मदद से आप न केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल कर सकेंगे, बल्कि प्रत्येक अध्याय के सभी कॉन्सेप्ट को गहराई से समझ भी पाएंगे।
इस पोस्ट में आप बिहार बोर्ड कक्षा 10 वर्णिका के अध्याय 2 — “ढहते विश्वास” के महत्वपूर्ण Notes देखने वाले हैं। यह नोट्स विशेष रूप से बिहार बोर्ड कक्षा 10 के छात्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आसान, सरल और समझने योग्य भाषा में तैयार किया गया हैं। साथ ही इसे बिहार बोर्ड के नवीनतम पाठ्यक्रम के आधार पर बनाया गया है, ताकि आपकी परीक्षा तैयारी अधिक प्रभावी और सफल हो सके।
इन नोट्स में अध्याय के सभी महत्वपूर्ण टॉपिक—जैसे “ढहते विश्वास” में परिवार और समाज के बदलते संबंध, आपसी विश्वास का टूटना, स्वार्थ और संदेह से पैदा होने वाली समस्याएँ, मानवीय मूल्यों का महत्व, रिश्तों में संवाद और भरोसे की जरूरत, तथा विश्वास टूटने के सामाजिक और व्यक्तिगत परिणाम—को बेहद आसान और स्पष्ट भाषा में समझाया गया है, ताकि छात्र इन्हें जल्दी समझ सकें और परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकें।
इन नोट्स की मदद से विद्यार्थी न केवल अध्याय को कम समय में दोहरा पाएंगे, बल्कि मानवीय संबंधों की गहराई, विश्वास के महत्व, परिवार में आपसी समझ और सहयोग की आवश्यकता, तथा गलतफहमियों से बचने के उपायों की बेहतर समझ भी विकसित कर सकेंगे। यह ज्ञान परीक्षा के साथ-साथ वास्तविक जीवन में भी उन्हें संवेदनशील, समझदार और स्वस्थ रिश्ते बनाए रखने वाला नागरिक बनने में मदद करता है।
Hindi Varnika Notes PDF Free Bihar Board Class 10 | अध्याय - 2 "ढहते विश्वास"
ढहते विश्वास: विस्तृत अध्ययन नोट्स (BSEB Class 10 Hindi)
आज हम आपकी पाठ्यपुस्तक “वर्णिका (भाग 2)” के अत्यंत महत्वपूर्ण और मार्मिक अध्याय “ढहते विश्वास” पर विस्तृत अध्ययन नोट्स तैयार करेंगे। यह कहानी हमें प्राकृतिक आपदाओं और मानवीय संघर्षों के बारे में एक गहरा संदेश देती है।
संक्षिप्त सारांश
‘ढहते विश्वास’ उड़िया के प्रसिद्ध कथाकार सातकोड़ी होता द्वारा लिखित एक मार्मिक कहानी है, जिसका हिंदी अनुवाद राजेंद्र प्रसाद मिश्र ने किया है। यह कहानी ओडिशा में आने वाली बाढ़ की विभीषिका और उससे जूझते लोगों, विशेषकर एक गरीब परिवार की संघर्ष गाथा को दर्शाती है।
- पात्रों का परिचय:
- लक्ष्मी: कहानी की मुख्य पात्र, एक गरीब और मेहनती महिला। उसके पति लक्ष्मण कोलकाता में नौकरी करते हैं, लेकिन उनकी कमाई बहुत कम है। लक्ष्मी दो बच्चों की माँ है और तीसरे बच्चे को जन्म देने वाली है। वह तहसीलदार के यहाँ छिटपुट काम करके घर चलाती है।
- लक्ष्मण: लक्ष्मी का पति, जो कोलकाता में नौकरी करता है।
- पड़ोसी और ग्रामीण: गाँव के अन्य लोग, स्वयंसेवक दल के सदस्य, जो बाढ़ से बचाव के लिए संघर्ष करते हैं।
- देवी: गाँव की आराध्य देवी, माँ चंडेश्वरी, जिनका मंदिर एक ऊँचे टीले पर स्थित है।
- घटनाओं का क्रम (कथानक):
- प्रारंभिक स्थिति: लक्ष्मी ओडिशा के एक छोटे से गाँव में अपने बच्चों के साथ रहती है। उसका पति कोलकाता में काम करता है और बहुत कम पैसे भेज पाता है। लक्ष्मी घर का काम संभालने के साथ-साथ तहसीलदार के यहाँ काम करके परिवार का भरण-पोषण करती है।
- बाढ़ का खतरा: लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण महानदी और देवी नदी में बाढ़ आ जाती है। गाँव पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगता है।
- संघर्ष और बचाव: ग्रामीण स्वयंसेवक दल के साथ मिलकर बाँध को मजबूत करने का प्रयास करते हैं, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज होता है कि बाँध टूट जाता है।
- पलायन: बाढ़ का पानी तेजी से गाँव में घुसने लगता है। लोग अपने घरों को छोड़कर जान बचाने के लिए गाँव के ऊँचे टीले पर स्थित माँ चंडेश्वरी के मंदिर की ओर भागते हैं। लक्ष्मी भी अपने बच्चों को लेकर इस पलायन में शामिल होती है।
- विभीषिका और क्षति: बाढ़ अपने साथ भयंकर विनाश लाती है। घर-बार, खेत-खलिहान सब कुछ पानी में डूब जाते हैं। लक्ष्मी का छोटा बच्चा बाढ़ के पानी में बह जाता है।
- टीले पर जीवन: टीले पर शरण लिए हुए लोग भूख, प्यास, ठंड और अपने प्रियजनों को खोने के दर्द से जूझते हैं। उनके सारे विश्वास ढह जाते हैं।
- परिणाम: बाढ़ के बाद चारों ओर सिर्फ तबाही और निराशा का मंजर होता है।
- मुख्य भाव या सार:
यह कहानी प्राकृतिक आपदाओं की विनाशलीला, गरीब और असहाय लोगों के संघर्ष, और जीवन की अनिश्चितता को दर्शाती है। यह मानवीय प्रयासों और दैवीय शक्तियों पर से विश्वास के डगमगाने की मार्मिक गाथा है।
- लेखक का उद्देश्य:
लेखक का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, विशेषकर बाढ़ की भयावहता के प्रति समाज को सचेत करना है। वे आपदा प्रबंधन की आवश्यकता, गरीबों के दुख-दर्द और मानवीय संवेदनाओं को उजागर करना चाहते हैं।
- शिक्षा या संदेश:
प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए पूर्व तैयारी, सामूहिक प्रयास और एकजुटता अत्यंत आवश्यक है। जीवन में विपरीत परिस्थितियों में भी संघर्ष जारी रखना चाहिए, भले ही विश्वास डगमगा जाए।
महत्वपूर्ण तत्व और विश्लेषण
- उल्लेखनीय संवाद/उदाहरण:
- “लक्ष्मी को लगता था कि उसका घर-बार, खेत-खलिहान, सब कुछ महानदी के प्रकोप से ही है।” – यह पंक्ति लक्ष्मी के मन में प्रकृति के प्रति गहरे भय और निर्भरता को दर्शाती है।
- “बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ रहा था, मानो कोई दानव सब कुछ निगलने को तैयार हो।” – यह वाक्य बाढ़ की विनाशकारी शक्ति और उसके भयावह रूप का सजीव चित्रण करता है।
- “विश्वास ढह गए थे, क्योंकि जिस देवी के मंदिर में उन्होंने शरण ली थी, वह भी पानी में डूबने लगा था।” – यह कहानी के शीर्षक को सीधे तौर पर जोड़ता है और लोगों के धार्मिक विश्वासों के टूटने को दर्शाता है।
- लेखक परिचय:
- सातकोड़ी होता (Satkodi Hoti): उड़िया साहित्य के एक प्रसिद्ध कथाकार हैं। उनकी कहानियाँ अक्सर ग्रामीण जीवन, प्राकृतिक आपदाओं और मानवीय संघर्षों पर आधारित होती हैं। वे अपनी यथार्थवादी चित्रण शैली के लिए जाने जाते हैं। यह कहानी मूल रूप से उड़िया में लिखी गई थी।
परीक्षा उपयोगी प्रश्न
अति महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (VVI Objective Questions):
- ‘ढहते विश्वास’ कहानी के लेखक कौन हैं?
- (क) सुजाता
- (ख) सातकोड़ी होता
- (ग) श्रीनिवास
- (घ) ईश्वर पेटलीकर
उत्तर: (ख) सातकोड़ी होता
- ‘ढहते विश्वास’ कहानी का प्रमुख पात्र कौन है?
- (क) सीता
- (ख) मंगम्मा
- (ग) लक्ष्मी
- (घ) पाप्पाति
उत्तर: (ग) लक्ष्मी
- लक्ष्मी का पति कहाँ नौकरी करता था?
- (क) दिल्ली में
- (ख) कटक में
- (ग) कोलकाता में
- (घ) भुवनेश्वर में
उत्तर: (ग) कोलकाता में
- बाढ़ की समस्या किस नदी के प्रकोप से उत्पन्न हुई थी?
- (क) गंगा
- (ख) यमुना
- (ग) महानदी और देवी नदी
- (घ) कोसी
उत्तर: (ग) महानदी और देवी नदी
- किस देवी के मंदिर में लोग शरण लिए हुए थे?
- (क) माँ दुर्गा
- (ख) माँ काली
- (ग) माँ चंडेश्वरी
- (घ) माँ सरस्वती
उत्तर: (ग) माँ चंडेश्वरी
विषयनिष्ठ प्रश्न (Subjective Questions):
- लक्ष्मी के चरित्र-चित्रण पर प्रकाश डालें।
उत्तर : लक्ष्मी ‘ढहते विश्वास’ कहानी की केंद्रीय पात्र है, जो एक अत्यंत मेहनती, संघर्षशील और धैर्यवान ग्रामीण महिला है। वह अपने पति के कोलकाता में होने के बावजूद, घर-परिवार और बच्चों की देखभाल करती है। वह तहसीलदार के यहाँ छिटपुट काम करके थोड़ी आय भी अर्जित करती है ताकि परिवार का भरण-पोषण हो सके। बाढ़ जैसी भीषण प्राकृतिक आपदा में भी वह अपने बच्चों को बचाने के लिए अथक प्रयास करती है, अपनी जान जोखिम में डालकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश करती है। उसकी सहनशीलता, मातृत्व की भावना और विपरीत परिस्थितियों में भी हार न मानने का जज्बा उसे एक मजबूत और प्रेरणादायक पात्र बनाता है। वह ग्रामीण भारत की उन असंख्य महिलाओं का प्रतिनिधित्व करती है जो विषम परिस्थितियों में भी अपने परिवार के लिए संघर्ष करती रहती हैं।
- ‘ढहते विश्वास’ शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट करें।
उत्तर : ‘ढहते विश्वास’ शीर्षक कहानी के केंद्रीय भाव और संदेश को पूरी तरह से व्यक्त करता है। कहानी में लोगों का विश्वास कई स्तरों पर ढहता हुआ दिखाया गया है:
- प्रकृति पर से विश्वास: लोग प्रकृति को जीवनदायिनी मानते हैं, लेकिन बाढ़ की विनाशलीला उनके इस विश्वास को तोड़ देती है।
- मानवीय प्रयासों पर से विश्वास: ग्रामीण स्वयंसेवक दल के साथ मिलकर बाँध को मजबूत करने का अथक प्रयास करते हैं, लेकिन बाँध टूट जाता है, जिससे उनके अपने प्रयासों पर से विश्वास डगमगा जाता है।
- दैवीय शक्तियों पर से विश्वास: लोग जान बचाने के लिए गाँव की आराध्य देवी माँ चंडेश्वरी के मंदिर में शरण लेते हैं, लेकिन जब मंदिर भी पानी में डूबने लगता है, तो उनके धार्मिक विश्वास भी ढह जाते हैं।
इस प्रकार, बाढ़ की विभीषिका इतनी भयानक थी कि लोगों के सारे भरोसे, चाहे वे प्रकृति पर हों, मानवीय शक्ति पर हों या दैवीय शक्ति पर हों, टूट जाते हैं। अतः, यह शीर्षक कहानी के मर्म को सटीक रूप से दर्शाता है और पूर्णतः सार्थक है।
- बाढ़ की विभीषिका का वर्णन अपने शब्दों में करें।
उत्तर : ‘ढहते विश्वास’ कहानी में बाढ़ की विभीषिका का अत्यंत हृदय विदारक और मार्मिक वर्णन किया गया है। लगातार कई दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश के कारण महानदी और देवी नदी उफन जाती हैं। पानी का बहाव इतना तेज हो जाता है कि गाँव के सुरक्षा बाँध टूट जाते हैं और बाढ़ का पानी तेजी से गाँवों में घुसने लगता है। देखते ही देखते घर-बार, खेत-खलिहान, फसलें और पशुधन सब कुछ पानी में समा जाते हैं। लोग अपनी जान बचाने के लिए अपने घरों को छोड़कर ऊँचे टीलों और सुरक्षित स्थानों की ओर भागते हैं। इस पलायन के दौरान कई लोग, विशेषकर बच्चे और बूढ़े, पानी में बह जाते हैं। सुरक्षित स्थानों पर भी उन्हें भूख, प्यास, ठंड और अपने प्रियजनों को खोने के दर्द का सामना करना पड़ता है। चारों ओर सिर्फ चीख-पुकार, हाहाकार और तबाही का मंजर होता है, जो बाढ़ की भयंकर विनाशलीला को दर्शाता है।
- कहानी के माध्यम से लेखक क्या संदेश देना चाहते हैं?
उत्तर : ‘ढहते विश्वास’ कहानी के माध्यम से लेखक सातकोड़ी होता कई महत्वपूर्ण संदेश देना चाहते हैं:
- प्राकृतिक आपदाओं के प्रति जागरूकता: लेखक बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं की भयावहता और उसके विनाशकारी प्रभावों के प्रति समाज को सचेत करना चाहते हैं।
- आपदा प्रबंधन की आवश्यकता: कहानी अप्रत्यक्ष रूप से मजबूत आपदा प्रबंधन प्रणालियों और पूर्व तैयारियों की आवश्यकता पर बल देती है ताकि जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।
- गरीबों का संघर्ष: लेखक ग्रामीण और गरीब तबके के लोगों के जीवन के संघर्षों और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान उनकी असहायता को उजागर करते हैं।
- मानवीय संवेदना और एकजुटता: विपरीत परिस्थितियों में भी लोगों का एक-दूसरे की मदद करना और एकजुट होकर संघर्ष करना, मानवीय संवेदना और सामूहिक शक्ति का महत्व दर्शाता है।
- जीवन की अनिश्चितता: कहानी यह भी बताती है कि जीवन कितना अनिश्चित है और कैसे एक पल में सब कुछ बदल सकता है।