BSEB 10th Hindi Varnika Exercise 5 Solution

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BSEB 10th Hindi Varnika Exercise 5 Solution : धरती कब तक घूमेगी : प्रश्न-उत्तर

Chapter – 5 धरती कब तक घूमेगी
लेखन साँवर दइया
जन्म
जन्म स्थान
मृत्यु
मृत्यु स्थान
प्रमुख रचनाएँ राजस्थानी समाज पर आधारित कहानियाँ
उपाधि/ सम्मान/ पुरस्कार
अनुवादक स्वयं लेखक (साँवर दइया)
Q1: सीता अपने ही घर में क्यों घुटन महसूस करती है ?
उत्तर : सीता के पति के मरते ही घर की स्थिति दयनीय हो गई। भाइयों में आपसी भेद उत्पन्न हो गये। वे केवल अपनी पत्नी और संतान में ही सिमट गये हैं। माँ की देख-रेख एवं भरण-पोषण के लिए तीनों भाइयों ने एक-एक महीने का भांज बाँध लिया। सीता किसी भी बेटे के साथ रहती है तो अन्तर्मन से दुःखी ही रहती है। बहुओं की कड़वी बातें उसे चुभती रहती है। अपनी ही संतान से आज वह विक्षुप्त हो गई है। अपने मन की व्यथा किसी से वह कह नहीं सकती है। यहीं कारण है कि अपने ही घर में उसे घूटन महसूस होती है।
Q2: पाली बदलने पर अपने घर दादी माँ के खाने को लेकर बच्चे खुश होते हैं जबकि उनके माता-पिता नाखुशा बच्चे की खुशी और माता-पिता की नाखुशी के कारणों पर विचार करें।
उत्तर : विधवा सीता को उसके बेटों ने बाँट लिया है। तीनों बारी-बारी से एक-एक महीने सीता को खिलाते हैं, सीता उन दिनों उनके यहाँ काम-धाम भी कर देती है। बेटों ने भले अपनी माँ को बाँट लिया है, उससे लगाव नहीं रखते किन्तु सीता ने पोते-पोतियों को नहीं बाँटा है। वह सबको समान रूप से प्यार करती है। इसलिए, बच्चे उससे हिले-मिले रहते हैं। खासकर इस बात से अधिक प्रसन्न होते हैं कि दादी अपनी थाली में उन्हें खिलाती है, उन्हें देखकर खुश होती और डाँट-डपट नहीं करती। दूसरी ओर उनके माता-पिता सीता की बारी उनके यहाँ आते ही नाखुश हो जाते हैं क्योंकि उनका खर्च बढ़ जाता है और उनके बच्चे अपनी दादी के लाड़-प्यार के आगे अपने माता-पिता की जल्दी नहीं सुनते।
Q3: ‘इस समय उसकी आँखों के आगे न तो अंधेरा था और न ही उसे धरती और आकाश के बीच घुटन हुई।’ सप्रसंग व्याख्या करें।
उत्तर : प्रस्तुत पंक्तियाँ साँवर दइया द्वारा रचित ‘धरती कब तक घमेगी’ शीर्षक कहानी से संकलित है। प्रस्तुत संदर्भ उस समय का है। जब सीता के बेटे अपनी जिम्मेवारी से मुक्त होकर पचास रुपये प्रतिमाह खर्च देने के लिए निर्णय लेते हैं। रोटी क्या नहीं कराती है अर्थात् सब कुछ कराती है। रोटी के लिए ही अपनी संतान अपने माता-पिता को यूँ ही जीवन-यापन करने के लिए छोड़ देते हैं।
उन्हें माता-पिता को रोटी नहीं केवल अपनी संतान के लिए चिन्ता रहती है। सीता अपने बेटों के फैसलों से संतुष्ट हो या न हो रात्रि में घर से निकल जाती है। अब वह किसी की उपेक्षा की शिकार नहीं होगी। स्वतंत्र जीवन जीयेगी। खुली हवा में वह साँस लेगी। उसकी आँखों के सामने में अँधेरा था और न ही घुटन। वस्तुतः यहाँ रचनाकार समाज में होनेवाले परिवर्तनों को विशेष रूप से चित्रित किया है। माता-पिता अपने ही संतान के बोझ बनते जा रहे हैं। संतान की ऐसी सोच निश्चय ही एक दिन समाज को निःशेष कर लेगी।
Q4: सीता का चरित्र-चित्रण करें।
उत्तर : सीता जनक की पुत्री और राम की अर्धांगिनी तो नहीं है किन्तु तीन बेटों की एक ऐसी असहाय और विवश माँ है जो उनके लिए बोझ बन गई है। पति के मरने के बाद ही घर में अन्तर्कलह उत्पन्न हो जाता है। आपसी वैमनस्व की परतें जमने लगती है। सीता इन सभी चीजों को देखकर भी मौन रह जाती है। बेटे और बहुओं के दुत्कार उसके हृदय को चोटिल कर देता है फिर भी वह कोई प्रत्युत्तर नहीं देती है। पाली बाँधकर भरण-पोषण करनेवाले अपने बेटों से उसे कोई शिकायत नहीं है।
अन्दर ही अन्दर घूटती रहती है। पति के मरने बाद स्त्री तुच्छ और निराश्रयी हो जाती हो सीता के साथ यह उदाहरण सटीक बैठता है। धरती की तरह सबकुछ सहन करने वाली माँ अपनी संतान का कभी-बुरा नहीं चाहती है। सीता स्वाभिमानीनि है। स्वाभिमान की रक्षा करना वह भली-भाँति जानती है। खर्च देने के नाम पर रात्रि में घर से निकल जाती है। वह मेहनत मजदूरी का अपने जीवन का निर्वहण कर लेगी बेटों से वह खर्च नहीं लेगी।
Q5: कहानी के शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट करें।
उत्तर : शीर्षक किसी भी रचना की पृष्ठभूमि है। शीर्षक की सार्थकता उसके आकर्षण में है तथा रचना की पूर्ण व्याख्या में होती है। शीर्षक रचना के मूल भाव का संवहन करता है। राजस्थानी भाषा के प्रमुख कहानीकार साँवर दझ्या द्वारा रचित ‘धरती कब तक घूमेगी’ शीर्षक कहानी सामाजिक विडम्बनाओं को चित्रित करती है। धरती अपने किस पर निरन्तर घूमती रहती है आखिर कब तक? कभी-न-कभी तो यह अवश्य रूकेगी। माँ धरती की तरह अपनी संतान के बोझ को सहन कर लेती है किन्तु संतान अपनी माँ का बोझ ढोने में असमर्थ हो जाती है। इस कहानी की प्रधाननायिका सीता है।
पति के मरने के साथ ही, वह तुच्छ और निराश्रयी हो जाती है। उसके बेटे उसे बोझ समझने लगते हैं। अपनी पत्नी और बेटे-बेटी में ही मसगूल रहने वाले अपनी माँ को ही भूल जाते हैं। पाली बाँधकर उसके तीनों बेटे निश्चिन्त हो जाते हैं किन्तु इसमें भी वह बोझ लगती है। एक दिन तीनों बेटों ने मिलकर प्रतिमाह पचास रुपये देने का निर्णय लेते हैं। अपने बेटों के निर्णय से सीता प्रधान मन-ही-मन विक्षुब्ध हो जाती है। उसे अब घुटन सहन नहीं हो पाता है। बेटों के इशारों पर वह कितने दिनों तक घूमेगी। अंततः एक दिन रात्रि में घर से निकल जाती है। अतः इन दृष्टान्तों से स्पष्ट होता है कि प्रस्तुत कहानी का शीर्षक सार्थक और सटीक है।
Q6: कहानी का सारांश प्रस्तुत करें।
उत्तर : “धतरी कब तक घूमेगी” कहानी साँवर दइया द्वारा लिखी कहानी है। जो राजस्थानी भाषा के सफल कहानीकार हैं। इनकी कहानियों में राजस्थानी समाज के गहरे अर्थबोध एवं विविध घटाओं का चित्रण मिलता है। ‘धरती कब तक घूमेगी’ इस कहानी में कंहानीकार ने सामाजिक मूल्यों एवं उसकी संवेदनाओं को प्रकट किया है। एक माँ अपनी संतान के लिए सबकुछ अर्पण कर देती है किन्तु वही संतान उस माँ को बोझ समझने लगती है। माँ धरती की तरह सर्वसहमा है। धरती पर तरह-तरह के जुल्म ढाये जाते हैं फिर भी वह बदला नहीं लेती है। बेटे-बहुओं के द्वारा उपेक्षित होने पर भी माँ उनकी शिकायत नहीं करती है। अंतर्मन में सारी आशाओं को दफना देती है। इस कहानी की प्रधाननायिका सीता अपने पति के मरने के बाद आशान्वित होती है कि उसको तीन बेटे हैं। कोई-न-कोई उसके जीवनरूपी नौका को पार कर देगा। किन्तु विधि के विधान को कौन टाल सकता है। माँ उनके लिए बोझा बन जाती है। पाली बाँधकर उसका भरण-पोषण करते हैं। एक दिन ऐसा भी समय आ जाता है कि ये नियम भी भंग हो जाते हैं। अब वे पचास-पचास रुपये प्रतिमास खर्च में देंगे। पहले से घुटन भरे जीवन जीने वाली सीता अपने बेटों के निर्णय से विक्षुब्ध हो जाती है। अपना ही उसे पराया लगने लगता है। तुच्छ और निराश्रयी सीता एक दिन रात्रि में चुपके से घर से निकल जाती है। वह मेहनत-मजदूरी कर अपने जीवन का निर्वहण कर लेनी किन्तु अपने बेटों पर बोझ नहीं बनेगी। वस्तुतः कहानीकार यहाँ बताना चाहता है कि उन बेटों को भी अपनी संतानें हैं किन्तु शायद वे नहीं जानते हैं कि उनकी भी यही गति होनेवाली है जो वे अपनी माँ को कर रहे हैं। आज का समाज इसी विडम्बनाओं के साथ जीने के लिए विवश है।
क्रमांक अध्याय
1 दही वाली मंगम्मा
2 ढहते विश्वास
3 माँ
4 नगर

Hindi वर्णिका अध्याय 5 "धरती कब तक घूमेगी" से जुड़े कुछ अन्य महत्वपूर्ण लघु-उत्तरीय एवं वस्तुनिष्ठ प्रश्न

इस अध्याय का गहराई से अध्ययन करने और बिहार बोर्ड की परीक्षा प्रणाली का विश्लेषण करने के बाद, हमने आप सभी छात्रों के लिए कुछ महत्वपूर्ण लघु उत्तरीय एवं वस्तुनिष्ठ प्रश्न तैयार किए हैं। ये प्रश्न न केवल इस अध्याय की बेहतर समझ प्रदान करेंगे, बल्कि परीक्षा की तैयारी में भी सहायक सिद्ध होंगे। नीचे BSEB 10th Hindi वर्णिका Exercise 5 Solution ‘धरती कब तक घूमेगी’ के सभी प्रश्न क्रमवार रूप से दिए गए हैं।

लघु उत्तरीय प्रश्न

1. सीता को अपने घर में घुटन क्यों महसूस होती है?

उत्तर : सीता को बेटों और बहुओं की उपेक्षा, भावनात्मक दूरी और रोटी के लिए बंटवारे की व्यवस्था से घर में घुटन महसूस होती है, जो उसे अकेला और अपमानित करती है।

2. साँवर दढ़या की कहानियों की क्या विशेषता है?

उत्तर : साँवर दढ़या की कहानियाँ राजस्थानी समाज के गहरे अर्थबोध, सामाजिक यथार्थ और भावनात्मक विविधताओं को चित्रित करती हैं, जो पाठकों को गहन चिंतन के लिए प्रेरित करती हैं।

3. सीता का मन क्यों उदास हो जाता है?

उत्तर : पति की मृत्यु, घर की बदलती परिस्थितियाँ और बेटों की उपेक्षा को याद कर सीता का मन उदास हो जाता है, क्योंकि उसे अपनत्व की कमी खलती है।

4. सीता को किस कमी का एहसास होता है?

उत्तर : सीता को भौतिक सुखों के बावजूद भावनात्मक जुड़ाव, प्यार और सम्मान की कमी का एहसास होता है, जो उसे अंदर से खाली और अधूरा महसूस कराता है।

5. बेटों ने सीता के लिए क्या व्यवस्था की?

उत्तर : बेटों ने फैसला किया कि सीता बारी-बारी से प्रत्येक बेटे के पास एक-एक महीने रहेगी, ताकि उसकी रोटी और रहने की जिम्मेदारी बँट जाए।

6. बेटों की बातचीत से सीता को क्या दुख हुआ?

उत्तर : बेटों ने सीता को बोझ मानकर उसकी इच्छा पूछे बिना रोटी के लिए बंटवारा किया, जिससे उसे उपेक्षा और अपमान का गहरा दुख हुआ।

7. होली के दिन सीता उदास क्यों थी?

उत्तर : होली के दिन बेटों के बंटवारे के फैसले और परिवार में अपनत्व की कमी ने सीता को उदास किया, क्योंकि उसे अपनी स्थिति दयनीय लगी।

8. बच्चों की खुशी और माता-पिता की नाखुशी का कारण क्या है?

उत्तर : बच्चे दादी के साथ खाने को उत्साहपूर्ण मानते हैं, जबकि माता-पिता इसे अतिरिक्त जिम्मेदारी और बोझ समझते हैं, जिससे उनकी नाखुशी उजागर होती है।

9. सीता को भिखारिन जैसा क्यों लगता है?

उत्तर : महीना पूरा होने पर बेटों द्वारा घर छोड़ने का आदेश मिलने से सीता को भिखारिन जैसा अनुभव होता है, क्योंकि उसे लगता है कि वह रोटी के लिए भटक रही है।

10. पाँच वर्षों में सीता ने क्या अनुभव किया?

उत्तर : पाँच वर्षों में सीता ने बेटों के बीच बंटवारे, बहुओं के झगड़े, उपेक्षा और भावनात्मक अकेलेपन का दुख अनुभव किया, जिसने उसे और टूटने पर मजबूर किया।

11. रसमलाई की घटना क्या दर्शाती है?

उत्तर : रसमलाई भेजने पर बहुओं के बीच जलन, प्रतिस्पर्धा और एक-दूसरे के प्रति नकारात्मक भावनाएँ उजागर होती हैं, जो परिवार में तनाव को दर्शाती हैं।

12. सीता ने गुलामी क्यों महसूस की?

उत्तर : बेटों और बहुओं के झगड़ों में उसे खाना और छोटे-मोटे कामों के लिए इस्तेमाल किया गया, जिससे उसे गुलामी और अपमान का एहसास हुआ।

13. बड़े डॉक्टर की शैक्षणिक रुचि का कहानी में क्या उल्लेख है?

उत्तर : बड़े डॉक्टर ने मेनिनजाइटिस की नई दवाओं के बारे में मेडिकल जर्नल में पढ़ा था, जो उनकी शैक्षणिक रुचि को दर्शाता है।

14. सीता ने रुपये लेने से इंकार क्यों किया?

उत्तर : सीता ने रुपये को अपनी सेवा की मजदूरी समझा और स्वाभिमान के कारण इसे स्वीकार नहीं किया, क्योंकि वह बेटों के सामने छोटा महसूस नहीं करना चाहती थी।

15. सीता ने अंत में क्या निर्णय लिया?

उत्तर : सीता ने बेटों के घरों में अपमान और बंटवारे से तंग आकर अपनी गठरी बाँधी और स्वतंत्र जीवन जीने के लिए घर छोड़कर निकल गई।

16. अंत में सीता को आकाश और धरती कैसे लगे?

उत्तर : घर छोड़ने पर सीता को आकाश अनंत और धरती विशाल लगी, क्योंकि स्वतंत्रता ने उसे बंधनों और घुटन से मुक्त कर दिया था।

17. कहानी का शीर्षक क्यों सार्थक है?

उत्तर : ‘धरती कब तक घुमेगी’ सीता के अंतहीन दुख, बटवारे और भटकन को दर्शाता है, जो सामाजिक और पारिवारिक उपेक्षा की चक्करदार स्थिति को प्रतीकित करता है।

18. सीता का चरित्र कैसा है?

उत्तर : सीता स्वाभिमानी, संवेदनशील और भावनात्मक रूप से उपेक्षित माँ है, जो परिवार की उपेक्षा सहते हुए भी अंत में स्वतंत्रता और आत्मसम्मान के लिए विद्रोह करती है।

19. कहानी का मुख्य संदेश क्या है?

उत्तर : कहानी बुजुर्गों की पारिवारिक उपेक्षा, सामाजिक मूल्यों के ह्रास और स्वाभिमान की महत्ता को उजागर करती है, जो आत्मनिर्भरता और सम्मान की आवश्यकता पर जोर देती है।

20. सीता के अंतिम कदम का महत्व क्या है?

उत्तर : सीता का घर छोड़ना उसकी स्वतंत्रता, स्वाभिमान और पारिवारिक बंधनों से मुक्ति का प्रतीक है, जो समाज में बुजुर्गों की स्थिति पर गहरा सवाल उठाता है।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

1. सीता को अपने घर में घुटन का कारण क्या है?
(A) बेटों की उपेक्षा और बंटवारा
(B) आर्थिक तंगी
(C) बीमारी
(D) पड़ोसियों का व्यवहार
उत्तर: (A)

2. साँवर दढ़या की कहानियों की मुख्य विशेषता क्या है?
(A) राजस्थानी समाज का चित्रण
(B) शहरी जीवन का वर्णन
(C) ऐतिहासिक घटनाएँ
(D) काल्पनिक कथानक
उत्तर: (A)

3. सीता का मन उदास होने का कारण क्या है?
(A) पति की मृत्यु और उपेक्षा
(B) बच्चों की शरारत
(C) खराब स्वास्थ्य
(D) धार्मिक अनुष्ठान
उत्तर: (A)

4. सीता को किस कमी का एहसास होता है?
(A) भावनात्मक जुड़ाव की कमी
(B) भोजन की कमी
(C) कपड़ों की कमी
(D) धन की कमी
उत्तर: (A)

5. बेटों ने सीता के लिए क्या व्यवस्था की?
(A) बारी-बारी से एक माह रखना
(B) उसे वृद्धाश्रम भेजना
(C) नौकरी दिलवाना
(D) अलग घर देना
उत्तर: (A)

6. होली के दिन सीता उदास क्यों थी?
(A) बंटवारे के फैसले के कारण
(B) त्योहार की कमी के कारण
(C) खराब भोजन के कारण
(D) मौसम के कारण
उत्तर: (A)

7. बच्चों की खुशी का कारण क्या है?
(A) दादी के साथ खाना
(B) नए खिलौने
(C) स्कूल की छुट्टी
(D) माता-पिता की प्रशंसा
उत्तर: (A)

8. सीता को भिखारिन जैसा क्यों लगता है?
(A) घर छोड़ने के आदेश से
(B) कपड़ों की स्थिति से
(C) भोजन की कमी से
(D) पड़ोसियों के तानों से
उत्तर: (A)

9. रसमलाई की घटना क्या दर्शाती है?
(A) बहुओं की जलन और तनाव
(B) परिवार की एकता
(C) सीता की उदारता
(D) बच्चों की खुशी
उत्तर: (A)

10. कैलास ने क्या प्रस्ताव रखा?
(A) पचास-पचास रुपये देना
(B) सीता को घर देना
(C) सीता को नौकरी दिलवाना
(D) सीता को वृद्धाश्रम भेजना
उत्तर: (A)

11. सीता ने रुपये लेने से इंकार क्यों किया?
(A) स्वाभिमान के कारण
(B) धन की कमी के कारण
(C) बेटों पर विश्वास के कारण
(D) स्वास्थ्य कारणों से
उत्तर: (A)

12. सीता ने अंत में क्या किया?
(A) घर छोड़कर निकल गई
(B) बेटों के साथ रही
(C) वृद्धाश्रम गई
(D) पड़ोसियों से मदद माँगी
उत्तर: (A)

13. अंत में सीता को आकाश और धरती कैसे लगे?
(A) अनंत और विशाल
(B) सिकुड़े हुए
(C) डरावने
(D) उदास
उत्तर: (A)

14. कहानी का शीर्षक क्या दर्शाता है?
(A) सीता की भटकन और दुख
(B) धरती की गति
(C) परिवार की खुशी
(D) सामाजिक उत्सव
उत्तर: (A)

15. कहानी का मुख्य संदेश क्या है?
(A) बुजुर्गों की उपेक्षा और स्वाभिमान
(B) आर्थिक समृद्धि
(C) धार्मिक मूल्य
(D) बच्चों की शिक्षा
उत्तर: (A)

निष्कर्ष : इस पोस्ट में आपने BSEB 10th Hindi वर्णिका Exercise Solution को देखा। जिसमें इस अध्याय के सभी प्रश्नों को देखा साथ ही कुछ basic important Objectives और Subjective Questions भी देखा है। आशा है कि ये सभी प्रश्न आप सभी को पसंद आया होगा। यदि आपका किसी प्रकार का Doubt या प्रश्न है, तो आप हमसे संपर्क कर सकते हैं। Contact Us
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