BSEB 10th Science Ex-10 Ultimate Notes Free pdf

BSEB 10th Science Ex-10 Ultimate Notes Free pdf | प्रकाश - परावर्तन तथा अपवर्तन

नमस्ते दोस्तों! क्या आप बिहार बोर्ड कक्षा 10 की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और विज्ञान के दसवें अध्याय “प्रकाश – परावर्तन तथा अपवर्तन ” (Light – Reflection and Refraction ) को समझने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं? तो अब चिंता की कोई बात नहीं! यहाँ हम आपके लिए लेकर आए हैं Bihar Board Class 10 Science Chapter 10 – प्रकाश – परावर्तन तथा अपवर्तन के बेहतरीन और संपूर्ण Free Notes PDF, जो आपकी परीक्षा की तैयारी को और मजबूत करेगा।

इन नोट्स को विशेष रूप से बिहार बोर्ड कक्षा 10 के छात्रों की जरूरतों को ध्यान में रखकर और नवीनतम सिलेबस के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें अध्याय के सभी महत्वपूर्ण टॉपिक्स — जैसे प्रकाश का परावर्तन (Reflection of Light), समतल दर्पण और गोल दर्पण, प्रकाश का अपवर्तन (Refraction of Light), लेन्स के प्रकार, लेन्स सूत्र और आवर्धन तथा इन घटनाओं के दैनिक जीवन में उपयोग — को बेहद सरल और स्पष्ट भाषा में समझाया गया है, ताकि प्रत्येक छात्र उन्हें आसानी से समझ और याद कर सके। इन नोट्स की मदद से विद्यार्थी न केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकेंगे बल्कि प्रकाश के व्यवहार और उसके वैज्ञानिक सिद्धांतों की गहरी समझ भी विकसित कर पाएंगे।

कई बार छात्र अलग-अलग गाइड और किताबों के बीच सही सामग्री चुनने में उलझ जाते हैं, लेकिन समझदारी यही है कि आप ऐसा Study Material चुनें जो सटीक, भरोसेमंद और परीक्षा के लिए उपयोगी हो। इसी उद्देश्य से हमने तैयार किए हैं Bihar Board Class 10 Science Complete Notes — जो पूरे सिलेबस को सरल, स्पष्ट और आसान भाषा में समझाते हैं। इन नोट्स में महत्वपूर्ण प्रश्न, परिभाषाएँ, सूत्र, और वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) एक ही जगह पर उपलब्ध हैं। इससे आप बिना किसी अतिरिक्त किताब के अपनी Bihar Board 10th Science Exam की तैयारी पूरी आत्मविश्वास के साथ कर सकते हैं।

सबसे खास बात यह है कि ये सभी उच्च गुणवत्ता वाले Bihar Board Class 10 Science Notes पूरी तरह से मुफ्त (Free PDF) रूप में उपलब्ध हैं। इन नोट्स की मदद से छात्र समय बचाकर अधिक अभ्यास और पुनरावृत्ति (Revision) कर सकते हैं, जिससे परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त करना और भी आसान हो जाता है। हमारा उद्देश्य यही है कि हर छात्र बिना किसी शुल्क के गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री प्राप्त करे और Bihar Board 10th Science Exam में सफलता की नई ऊँचाइयाँ हासिल करे।
मैं निकेत कुमार, आपके लिए लेकर आया हूँ Bihar Board (BSEB) Class 10 Science Chapter 10 – “प्रकाश – परावर्तन तथा अपवर्तन” (Light – Reflection and Refraction ) के विस्तृत और सरल Study Notes (Free PDF)। इन नोट्स की मदद से आप इस अध्याय के हर कॉन्सेप्ट को गहराई से समझ पाएंगे और Bihar Board 10th Science Exam में बेहतर अंक प्राप्त कर सकेंगे। नीचे आपको बिहार बोर्ड कक्षा 10 विज्ञान के दसवें अध्याय “प्रकाश – परावर्तन तथा अपवर्तन” के Free Notes PDF दिए गया है।

BSEB 10th Science Ex-10 Ultimate Notes :प्रकाश - परावर्तन तथा अपवर्तन

परिचय (Introduction)

हमारे चारों ओर की दुनिया को देखने में प्रकाश एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हम विभिन्न वस्तुओं को तभी देख पाते हैं जब उन पर प्रकाश पड़ता है और वह हमारी आँखों की ओर परावर्तित होकर आता है। प्रकाश एक प्रकार की ऊर्जा है जो हमें वस्तुओं को देखने की संवेदनशीलता प्रदान करती है। इस अध्याय में, हम प्रकाश की दो मुख्य परिघटनाओं – परावर्तन और अपवर्तन – का विस्तृत अध्ययन करेंगे, और यह भी जानेंगे कि कैसे दर्पण और लेंस इन परिघटनाओं का उपयोग करते हुए हमारे दैनिक जीवन में उपयोगी होते हैं।

1. प्रकाश (Light)

प्रकाश ऊर्जा का वह रूप है जिसके द्वारा हम वस्तुओं को देख पाते हैं। यह विद्युतचुंबकीय तरंगों के रूप में यात्रा करता है और इसे यात्रा करने के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है, अर्थात यह निर्वात में भी गमन कर सकता है।

प्रकाश के गुण (Properties of Light):

  • प्रकाश सरल (सीधी) रेखा में गमन करता है.
  • निर्वात में प्रकाश की चाल सबसे अधिक होती है, जो लगभग 3 × 10⁸ मीटर प्रति सेकंड है.
  • प्रकाश विद्युतचुंबकीय तरंगों के रूप में होता है.
  • यह पारदर्शी माध्यमों (जैसे हवा, पानी, कांच) से गुजर सकता है.
  • यह परावर्तन, अपवर्तन, विवर्तन, व्यतिकरण जैसी परिघटनाएँ प्रदर्शित करता है.
  • जब प्रकाश किसी अपारदर्शी वस्तु पर पड़ता है, तो वह उसकी छाया बनाता है.

2. प्रकाश का परावर्तन (Reflection of Light)

जब प्रकाश की किरणें किसी चमकदार सतह (जैसे दर्पण) पर पड़ती हैं और टकराकर वापस उसी माध्यम में लौट आती हैं, तो इस घटना को प्रकाश का परावर्तन कहते हैं.

परावर्तन के नियम (Laws of Reflection):

  • आपतन कोण (Angle of Incidence) हमेशा परावर्तन कोण (Angle of Reflection) के बराबर होता है (∠i = ∠r).
  • आपतित किरण (Incident Ray), परावर्तित किरण (Reflected Ray) और आपतन बिंदु पर अभिलंब (Normal to the surface at the point of incidence) तीनों एक ही तल में स्थित होते हैं.

गोलीय दर्पण (Spherical Mirrors):

गोलीय दर्पण वे दर्पण होते हैं जिनकी परावर्तक सतह किसी गोले का एक भाग होती है. गोलीय दर्पण मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं:

1. अवतल दर्पण (Concave Mirror): वह गोलीय दर्पण जिसकी परावर्तक सतह अंदर की ओर धँसी हुई (गोले के केंद्र की ओर) होती है. अभिसारी दर्पण (Converging Mirror) भी कहलाता है क्योंकि यह प्रकाश किरणों को एक बिंदु पर अभिसरित (इकट्ठा) करता है.
उपयोग: टॉर्च, सर्चलाइट, वाहनों की हेडलाइट्स, शेविंग दर्पण और दंत चिकित्सकों द्वारा.

2. उत्तल दर्पण (Convex Mirror): वह गोलीय दर्पण जिसकी परावर्तक सतह बाहर की ओर उभरी हुई होती है. अपसारी दर्पण (Diverging Mirror) भी कहलाता है क्योंकि यह प्रकाश किरणों को फैलाता (अपसरित) करता है.
उपयोग: वाहनों के पार्श्व-दृश्य दर्पण (rear-view mirrors) के रूप में क्योंकि यह हमेशा सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है और व्यापक दृष्टि क्षेत्र प्रदान करता है.

गोलीय दर्पणों से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण पद (Important Terms Related to Spherical Mirrors):

  • ध्रुव (Pole – P): दर्पण के परावर्तक पृष्ठ का केंद्र बिंदु.
  • वक्रता केंद्र (Centre of Curvature – C): उस खोखले गोले का केंद्र जिसका दर्पण एक भाग है.
  • वक्रता त्रिज्या (Radius of Curvature – R): ध्रुव और वक्रता केंद्र के बीच की दूरी. यह उस गोले की त्रिज्या है जिसका दर्पण एक भाग है.
  • मुख्य अक्ष (Principal Axis): ध्रुव और वक्रता केंद्र से होकर गुजरने वाली सीधी रेखा.
  • मुख्य फोकस (Principal Focus – F): मुख्य अक्ष के समानांतर आने वाली प्रकाश किरणें परावर्तन के बाद जिस बिंदु पर मिलती हैं (अवतल दर्पण) या जिस बिंदु से आती हुई प्रतीत होती हैं (उत्तल दर्पण), वह बिंदु मुख्य फोकस कहलाता है.
  • फोकस दूरी (Focal Length – f): ध्रुव और मुख्य फोकस के बीच की दूरी. फोकस दूरी और वक्रता त्रिज्या के बीच संबंध: f = R/2.

गोलीय दर्पणों द्वारा प्रतिबिंब निर्माण (Image Formation by Spherical Mirrors):

प्रतिबिंब की प्रकृति (Nature), स्थिति (Position) और आपेक्षिक आकार (Relative Size) वस्तु की दर्पण से दूरी पर निर्भर करते हैं. किरण आरेख बनाने के लिए मुख्यतः निम्न नियमों का उपयोग किया जाता है:

  1. मुख्य अक्ष के समानांतर प्रकाश किरण परावर्तन के बाद अवतल दर्पण के फोकस से होकर गुजरती है, और उत्तल दर्पण के फोकस से अपसरित होती हुई प्रतीत होती है.
  2. फोकस से होकर गुजरने वाली किरण (अवतल दर्पण) या फोकस की ओर निर्देशित किरण (उत्तल दर्पण) परावर्तन के बाद मुख्य अक्ष के समानांतर हो जाती है.
  3. वक्रता केंद्र से होकर गुजरने वाली किरण (अवतल दर्पण) या वक्रता केंद्र की ओर निर्देशित किरण (उत्तल दर्पण) परावर्तन के बाद उसी पथ पर वापस लौट जाती है.
  4. ध्रुव पर मुख्य अक्ष के साथ कोई कोण बनाती हुई आपतित किरण, परावर्तन के बाद मुख्य अक्ष के साथ समान कोण बनाती है.

दर्पण सूत्र (Mirror Formula):

यह सूत्र वस्तु दूरी (u), प्रतिबिंब दूरी (v) और फोकस दूरी (f) के बीच संबंध दर्शाता है:
1/v + 1/u = 1/f

  • u: दर्पण के ध्रुव से वस्तु की दूरी
  • v: दर्पण के ध्रुव से प्रतिबिंब की दूरी
  • f: दर्पण की फोकस दूरी

चिह्न परिपाटी (Sign Convention):

  • प्रकाश हमेशा बाईं ओर से आता हुआ माना जाता है.
  • सभी दूरियाँ ध्रुव से मापी जाती हैं.
  • मुख्य अक्ष के ऊपर की दूरियाँ धनात्मक (+) और नीचे की दूरियाँ ऋणात्मक (-) होती हैं.
  • आपतित प्रकाश की दिशा में मापी गई दूरियाँ धनात्मक (+) और विपरीत दिशा में मापी गई दूरियाँ ऋणात्मक (-) होती हैं.
  • अवतल दर्पण की फोकस दूरी ऋणात्मक और उत्तल दर्पण की फोकस दूरी धनात्मक होती है.

आवर्धन (Magnification – m):

आवर्धन यह बताता है कि प्रतिबिंब वस्तु की तुलना में कितना बड़ा या छोटा है.
m = प्रतिबिंब की ऊँचाई (h’) / वस्तु की ऊँचाई (h) और m = -v / u

  • यदि m धनात्मक है, तो प्रतिबिंब सीधा और आभासी है.
  • यदि m ऋणात्मक है, तो प्रतिबिंब उल्टा और वास्तविक है.
  • यदि |m| > 1, तो प्रतिबिंब आवर्धित (बड़ा) है.
  • यदि |m| < 1, तो प्रतिबिंब छोटा है.
  • यदि |m| = 1, तो प्रतिबिंब वस्तु के बराबर आकार का है.

3. प्रकाश का अपवर्तन (Refraction of Light)

जब प्रकाश एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे पारदर्शी माध्यम में प्रवेश करता है, तो वह अपनी दिशा बदल देता है (या मुड़ जाता है). प्रकाश की इस घटना को प्रकाश का अपवर्तन कहते हैं. यह प्रकाश की चाल में परिवर्तन के कारण होता है क्योंकि विभिन्न माध्यमों में प्रकाश की चाल भिन्न-भिन्न होती है.

अपवर्तन के नियम (Laws of Refraction):

  1. आपतित किरण (Incident Ray), अपवर्तित किरण (Refracted Ray) और दो माध्यमों को अलग करने वाली सतह के आपतन बिंदु पर अभिलंब (Normal to the interface at the point of incidence) तीनों एक ही तल में होते हैं.
  2. किन्हीं दो माध्यमों के लिए और प्रकाश के किसी निश्चित रंग के लिए, आपतन कोण की ज्या (sine) और अपवर्तन कोण की ज्या का अनुपात स्थिर रहता है. इस नियम को स्नेल का नियम (Snell’s Law) भी कहते हैं.
    sin i / sin r = स्थिरांक (constant) = n₂₁
    यहाँ, ‘n₂₁’ माध्यम 1 के सापेक्ष माध्यम 2 का अपवर्तनांक है.

अपवर्तनांक (Refractive Index – n):

अपवर्तनांक बताता है कि एक माध्यम में प्रकाश की चाल दूसरे माध्यम की तुलना में कितनी कम या अधिक है.
n = निर्वात में प्रकाश की चाल (c) / माध्यम में प्रकाश की चाल (v)

सापेक्ष अपवर्तनांक (Relative Refractive Index):
माध्यम 1 के सापेक्ष माध्यम 2 का अपवर्तनांक (n₂₁) = माध्यम 1 में प्रकाश की चाल / माध्यम 2 में प्रकाश की चाल = v₁ / v₂

  • जिस माध्यम का अपवर्तनांक अधिक होता है, वह सघन माध्यम (denser medium) कहलाता है, और जिसका कम होता है, वह विरल माध्यम (rarer medium) कहलाता है.
  • जब प्रकाश विरल से सघन माध्यम में जाता है, तो वह अभिलंब की ओर मुड़ता है.
  • जब प्रकाश सघन से विरल माध्यम में जाता है, तो वह अभिलंब से दूर मुड़ता है.

गोलीय लेंस (Spherical Lenses):

लेंस पारदर्शी पदार्थ के बने होते हैं जिनके दो गोलीय पृष्ठ होते हैं, या एक गोलीय और एक समतल पृष्ठ होता है. लेंस मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं:

1. उत्तल लेंस (Convex Lens): यह लेंस किनारों पर पतला और बीच में मोटा होता है. अभिसारी लेंस (Converging Lens) भी कहलाता है क्योंकि यह समानांतर प्रकाश किरणों को एक बिंदु पर अभिसरित करता है.
उपयोग: आवर्धक लेंस, चश्मे, कैमरा, माइक्रोस्कोप और दूरबीन में.

2. अवतल लेंस (Concave Lens): यह लेंस किनारों पर मोटा और बीच में पतला होता है. अपसारी लेंस (Diverging Lens) भी कहलाता है क्योंकि यह समानांतर प्रकाश किरणों को फैलाता है.
उपयोग: चश्मे और कुछ प्रकाशीय यंत्रों में.

गोलीय लेंसों से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण पद (Important Terms Related to Spherical Lenses):

  • प्रकाशिक केंद्र (Optical Centre – O): लेंस का केंद्रीय बिंदु. इससे गुजरने वाली प्रकाश किरण बिना मुड़े सीधे निकल जाती है.
  • वक्रता केंद्र (Centre of Curvature – C1, C2): लेंस के प्रत्येक गोलीय पृष्ठ उस गोले का एक भाग होता है, जिसके केंद्र को वक्रता केंद्र कहते हैं.
  • मुख्य अक्ष (Principal Axis): लेंस के दोनों वक्रता केंद्रों से होकर गुजरने वाली काल्पनिक सीधी रेखा.
  • मुख्य फोकस (Principal Focus – F1, F2): प्रत्येक लेंस के दो मुख्य फोकस होते हैं. मुख्य अक्ष के समानांतर आने वाली किरणें अपवर्तन के बाद जिस बिंदु पर मिलती हैं (उत्तल लेंस) या जिस बिंदु से आती हुई प्रतीत होती हैं (अवतल लेंस), वह मुख्य फोकस कहलाता है.
  • फोकस दूरी (Focal Length – f): प्रकाशिक केंद्र और मुख्य फोकस के बीच की दूरी. उत्तल लेंस की फोकस दूरी धनात्मक (+) और अवतल लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक (-) होती है.

गोलीय लेंसों द्वारा प्रतिबिंब निर्माण (Image Formation by Spherical Lenses):

किरण आरेख बनाने के लिए मुख्यतः निम्न नियमों का उपयोग किया जाता है:

  1. मुख्य अक्ष के समानांतर प्रकाश किरण अपवर्तन के बाद उत्तल लेंस के दूसरे फोकस (F2) से होकर गुजरती है, और अवतल लेंस के पहले फोकस (F1) से अपसरित होती हुई प्रतीत होती है.
  2. मुख्य फोकस (F1) से होकर गुजरने वाली किरण (उत्तल लेंस) या मुख्य फोकस (F2) की ओर निर्देशित किरण (अवतल लेंस) अपवर्तन के बाद मुख्य अक्ष के समानांतर हो जाती है.
  3. प्रकाशिक केंद्र (O) से होकर गुजरने वाली किरण बिना किसी विचलन के सीधी निकल जाती है.

लेंस सूत्र (Lens Formula):

यह सूत्र वस्तु दूरी (u), प्रतिबिंब दूरी (v) और फोकस दूरी (f) के बीच संबंध दर्शाता है:
1/v – 1/u = 1/f

चिह्न परिपाटी (Sign Convention) – लेंस के लिए: लगभग दर्पण के समान ही, लेकिन दूरियाँ प्रकाशिक केंद्र से मापी जाती हैं. उत्तल लेंस की फोकस दूरी धनात्मक और अवतल लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक होती है.

लेंस की क्षमता (Power of a Lens – P):

किसी लेंस द्वारा प्रकाश किरणों को अभिसारित या अपसारित करने की क्षमता को उसकी क्षमता कहते हैं. यह उसकी फोकस दूरी (f) के व्युत्क्रम के बराबर होती है.
P = 1/f

  • लेंस की क्षमता का SI मात्रक डायोप्टर (Dioptre – D) है.
  • यदि फोकस दूरी (f) मीटर में है, तो क्षमता डायोप्टर में होती है.
  • उत्तल लेंस की क्षमता धनात्मक (+) होती है (क्योंकि f धनात्मक है).
  • अवतल लेंस की क्षमता ऋणात्मक (-) होती है (क्योंकि f ऋणात्मक है).

Science अध्याय 10 प्रकाश - परावर्तन तथा अपवर्तन Notes का pdf

बिहार बोर्ड कक्षा 10 विज्ञान के अन्य अध्यायों के Free Notes PDF

क्र. सं. अध्याय का नाम
1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण
2 अम्ल, क्षारक एवं लवण
3 धातु एवं अधातु
4 कार्बन एवं उसके यौगिक
5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण
6 जीवों में जैव प्रक्रम
7 नियंत्रण एवं समन्वय
8 जीवों में जनन
9 अनुवांशिकता तथा जैव विकास
11 मानव नेत्र तथा रंगबिरंगा संसार
12 विद्युत
13 विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव
14 ऊर्जा के स्रोत
15 पर्यावरण तथा हमारी जिम्मेदारी
16 प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन

Notes क्या होते हैं और क्यों आवश्यक होते हैं?

कई छात्रों के मन में यह सवाल आता है कि आखिर किसी विषय का Notes क्या होता है? चलिए इसे सरल शब्दों में समझते हैं। Notes किसी भी विषय का संक्षिप्त और आसान सारांश होते हैं — यानी ऐसे पन्ने या कॉपी जिनमें किसी अध्याय की मुख्य बातें, महत्वपूर्ण परिभाषाएँ, सूत्र, उदाहरण और अवधारणाएँ छोटे-छोटे बिंदुओं में लिखी जाती हैं। Notes की आवश्यकता यह होती है कि छात्र कम समय में पूरे विषय को दोहरा सकें और कठिन टॉपिक को आसानी से समझ सकें।

अनेक शिक्षकों के अनुसार, Notes एक ऐसा संक्षिप्त लेखन होता है जो पढ़ाई और परीक्षा दोनों के लिए सहायक होता है। अच्छे Notes की मदद से छात्रों को बार-बार पूरी किताब पढ़ने की ज़रूरत नहीं पड़ती क्योंकि इनमें वही बातें शामिल होती हैं जो परीक्षा की दृष्टि से सबसे ज़्यादा जरूरी होती हैं।
जब छात्र स्वयं Notes तैयार करते हैं, तो वे केवल याद नहीं कर रहे होते बल्कि विषय को गहराई से समझ रहे होते हैं। इस प्रक्रिया से ज्ञान लंबे समय तक याद रहता है और आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

Bihar Board Class 10 का हमारे Notes कैसे तैयार किए गए हैं?

सारांश :

हम आशा करते हैं कि हमारे द्वारा तैयार किए गए Bihar Board 10th Science Ultimate Notes आपके अध्ययन में बहुत सहायक सिद्ध होंगे। यह Notes न केवल परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि विज्ञान विषय की अवधारणाओं (concepts) को गहराई से समझने के लिए भी तैयार किए गए हैं।

इन Notes को हमने सरल भाषा, सटीक व्याख्या, चित्रों, उदाहरणों और महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर के साथ तैयार किया है ताकि प्रत्येक विद्यार्थी विज्ञान के कठिन से कठिन टॉपिक को भी आसानी से समझ सके और पूर्ण आत्मविश्वास के साथ अपनी परीक्षा की तैयारी कर सके।

यदि पढ़ाई के दौरान आपके मन में कोई doubt या confusion आता है, तो BSEBsolution.in पर दिए गए अध्यायवार समाधान और व्याख्या आपके सभी संदेहों को दूर करने में मदद करेंगे।

इस Notes का उद्देश्य यही है कि Bihar Board Class 10 के हर छात्र को एक ही स्थान पर complete, free, और high-quality study material मिले — ताकि उन्हें अलग-अलग किताबों या वेबसाइटों की खोज में समय बर्बाद न करना पड़े।

Scroll to Top