BSEB Class10 Economics Chapter 2 Practice Set pdf : जितनी Practice, उतनी Jeet!
नमस्कार प्रिय छात्रों, इस पोस्ट में हम बिहार बोर्ड कक्षा 10 के सामाजिक विज्ञान की पुस्तक अर्थशास्त्र के दूसरे अध्याय ‘राज्य एवं राष्ट्र की आय’ का Revision और इसके Important नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित प्रश्नों की Practice Set को देखने वाले हैं। नीचे आपको इस अध्यय Practice Set दिया गया है।
बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा की तैयारी को मजबूत करने के लिए, BSEB Class10 Economics Chapter 2 Practice Set pdf एक शानदार संसाधन है। यह अभ्यास सेट आपको महत्वपूर्ण प्रश्नों से परिचित कराएगा और आपकी उत्तर लेखन क्षमता को सुधारेगा। आप इन प्रैक्टिस सेट को अक्सर ‘free pdf’ के रूप में ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। बिहार बोर्ड के पैटर्न पर आधारित ये सेट आपको वास्तविक परीक्षा का अनुभव देंगे और सुनिश्चित करेंगे कि आप हर अवधारणा को गहराई से समझते हैं। नियमित रूप से इन सेटों का अभ्यास करके, आप परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
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दूसरे अध्याय में हमने क्या - क्या पढ़ा है?
बिहार बोर्ड कक्षा 10 के अर्थशास्त्र विषय के अध्याय 2 “राज्य एवं राष्ट्र की आय” में हमने राष्ट्रीय आय की मूलभूत अवधारणा को समझा। राष्ट्रीय आय से तात्पर्य किसी देश में एक निश्चित समय अवधि (आमतौर पर एक वित्तीय वर्ष) में उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं के कुल मौद्रिक मूल्य से है। हमने सीखा कि राष्ट्रीय आय को मापने के लिए तीन महत्वपूर्ण विधियाँ हैं। पहली है उत्पादन विधि (Production Method) जिसमें अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य की गणना की जाती है। दूसरी है आय विधि (Income Method) जिसमें उत्पादन के सभी साधनों – मजदूरी, लाभ, किराया और ब्याज – को जोड़ा जाता है। तीसरी है व्यय विधि (Expenditure Method) जिसमें उपभोग, निवेश, सरकारी खर्च और शुद्ध निर्यात को जोड़ा जाता है।
हमने यह भी समझा कि सकल घरेलू उत्पाद (GDP), सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP), और शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (NNP) राष्ट्रीय आय को मापने के विभिन्न तरीके हैं और प्रत्येक का अपना विशेष महत्व है। भारत में वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च तक माना जाता है, जो हमारी आर्थिक नीति निर्माण का एक महत्वपूर्ण आधार है।
इसी अध्याय में हमने प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) के महत्व को समझा, जो किसी देश की कुल राष्ट्रीय आय को उसकी कुल जनसंख्या से विभाजित करके प्राप्त की जाती है। प्रति व्यक्ति आय एक महत्वपूर्ण सूचकांक है जो किसी देश के नागरिकों के औसत जीवन स्तर को दर्शाता है। भारत के विभिन्न राज्यों में प्रति व्यक्ति आय अलग-अलग होती है, जहाँ गोवा की प्रति व्यक्ति आय सर्वाधिक है जबकि बिहार की प्रति व्यक्ति आय सबसे कम है।
राज्य की आय के बारे में हमने सीखा कि राज्य सरकारें अपनी आय मुख्यतः तीन स्रोतों से प्राप्त करती हैं – विभिन्न प्रकार के कर, विभिन्न शुल्क और लाइसेंस फीस, और केंद्र सरकार से प्राप्त अनुदान। भारत के संविधान के अनुसार केंद्र और राज्यों के बीच राजस्व का बंटवारा वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर होता है ताकि गरीब और पिछड़े राज्यों को भी विकास के लिए पर्याप्त संसाधन मिलें। राष्ट्रीय आय के आंकड़ों का उपयोग सरकार द्वारा आर्थिक नीतियाँ बनाने, बजट तैयार करने और विकास की योजनाएँ बनाने में किया जाता है।
हालांकि, राष्ट्रीय आय की कुछ सीमाएँ भी हैं – यह आर्थिक असमानता को नहीं दर्शाती, अनौपचारिक क्षेत्र की गतिविधियों को सही तरीके से नहीं मापती, पर्यावरणीय क्षति को ध्यान में नहीं रखती, और घरेलू कार्य को शामिल नहीं करती। इसके बावजूद, राष्ट्रीय आय एक आवश्यक आर्थिक संकेतक है जो किसी देश के आर्थिक विकास, नागरिकों के जीवन स्तर और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
हमने यह भी समझा कि सकल घरेलू उत्पाद (GDP), सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP), और शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (NNP) राष्ट्रीय आय को मापने के विभिन्न तरीके हैं और प्रत्येक का अपना विशेष महत्व है। भारत में वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च तक माना जाता है, जो हमारी आर्थिक नीति निर्माण का एक महत्वपूर्ण आधार है।
इसी अध्याय में हमने प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) के महत्व को समझा, जो किसी देश की कुल राष्ट्रीय आय को उसकी कुल जनसंख्या से विभाजित करके प्राप्त की जाती है। प्रति व्यक्ति आय एक महत्वपूर्ण सूचकांक है जो किसी देश के नागरिकों के औसत जीवन स्तर को दर्शाता है। भारत के विभिन्न राज्यों में प्रति व्यक्ति आय अलग-अलग होती है, जहाँ गोवा की प्रति व्यक्ति आय सर्वाधिक है जबकि बिहार की प्रति व्यक्ति आय सबसे कम है।
राज्य की आय के बारे में हमने सीखा कि राज्य सरकारें अपनी आय मुख्यतः तीन स्रोतों से प्राप्त करती हैं – विभिन्न प्रकार के कर, विभिन्न शुल्क और लाइसेंस फीस, और केंद्र सरकार से प्राप्त अनुदान। भारत के संविधान के अनुसार केंद्र और राज्यों के बीच राजस्व का बंटवारा वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर होता है ताकि गरीब और पिछड़े राज्यों को भी विकास के लिए पर्याप्त संसाधन मिलें। राष्ट्रीय आय के आंकड़ों का उपयोग सरकार द्वारा आर्थिक नीतियाँ बनाने, बजट तैयार करने और विकास की योजनाएँ बनाने में किया जाता है।
हालांकि, राष्ट्रीय आय की कुछ सीमाएँ भी हैं – यह आर्थिक असमानता को नहीं दर्शाती, अनौपचारिक क्षेत्र की गतिविधियों को सही तरीके से नहीं मापती, पर्यावरणीय क्षति को ध्यान में नहीं रखती, और घरेलू कार्य को शामिल नहीं करती। इसके बावजूद, राष्ट्रीय आय एक आवश्यक आर्थिक संकेतक है जो किसी देश के आर्थिक विकास, नागरिकों के जीवन स्तर और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
राज्य एवं राष्ट्र की आय Practice Set 1
खंड 1: वस्तुनिष्ठ प्रश्न
1. राष्ट्रीय आय का अर्थ है:
[A] सरकार की आय
[B] पारिवारिक आय
[C] उत्पादन के सभी साधनों की आय
[D] सार्वजनिक क्षेत्र की आय
2. भारत में ‘राष्ट्रीय आय’ की गणना का कार्य कौन करता है?
[A] नीति आयोग
[B] केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन (CSO)
[C] भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)
[D] वित्त मंत्रालय
3. किस राज्य की प्रति व्यक्ति आय सर्वाधिक है?
[A] बिहार
[B] पंजाब
[C] गोवा
[D] केरल
4. आर्थिक क्रियाओं का उद्देश्य होता है:
[A] मनोरंजन
[B] समाज सेवा
[C] जीविकोपार्जन
[D] धर्म का प्रचार
5. सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में सबसे बड़ा योगदान किस क्षेत्र का है?
[A] कृषि क्षेत्र
[B] औद्योगिक क्षेत्र
[C] सेवा क्षेत्र
[D] इनमें से कोई नहीं
6. राष्ट्रीय आय में वृद्धि होने से सामान्यतः क्या होता है?
[A] प्रति व्यक्ति आय में कमी
[B] प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि
[C] मुद्रास्फीति में वृद्धि
[D] आर्थिक विकास में कमी
7. किसी देश के विकास का सामान्यतः सूचक होता है:
[A] उसकी प्रति व्यक्ति आय
[B] उसकी औसत साक्षरता दर
[C] लोगों का स्वास्थ्य स्तर
[D] उपरोक्त सभी
8. सन 2008-09 के अनुसार भारत की औसत प्रति व्यक्ति आय थी:
[A] ₹22,553
[B] ₹25,494
[C] ₹54,850
[D] ₹68,740
9. आय एक ______ प्रकार का प्रवाह है।
[A] स्टॉक
[B] निरंतर
[C] अनियमित
[D] आकस्मिक
10. राष्ट्रीय आय की गणना की मुख्य विधि है:
[A] उत्पादन गणना विधि
[B] आय गणना विधि
[C] व्यय गणना विधि
[D] उपरोक्त सभी
11. भारत में गरीबी रेखा के निर्धारण के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति न्यूनतम दैनिक कैलोरी आवश्यकता कितनी है?
[A] 2100 कैलोरी
[B] 2400 कैलोरी
[C] 2000 कैलोरी
[D] 2500 कैलोरी
12. राष्ट्रीय आय का सृजन होता है:
[A] विनिमय द्वारा
[B] उपभोग द्वारा
[C] उत्पादक क्रियाओं द्वारा
[D] वितरण द्वारा
13. आर्थिक विकास का गैर-आर्थिक कारक कौन सा है?
[A] प्राकृतिक संसाधन
[B] सामाजिक संस्थाएँ
[C] पूंजी निर्माण
[D] मानव संसाधन
14. बिहार की आय में सर्वाधिक योगदान होता है:
[A] कृषि क्षेत्र का
[B] सेवा क्षेत्र का
[C] औद्योगिक क्षेत्र का
[D] इनमें से कोई नहीं
15. निम्नलिखित में से कौन सा पूंजी का स्रोत नहीं है?
[A] बचत
[B] निवेश
[C] ऋण
[D] उपभोग
16. राष्ट्रीय आय में शामिल होती है:
[A] घरेलू कामगारों की सेवाएँ
[B] अवैध क्रियाओं से आय
[C] सरकार द्वारा दी गई पेंशन
[D] वस्तुओं और सेवाओं का अंतिम मूल्य
17. प्रति व्यक्ति आय निकालने के लिए राष्ट्रीय आय को भाग दिया जाता है:
[A] कुल जनसंख्या से
[B] कार्यशील जनसंख्या से
[C] कुल क्षेत्रफल से
[D] कुल उत्पाद से
18. अदृश्य बेरोजगारी किस क्षेत्र में पाई जाती है?
[A] सेवा क्षेत्र
[B] कृषि क्षेत्र
[C] औद्योगिक क्षेत्र
[D] इनमें से कोई नहीं
19. किसी देश की राष्ट्रीय आय अधिक हो तो वह देश कहलाता है:
[A] अविकसित
[B] विकसित
[C] अर्ध-विकसित
[D] पिछड़ा
20. आय तथा उपभोग का अंतर कहलाता है:
[A] निवेश
[B] उत्पादन
[C] बचत
[D] खर्च
[A] सरकार की आय
[B] पारिवारिक आय
[C] उत्पादन के सभी साधनों की आय
[D] सार्वजनिक क्षेत्र की आय
2. भारत में ‘राष्ट्रीय आय’ की गणना का कार्य कौन करता है?
[A] नीति आयोग
[B] केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन (CSO)
[C] भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)
[D] वित्त मंत्रालय
3. किस राज्य की प्रति व्यक्ति आय सर्वाधिक है?
[A] बिहार
[B] पंजाब
[C] गोवा
[D] केरल
4. आर्थिक क्रियाओं का उद्देश्य होता है:
[A] मनोरंजन
[B] समाज सेवा
[C] जीविकोपार्जन
[D] धर्म का प्रचार
5. सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में सबसे बड़ा योगदान किस क्षेत्र का है?
[A] कृषि क्षेत्र
[B] औद्योगिक क्षेत्र
[C] सेवा क्षेत्र
[D] इनमें से कोई नहीं
6. राष्ट्रीय आय में वृद्धि होने से सामान्यतः क्या होता है?
[A] प्रति व्यक्ति आय में कमी
[B] प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि
[C] मुद्रास्फीति में वृद्धि
[D] आर्थिक विकास में कमी
7. किसी देश के विकास का सामान्यतः सूचक होता है:
[A] उसकी प्रति व्यक्ति आय
[B] उसकी औसत साक्षरता दर
[C] लोगों का स्वास्थ्य स्तर
[D] उपरोक्त सभी
8. सन 2008-09 के अनुसार भारत की औसत प्रति व्यक्ति आय थी:
[A] ₹22,553
[B] ₹25,494
[C] ₹54,850
[D] ₹68,740
9. आय एक ______ प्रकार का प्रवाह है।
[A] स्टॉक
[B] निरंतर
[C] अनियमित
[D] आकस्मिक
10. राष्ट्रीय आय की गणना की मुख्य विधि है:
[A] उत्पादन गणना विधि
[B] आय गणना विधि
[C] व्यय गणना विधि
[D] उपरोक्त सभी
11. भारत में गरीबी रेखा के निर्धारण के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति न्यूनतम दैनिक कैलोरी आवश्यकता कितनी है?
[A] 2100 कैलोरी
[B] 2400 कैलोरी
[C] 2000 कैलोरी
[D] 2500 कैलोरी
12. राष्ट्रीय आय का सृजन होता है:
[A] विनिमय द्वारा
[B] उपभोग द्वारा
[C] उत्पादक क्रियाओं द्वारा
[D] वितरण द्वारा
13. आर्थिक विकास का गैर-आर्थिक कारक कौन सा है?
[A] प्राकृतिक संसाधन
[B] सामाजिक संस्थाएँ
[C] पूंजी निर्माण
[D] मानव संसाधन
14. बिहार की आय में सर्वाधिक योगदान होता है:
[A] कृषि क्षेत्र का
[B] सेवा क्षेत्र का
[C] औद्योगिक क्षेत्र का
[D] इनमें से कोई नहीं
15. निम्नलिखित में से कौन सा पूंजी का स्रोत नहीं है?
[A] बचत
[B] निवेश
[C] ऋण
[D] उपभोग
16. राष्ट्रीय आय में शामिल होती है:
[A] घरेलू कामगारों की सेवाएँ
[B] अवैध क्रियाओं से आय
[C] सरकार द्वारा दी गई पेंशन
[D] वस्तुओं और सेवाओं का अंतिम मूल्य
17. प्रति व्यक्ति आय निकालने के लिए राष्ट्रीय आय को भाग दिया जाता है:
[A] कुल जनसंख्या से
[B] कार्यशील जनसंख्या से
[C] कुल क्षेत्रफल से
[D] कुल उत्पाद से
18. अदृश्य बेरोजगारी किस क्षेत्र में पाई जाती है?
[A] सेवा क्षेत्र
[B] कृषि क्षेत्र
[C] औद्योगिक क्षेत्र
[D] इनमें से कोई नहीं
19. किसी देश की राष्ट्रीय आय अधिक हो तो वह देश कहलाता है:
[A] अविकसित
[B] विकसित
[C] अर्ध-विकसित
[D] पिछड़ा
20. आय तथा उपभोग का अंतर कहलाता है:
[A] निवेश
[B] उत्पादन
[C] बचत
[D] खर्च
खंड 2: लघु उत्तरीय प्रश्न
1. राष्ट्रीय आय को परिभाषित करें।
2. सकल घरेलू उत्पाद (GDP) और सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) में क्या अंतर है?
3. प्रति व्यक्ति आय से आप क्या समझते हैं? इसका क्या महत्व है?
4. बिहार के संदर्भ में राज्य आय का क्या अर्थ है?
5. आर्थिक विकास और आर्थिक वृद्धि में मुख्य अंतर स्पष्ट करें।
6. बचत क्या है? यह आर्थिक विकास के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
7. आय की गणना में आने वाली किन्हीं दो कठिनाइयों का उल्लेख करें।
8. अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों के नाम बताएँ।
9. माल्थस का जनसंख्या सिद्धांत क्या है? संक्षेप में बताएँ।
10. गरीबी रेखा क्या है? भारत में इसके निर्धारण का क्या आधार है?
2. सकल घरेलू उत्पाद (GDP) और सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) में क्या अंतर है?
3. प्रति व्यक्ति आय से आप क्या समझते हैं? इसका क्या महत्व है?
4. बिहार के संदर्भ में राज्य आय का क्या अर्थ है?
5. आर्थिक विकास और आर्थिक वृद्धि में मुख्य अंतर स्पष्ट करें।
6. बचत क्या है? यह आर्थिक विकास के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
7. आय की गणना में आने वाली किन्हीं दो कठिनाइयों का उल्लेख करें।
8. अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों के नाम बताएँ।
9. माल्थस का जनसंख्या सिद्धांत क्या है? संक्षेप में बताएँ।
10. गरीबी रेखा क्या है? भारत में इसके निर्धारण का क्या आधार है?
खंड 3: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
1. राष्ट्रीय आय क्या है? इसकी गणना की विभिन्न विधियों का विस्तृत वर्णन करें।
2. बिहार के आर्थिक पिछड़ेपन के प्रमुख कारण क्या हैं? इन्हें दूर करने के उपायों पर प्रकाश डालें।
3. प्रति व्यक्ति आय का क्या महत्व है? किसी देश के आर्थिक विकास में यह किस प्रकार सहायक होती है?
4. आय और उपभोग के संबंध को स्पष्ट करें। बचत आर्थिक विकास के लिए कैसे उपयोगी है?
5. भारतीय अर्थव्यवस्था में विभिन्न क्षेत्रों के योगदान का विश्लेषण करें और यह बताएँ कि राष्ट्रीय आय में उनका क्या महत्व है।
2. बिहार के आर्थिक पिछड़ेपन के प्रमुख कारण क्या हैं? इन्हें दूर करने के उपायों पर प्रकाश डालें।
3. प्रति व्यक्ति आय का क्या महत्व है? किसी देश के आर्थिक विकास में यह किस प्रकार सहायक होती है?
4. आय और उपभोग के संबंध को स्पष्ट करें। बचत आर्थिक विकास के लिए कैसे उपयोगी है?
5. भारतीय अर्थव्यवस्था में विभिन्न क्षेत्रों के योगदान का विश्लेषण करें और यह बताएँ कि राष्ट्रीय आय में उनका क्या महत्व है।
राज्य एवं राष्ट्र की आय FlashCard
किसी विषय के Practice Set लगाना क्यों जरूरी हैं?
- किसी भी विषय के Practice Set को हल करने से छात्रों को यह पता चलता है कि उस विषय की तैयारी कैसी है?
- Practice Set हल करने से यह पता चलता है कि कौन-सा टॉपिक कमजोर है, कहाँ गलती हो रही है और किस हिस्से पर दोबारा ध्यान देना चाहिए।
- Practice Set लगाने से लिखने की गति बढ़ती है और उत्तर सटीक लिखने की आदत बनती है।
- यह एक तरह से छोटा Revision होता है। इसे हल करते समय पूरा अध्याय दोहराया जाता है, जिससे याददाश्त मजबूत बनती है।
- परीक्षा के प्रति डर खत्म होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। इससे अच्छे नंबर आने की संभावना बढ़ जाती है।
Practice Sets को कैसे solve करें?
हमने ऊपर यह देखा कि Practice Sets को solve करना क्यों जरूरी है? यह केवल “उत्तर लिखने” की गतिविधि नहीं है, बल्कि “परीक्षा की स्थिति में खुद को ढालने” का अभ्यास है। अब हम देखते है इन्हें Solve कैसे करें?
- सबसे पहले एक शांत जगह पर टेबल और कुर्सी के साथ बैठें। अपने पास Practice Set वाली कॉपी, पेन और अन्य ज़रूरी सामग्री रखें ताकि बीच में उठना न पड़े।
- Practice Set हल करने से पहले सभी प्रश्नों को ध्यान से पढ़ें। इससे आपको कठिनाई का स्तर समझ आता है और यह तय करना आसान होता है कि किस प्रश्न से शुरुआत करें।
- हर प्रश्न के लिए समय तय करें और उसी समय सीमा में उसे हल करने की कोशिश करें। इससे आपकी स्पीड और Time Management मजबूत होगा।
- Practice Set पूरा करने के बाद अपने उत्तरों को स्वयं जाँचें और चाहें तो अपने शिक्षक से भी जाँच करवाएँ। इससे आपकी लिखने की शैली, Presentation और Accuracy का पता चलता है।
- Practice Set हल करने के बाद जिन जगहों पर कमी मिले, जैसे : साफ़ लिखावट, तेज गति से लिखना, सही और सटीक उत्तर देना और आत्मविश्वास एवं फ़ोकस बना रहे, उन्हें सुधारने की कोशिश करें।
- Tips
अगर आप हमारे द्वारा दिए गए Practice Set को परीक्षा जैसी स्थिति में हल करते हैं,
तो असली परीक्षा में आपको किसी भी तरह की घबराहट नहीं होगी और आपकी तैयारी 100% हो जाएगी।
अर्थशास्त्र के सभी अध्यायों का समाधान भी देखें।
सारांश
हमें आशा है कि यह पोस्ट आपको पसंद आया होगा। बिहार बोर्ड के सभी अध्यायों का अभ्यास सेट का नियमित अभ्यास ही आपकी सफलता की कुंजी है। ये सेट आपकी तैयारी को मजबूत करते हैं, आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और आपको परीक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार करते हैं। इसलिए, इन अभ्यास सेटों का उपयोग करके अपनी पढ़ाई को और भी प्रभावी बनाएं।
[NOTE] : यदि आपको बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा की तैयारी के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या आ रही है, तो आप निःसंकोच हमसे साझा करें। हम आपकी सहायता के लिए हमेशा तत्पर हैं। साथ ही, यदि हमारे कार्य या वेबसाइट के संबंध में आपका कोई सुझाव है, तो कृपया हमें अवश्य बताएं। हम आपके सुझावों पर गंभीरता से विचार करेंगे और सुधार करने का पूरा प्रयास करेंगे।
[NOTE] : यदि आपको बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा की तैयारी के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या आ रही है, तो आप निःसंकोच हमसे साझा करें। हम आपकी सहायता के लिए हमेशा तत्पर हैं। साथ ही, यदि हमारे कार्य या वेबसाइट के संबंध में आपका कोई सुझाव है, तो कृपया हमें अवश्य बताएं। हम आपके सुझावों पर गंभीरता से विचार करेंगे और सुधार करने का पूरा प्रयास करेंगे।