BSEB Class10 Economics Chapter 3 Practice Set pdf : 100% Score वाला PDF यहाँ है!

नमस्कार प्रिय छात्रों, इस पोस्ट में हम बिहार बोर्ड कक्षा 10 के सामाजिक विज्ञान की पुस्तक अर्थशास्त्र के तीसरे अध्याय ‘मुद्रा, बचत एवं साख’ का Revision और इसके Important नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित प्रश्नों की Practice Set को देखने वाले हैं। नीचे आपको इस अध्यय Practice Set दिया गया है।

बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा की तैयारी को मजबूत करने के लिए, BSEB Class10 Economics Chapter 2 Practice Set pdf एक शानदार संसाधन है। यह अभ्यास सेट आपको महत्वपूर्ण आसान और उच्चस्तरीय प्रश्नों से परिचित कराएगा और आपकी उत्तर लेखन क्षमता को भी सुधारेगा। आप इन प्रैक्टिस सेट को अक्सर ‘free pdf’ के रूप में ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। बिहार बोर्ड के पैटर्न पर आधारित ये सेट आपको वास्तविक परीक्षा का अनुभव देंगे और सुनिश्चित करेंगे कि आप हर अवधारणा को गहराई से समझते हैं। नियमित रूप से इन सेटों का अभ्यास करके, आप परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
नीचे आप सभी को यह भी बताया गया है कि Practice Set लगाना कक्यों जरूरी है तथा इसे कैसे लगाएं?

BSEB 10th के तीसरे अध्याय "मुद्रा, बचत एवं साख" में हमने क्या - क्या पढ़ा है?

बिहार बोर्ड कक्षा 10 के अर्थशास्त्र विषय के अध्याय 3 “मुद्रा, बचत एवं साख” में हमने मुद्रा के ऐतिहासिक विकास से शुरुआत की। प्राचीन काल में लोग वस्तु विनिमय प्रणाली का उपयोग करते थे, जिसमें एक व्यक्ति अपनी वस्तु या सेवा के बदले में दूसरे की वस्तु या सेवा प्राप्त करता था। हालांकि, इस प्रणाली में “आवश्यकताओं का दोहरा संयोग” की समस्या थी – दोनों पक्षों को ठीक ही समय पर एक-दूसरे की चीजों की आवश्यकता नहीं होती थी। मुद्रा के आविष्कार ने इस समस्या को हल किया। मुद्रा की परिभाषा है – यह एक ऐसा माध्यम है जिसका उपयोग वस्तुओं और सेवाओं के आदान-प्रदान के लिए किया जाता है।

मुद्रा विनिमय प्रक्रिया में एक मध्यस्थ (Intermediary) के रूप में कार्य करती है। मुद्रा के मुख्य कार्य हैं – विनिमय का माध्यम (Medium of Exchange), मूल्य का संचय (Store of Value), विलंबित भुगतान का मान (Standard of Deferred Payment), और मूल्य का हस्तांतरण (Transfer of Value)। मुद्रा के विकास में विभिन्न चरण थे – सबसे पहले सोना और चाँदी जैसी कीमती धातुओं का उपयोग किया गया, फिर धातु के सिक्के बनाए गए, फिर कागजी मुद्रा का विकास हुआ, और अब प्लास्टिक मुद्रा (ATM कार्ड, डेबिट कार्ड आदि) और डिजिटल मुद्रा का प्रचलन बढ़ रहा है।

आगे हमने बचत (Savings) और साख (Credit) के महत्व का विस्तार से अध्ययन किया। बचत का अर्थ है आज की खपत को कम करके भविष्य के लिए धन संरक्षित करना। बचत किसी भी अर्थव्यवस्था के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी से निवेश के लिए पूंजी मिलती है। लोग अपनी बचत को बैंकों में जमा करते हैं, जहाँ उन्हें ब्याज भी मिलता है। साख (Credit) से तात्पर्य है किसी को विश्वास के आधार पर धन या वस्तु देना। साख की आधारशिला विश्वास (Trust) है – लेनदार को यह विश्वास होना चाहिए कि कर्जदार समय पर कर्ज वापस करेगा। साख की शर्तें (Terms of Credit) कई प्रकार की होती हैं – ब्याज की दर, समर्थक ऋणाधार (Collateral), आवश्यक कागजात, और भुगतान के तरीके।

भारत में साख के दो मुख्य क्षेत्र हैं – संस्थागत या औपचारिक क्षेत्र (जहाँ बैंक, सहकारी समितियाँ साख प्रदान करती हैं) और गैर-संस्थागत या अनौपचारिक क्षेत्र (जहाँ महाजन, साहूकार, जमींदार आदि साख देते हैं)। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश के वित्तीय तंत्र का नियामक है – यह करेंसी जारी करता है, बैंकों पर निगरानी रखता है, और ब्याज दरों को नियंत्रित करता है। गरीब लोगों के लिए स्वयं सहायता समूह (SHG) बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जो उन्हें आसानी से साख प्रदान करते हैं। कुल मिलाकर, मुद्रा, बचत और साख की सही समझ किसी भी व्यक्ति को आर्थिक रूप से सुदृढ़ और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

मुद्रा, बचत एवं साख Practice Set 1

खंड 1: वस्तुनिष्ठ प्रश्न

1. विनिमय का सर्वोत्तम माध्यम क्या है?
[A] वस्तु
[B] चेक
[C] मुद्रा
[D] प्रतिज्ञा पत्र

2. साख पत्र के कितने प्रकार होते हैं?
[A] 2
[B] 3
[C] 4
[D] 5

3. मुद्रा का क्या कार्य है?
[A] विनिमय का माध्यम
[B] मूल्य का मापक
[C] विलंबित भुगतान का माध्यम
[D] उपरोक्त सभी

4. एटीएम (ATM) का पूर्ण रूप क्या है?
[A] ऑटोमेटेड ट्रांसफर मशीन
[B] ऑटोमेटिक टेलर मशीन
[C] आर्काइव टाइम मशीन
[D] एडवांस टेलर मशीन

5. भारत में करेंसी नोट कौन जारी करता है?
[A] वित्त मंत्रालय
[B] भारतीय स्टेट बैंक
[C] रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया
[D] पंजाब नेशनल बैंक

6. बचत क्या है?
[A] आय का उपभोग भाग
[B] आय का वह भाग जो उपभोग से अधिक है
[C] कुल आय
[D] इनमें से कोई नहीं

7. प्लास्टिक मुद्रा का एक उदाहरण है:
[A] चेक
[B] ड्राफ्ट
[C] डेबिट कार्ड
[D] मुद्रा नोट

8. स्वयं सहायता समूह (Self-Help Group) में सदस्यों की न्यूनतम संख्या आमतौर पर कितनी होती है?
[A] 5-10
[B] 15-20
[C] 20-25
[D] 10-15

9. आधुनिक युग में औद्योगिक विकास में किस मुद्रा का सर्वाधिक महत्व है?
[A] धातु मुद्रा
[B] पत्र मुद्रा
[C] साख मुद्रा
[D] वस्तु मुद्रा

10. भारत की वित्तीय राजधानी किस शहर को कहा जाता है?
[A] दिल्ली
[B] बेंगलुरु
[C] मुंबई
[D] चेन्नई

11. साख के मुख्य आधार क्या हैं?
[A] विश्वास
[B] चरित्र
[C] चुकाने की क्षमता
[D] उपरोक्त सभी

12. विनिमय की प्रारंभिक अवस्था में कौन सी प्रणाली प्रचलित थी?
[A] मुद्रा प्रणाली
[B] वस्तु विनिमय प्रणाली
[C] साख प्रणाली
[D] चेक प्रणाली

13. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की स्थापना कब हुई थी?
[A] 1934
[B] 1935
[C] 1947
[D] 1952

14. भारत में कितने राष्ट्रीयकृत बैंक हैं?
[A] 12
[B] 19
[C] 27
[D] 21

15. कौन सा बैंक कृषि और ग्रामीण विकास के लिए ऋण प्रदान करता है?
[A] स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
[B] रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया
[C] नाबार्ड
[D] पंजाब नेशनल बैंक

16. चेक एक प्रकार का ____ है।
[A] मुद्रा
[B] साख पत्र
[C] बचत
[D] विनिमय

17. पैसे के आधुनिक रूप में क्या शामिल नहीं है?
[A] कागजी नोट
[B] सिक्के
[C] क्रेडिट कार्ड
[D] वस्तुएं

18. किस प्रणाली के तहत आवश्यकता के दोहरे संयोग की समस्या होती है?
[A] मुद्रा प्रणाली
[B] वस्तु विनिमय प्रणाली
[C] साख प्रणाली
[D] बैंकिंग प्रणाली

19. बैंक द्वारा प्रदान की जाने वाली ऋण सुविधा क्या कहलाती है?
[A] बचत
[B] जमा
[C] साख
[D] निकासी

20. कौन सा संस्थागत वित्त का स्रोत है?
[A] महाजन
[B] रिश्तेदार
[C] वाणिज्यिक बैंक
[D] ग्रामीण बैंक

खंड 2: लघु उत्तरीय प्रश्न

1. मुद्रा की परिभाषा दें।
2. वस्तु विनिमय प्रणाली क्या है? इसकी दो कठिनाइयों को बताएं।
3. बचत क्या है? यह क्यों आवश्यक है?
4. साख (Credit) से आप क्या समझते हैं?
5. एटीएम (ATM) क्या है? इसके दो लाभ बताएं।
6. स्वयं सहायता समूह (SHG) क्या हैं? ये कैसे काम करते हैं?
7. औपचारिक और अनौपचारिक ऋण स्रोतों में क्या अंतर है?
8. बैंकों के किन्हीं दो महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख करें।
9. वित्तीय साक्षरता क्या है?
10. डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड में मुख्य अंतर क्या है?

खंड 3: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

1. मुद्रा के कार्यों का विस्तारपूर्वक वर्णन करें।
2. मुद्रा के विकास पर प्रकाश डालें। वस्तु विनिमय प्रणाली से लेकर आधुनिक मुद्रा तक की यात्रा को समझाएँ।
3. बचत क्या है? भारत जैसे विकासशील देश में बचत की महत्ता का वर्णन करें।
4. साख के विभिन्न स्रोतों की व्याख्या करें। ग्रामीण क्षेत्रों में साख के महत्व को भी समझाएँ।
5. भारतीय रिजर्व बैंक के प्रमुख कार्यों की विवेचना करें। इसका भारतीय अर्थव्यवस्था में क्या महत्व है?

किसी विषय के Practice Set लगाना क्यों जरूरी हैं?

Practice Sets को कैसे solve करें?

हमने ऊपर यह देखा कि Practice Sets को solve करना क्यों जरूरी है? यह केवल “उत्तर लिखने” की गतिविधि नहीं है, बल्कि “परीक्षा की स्थिति में खुद को ढालने” का अभ्यास है। अब हम देखते है इन्हें Solve कैसे करें?
अगर आप हमारे द्वारा दिए गए Practice Set को परीक्षा जैसी स्थिति में हल करते हैं, तो असली परीक्षा में आपको किसी भी तरह की घबराहट नहीं होगी और आपकी तैयारी 100% हो जाएगी।

अर्थशास्त्र के सभी अध्यायों का समाधान भी देखें।

क्रमांक अध्याय
1 अर्थव्यवस्था एवं इसके विकास का इतिहास
2 राज्य एवं राष्ट्र की आय
3 मुद्रा, बचत एवं साख
4 हमारी वित्तीय संस्थाएँ
5 रोजगार एवं सेवाएँ
6 वैश्वीकरण
7 उपभोक्ता जागरूकता एवं संरक्षण

सारांश

हमें आशा है कि यह पोस्ट आपको पसंद आया होगा। इसी प्रकार बिहार बोर्ड के सभी अध्यायों का Practice Set का नियमित अभ्यास करते रहें यही आपकी सफलता की कुंजी है। ये सेट आपकी तैयारी को मजबूत करते हैं, आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और आपको परीक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार करते हैं। इसलिए, इन अभ्यास सेटों का उपयोग करके अपनी पढ़ाई को और भी प्रभावी बनाएं।
[NOTE] : यदि आपको बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा की तैयारी के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या आ रही है, तो आप निःसंकोच हमसे साझा करें। हम आपकी सहायता के लिए हमेशा तत्पर हैं। साथ ही, यदि हमारे कार्य या वेबसाइट के संबंध में आपका कोई सुझाव है, तो कृपया हमें अवश्य बताएं। हम आपके सुझावों पर गंभीरता से विचार करेंगे और सुधार करने का पूरा प्रयास करेंगे।
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