BSEB Class10 Economics Chapter 4 Practice Set pdf : बिहार बोर्ड परीक्षा की सम्पूर्ण तैयारी !

नमस्कार प्रिय छात्रों, इस पोस्ट में हम बिहार बोर्ड कक्षा 10 के सामाजिक विज्ञान की पुस्तक अर्थशास्त्र के चौथे अध्याय “हमारी वित्तीय संस्थाएँ” का Revision और इसके नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित महत्वपूर्ण प्रश्नों की Practice Set देखने वाले हैं। नीचे आपको इस अध्याय का Practice Set दिया गया है।

बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा की तैयारी को मजबूत करने के लिए, BSEB Class10 Economics Chapter 2 Practice Set pdf एक शानदार संसाधन है। यह अभ्यास सेट आपको महत्वपूर्ण प्रश्नों से परिचित कराएगा और आपकी उत्तर लेखन क्षमता को सुधारेगा। आप इन प्रैक्टिस सेट को अक्सर ‘free pdf’ के रूप में ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। बिहार बोर्ड के पैटर्न पर आधारित ये सेट आपको वास्तविक परीक्षा का अनुभव देंगे और सुनिश्चित करेंगे कि आप हर अवधारणा को गहराई से समझते हैं। नियमित रूप से इन सेटों का अभ्यास करके, आप परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

बिहार बोर्ड चौथे अध्याय “हमारी वित्तीय संस्थाएँ” में हमने क्या - क्या पढ़ा है?

वित्तीय संस्थाएँ वे संस्थाएँ हैं जो आर्थिक विकास के लिए उद्योगों और व्यवसायों की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करती हैं। हमारे देश में वित्तीय संस्थाएँ दो प्रकार की होती हैं – संस्थागत या औपचारिक क्षेत्र (जहाँ बैंक और सहकारी समितियाँ कार्य करती हैं) तथा गैर-संस्थागत या अनौपचारिक क्षेत्र (जहाँ महाजन, साहूकार और देशी बैंकर कार्य करते हैं)। इसके अतिरिक्त, इन्हें सरकारी, अर्द्ध-सरकारी और निजी संस्थाओं में भी विभाजित किया जाता है। सरकारी संस्थाएँ जैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और इलाहाबाद बैंक सरकार द्वारा स्थापित और संचालित होती हैं। ये संस्थाएँ समाज के विभिन्न वर्गों को ऋण प्रदान करती हैं और साख की व्यवस्था करती हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भारत का केंद्रीय बैंक है और यह संपूर्ण वित्तीय प्रणाली का नियामक है। RBI की स्थापना 1935 में की गई थी और यह देश की मुद्रा नीति को नियंत्रित करता है। इसके मुख्य कार्य हैं — मुद्रा जारी करना, अन्य बैंकों की निगरानी करना, ब्याज दरों को तय करना, और वित्तीय स्थिरता बनाए रखना। इसे “बैंकों का बैंक” कहा जाता है क्योंकि यह अन्य बैंकों को ऋण प्रदान करता है। इसके अलावा, RBI देश के विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन भी करता है और डिजिटल भुगतान प्रणाली को बढ़ावा देकर भारत की बैंकिंग व्यवस्था को अधिक सशक्त और विश्वसनीय बनाता है।

व्यावसायिक बैंक जमा स्वीकार करते हैं और ऋण प्रदान करते हैं। भारत में व्यावसायिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण 1969 में किया गया था। ये बैंक व्यापार, उद्योग और कृषि क्षेत्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करते हैं। सहकारी बैंक स्थानीय स्तर पर कार्य करते हैं और छोटे किसानों तथा कारीगरों को ऋण देते हैं। बिहार में वर्तमान में 25 केंद्रीय सहकारी बैंक कार्यरत हैं जो प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से किसानों को अल्पकालीन ऋण उपलब्ध कराते हैं। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB) ग्रामीण विकास के लिए स्थापित किए गए हैं। देश में 196 RRB कार्यरत हैं जो कृषि एवं ग्रामीण उद्योगों को वित्तीय सहायता प्रदान करते हैं।

नाबार्ड (National Bank for Agriculture and Rural Development) कृषि और ग्रामीण विकास के लिए वित्त प्रदान करने वाली एक प्रमुख संस्था है। यह किसानों को मध्यकालीन और दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध कराती है। भूमि विकास बैंक कृषि सुधारों के लिए दीर्घकालीन ऋण प्रदान करते हैं। वित्तीय समावेशन का अर्थ है — समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक बैंकिंग और वित्तीय सेवाएँ सुलभ कराना। प्रधानमंत्री जन धन योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। स्वयं सहायता समूह (SHG) गरीब महिलाओं और पुरुषों को साख प्रदान करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इन सभी संस्थाओं के प्रयासों से भारत में एक सशक्त और समावेशी वित्तीय प्रणाली का विकास हुआ है।

हमारी वित्तीय संस्थाएँ Practice Set 1

खंड 1: वस्तुनिष्ठ प्रश्न

1. भारतीय पूंजी बाजार का मुख्य अंग क्या है?
(A) जमा बाजार
(B) प्रतिभूति बाजार
(C) विनिमय बाजार
(D) उत्पाद बाजार

2. ग्रामीण विकास के लिए कृषि एवं ग्रामीण विकास हेतु पुनर्वित्त प्रदान करने वाली शीर्ष संस्था कौन है?
(A) भारतीय रिजर्व बैंक
(B) नाबार्ड
(C) विश्व बैंक
(D) भारतीय स्टेट बैंक

3. राज्य वित्त निगम (SFCs) की स्थापना क्यों की गई थी?
(A) बड़े उद्योगों को ऋण देने हेतु
(B) विदेशी व्यापार को बढ़ावा देने हेतु
(C) मध्यम एवं लघु उद्योगों को ऋण देने हेतु
(D) ग्रामीण क्षेत्रों में बचत को बढ़ावा देने हेतु

4. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की स्थापना कब हुई?
(A) 1934
(B) 1935
(C) 1947
(D) 1950

5. भारत में सहकारिता आंदोलन का प्रारंभ कब हुआ?
(A) 1900
(B) 1902
(C) 1904
(D) 1905

6. स्वयं सहायता समूह (SHG) में सामान्यतः कितने सदस्य होते हैं?
(A) 5-10
(B) 10-15
(C) 15-20
(D) 20-25

7. व्यवसायिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण किस वर्ष किया गया था (पहली बार)?
(A) 1966
(B) 1969
(C) 1972
(D) 1980

8. भारत की वित्तीय राजधानी किस शहर को कहा जाता है?
(A) दिल्ली
(B) मुंबई
(C) चेन्नई
(D) कोलकाता

9. क्रेडिट कार्ड किस श्रेणी में आता है?
(A) कागजी मुद्रा
(B) धात्विक मुद्रा
(C) प्लास्टिक मुद्रा
(D) वस्तु मुद्रा

10. मुद्रा बाजार की संस्थागत वित्तीय संस्थाओं में कौन शामिल है?
(A) महाजन
(B) व्यवसायिक बैंक
(C) पूंजीपति
(D) व्यापारी

11. गैर-संस्थागत वित्तीय संस्थाओं में कौन शामिल नहीं है?
(A) महाजन
(B) सेठ साहूकार
(C) सहकारी बैंक
(D) व्यापारी

12. वित्तीय संस्थाओं के प्रमुख कार्य क्या हैं?
(A) केवल जमा स्वीकार करना
(B) केवल ऋण प्रदान करना
(C) जमा स्वीकार करना और ऋण प्रदान करना
(D) केवल सरकारी योजनाएँ चलाना

13. सूक्ष्म वित्त योजना (Micro-Finance) के तहत ऋण किसे प्रदान किया जाता है?
(A) बड़े उद्योगों को
(B) बहुराष्ट्रीय कंपनियों को
(C) छोटे एवं गरीब तबके के लोगों को
(D) सरकारी कर्मचारियों को

14. भारत में बैंकिंग क्षेत्र में कौन-सी संस्था सबसे बड़ी है?
(A) पंजाब नेशनल बैंक
(B) बैंक ऑफ बड़ौदा
(C) भारतीय स्टेट बैंक
(D) केनरा बैंक

15. ‘मुद्रा’ क्या है?
(A) एक धातु
(B) विनिमय का माध्यम
(C) एक प्रकार का सामान
(D) एक प्रकार की वस्तु

16. प्राथमिक कृषि साख समिति किसानों को किस प्रकार का ऋण प्रदान करती है?
(A) दीर्घकालीन
(B) मध्यमकालीन
(C) अल्पकालीन
(D) इनमें से कोई नहीं

17. भारत में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की स्थापना कब हुई?
(A) 1970
(B) 1975
(C) 1980
(D) 1985

18. पूंजी बाजार में किस प्रकार के लेन-देन होते हैं?
(A) अल्पकालिक
(B) दीर्घकालिक
(C) मध्यमकालिक
(D) तत्कालिक

19. किस क्षेत्र को ‘अर्थव्यवस्था का रीढ़’ कहा जाता है?
(A) कृषि क्षेत्र
(B) औद्योगिक क्षेत्र
(C) वित्तीय क्षेत्र
(D) सेवा क्षेत्र

20. बिहार में कार्यरत केंद्रीय सहकारी बैंकों की संख्या कितनी है?
(A) 25
(B) 30
(C) 35
(D) 40

खंड 2: लघु उत्तरीय प्रश्न

1. वित्तीय संस्थाएँ किसे कहते हैं? संक्षेप में बताएँ।
2. संस्थागत वित्तीय स्रोत और गैर-संस्थागत वित्तीय स्रोत में क्या अंतर है?
3. सहकारिता के मूल सिद्धांत क्या हैं?
4. स्वयं सहायता समूह (SHG) से आप क्या समझते हैं?
5. नाबार्ड (NABARD) के किन्हीं दो कार्यों का वर्णन करें।
6. बैंकिंग प्रणाली क्या है?
7. मुद्रा बाजार और पूंजी बाजार में अंतर स्पष्ट करें।
8. व्यवसायिक बैंकों के प्रमुख कार्यों को लिखें।
9. साख (Credit) क्या है? इसके दो मुख्य आधार बताएँ।
10. सूक्ष्म वित्त योजना से क्या लाभ हैं?

खंड 3: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

1. भारत में वित्तीय संस्थाओं के महत्व और कार्यों का विस्तृत वर्णन करें।
2. व्यवसायिक बैंक किसे कहते हैं? इसके प्रमुख कार्यों का विस्तारपूर्वक वर्णन करें।
3. सहकारिता आंदोलन क्या है? बिहार के विकास में इसकी भूमिका का मूल्यांकन करें।
4. राज्य वित्त निगम (SFCs) क्या हैं? इनकी भूमिका और महत्व पर प्रकाश डालें।
5. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करें।

किसी विषय के Practice Set लगाना क्यों जरूरी हैं?

Practice Sets को कैसे solve करें?

हमने ऊपर यह देखा कि Practice Sets को solve करना क्यों जरूरी है? यह केवल “उत्तर लिखने” की गतिविधि नहीं है, बल्कि “परीक्षा की स्थिति में खुद को ढालने” का अभ्यास है। अब हम देखते है इन्हें Solve कैसे करें?
अगर आप हमारे द्वारा दिए गए Practice Set को परीक्षा जैसी स्थिति में हल करते हैं, तो असली परीक्षा में आपको किसी भी तरह की घबराहट नहीं होगी और आपकी तैयारी 100% हो जाएगी।

अर्थशास्त्र के सभी अध्यायों का समाधान भी देखें।

क्रमांक अध्याय
1 अर्थव्यवस्था एवं इसके विकास का इतिहास
2 राज्य एवं राष्ट्र की आय
3 मुद्रा, बचत एवं साख
4 हमारी वित्तीय संस्थाएँ
5 रोजगार एवं सेवाएँ
6 वैश्वीकरण
7 उपभोक्ता जागरूकता एवं संरक्षण

सारांश

हमें आशा है कि यह पोस्ट आपको पसंद आया होगा। बिहार बोर्ड के सभी अध्यायों का अभ्यास सेट का नियमित अभ्यास ही आपकी सफलता की कुंजी है। ये सेट आपकी तैयारी को मजबूत करते हैं, आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और आपको परीक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार करते हैं। इसलिए, इन अभ्यास सेटों का उपयोग करके अपनी पढ़ाई को और भी प्रभावी बनाएं।
[NOTE] : यदि आपको बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा की तैयारी के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या आ रही है, तो आप निःसंकोच हमसे साझा करें। हम आपकी सहायता के लिए हमेशा तत्पर हैं। साथ ही, यदि हमारे कार्य या वेबसाइट के संबंध में आपका कोई सुझाव है, तो कृपया हमें अवश्य बताएं। हम आपके सुझावों पर गंभीरता से विचार करेंगे और सुधार करने का पूरा प्रयास करेंगे।
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