BSEB Class10 Economics Chapter 5 Practice Set pdf : परीक्षा में टॉप करने के लिए ये प्रश्न रट लो !

नमस्कार प्रिय छात्रों, इस पोस्ट में हम बिहार बोर्ड कक्षा 10 के सामाजिक विज्ञान की पुस्तक अर्थशास्त्र के पाँचवें अध्याय ‘रोजगार एवं सेवाएँ’ का Revision और इसके Important नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित प्रश्नों की Practice Set को देखने वाले हैं। नीचे आपको इस अध्यय Practice Set दिया गया है।

बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा की तैयारी को मजबूत करने के लिए, BSEB Class10 Economics Chapter 2 Practice Set pdf एक शानदार संसाधन है। यह अभ्यास सेट आपको महत्वपूर्ण आसान और उच्चस्तरीय प्रश्नों से परिचित कराएगा और आपकी उत्तर लेखन क्षमता को भी सुधारेगा। आप इन प्रैक्टिस सेट को अक्सर ‘free pdf’ के रूप में ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। बिहार बोर्ड के पैटर्न पर आधारित ये सेट आपको वास्तविक परीक्षा का अनुभव देंगे और सुनिश्चित करेंगे कि आप हर अवधारणा को गहराई से समझते हैं। नियमित रूप से इन सेटों का अभ्यास करके, आप परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
नीचे आप सभी को यह भी बताया गया है कि Practice Set लगाना कक्यों जरूरी है तथा इसे कैसे लगाएं?

BSEB 10th के पाँचवें अध्याय "रोजगार एवं सेवाएँ" में हमने क्या - क्या पढ़ा है?

बिहार बोर्ड कक्षा 10 के अर्थशास्त्र विषय के अध्याय 5 “रोजगार एवं सेवाएँ” में हमने सबसे पहले रोजगार की परिभाषा और उसके महत्व का अध्ययन किया। रोजगार से तात्पर्य किसी कार्य को करके उसके बदले में मजदूरी या वेतन प्राप्त करना है। आर्थिक विकास में रोजगार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मानव संसाधन का सदुपयोग करता है और समाज में आय वितरण को सुनिश्चित करता है। रोजगार को मुख्यतः दो प्रकारों में विभाजित किया जाता है – संगठित क्षेत्र (Organized Sector) और असंगठित क्षेत्र (Unorganized Sector)।

संगठित क्षेत्र में बड़ी सरकारी और निजी कंपनियाँ कार्य करती हैं जहाँ श्रमिकों को कानूनी सुरक्षा, निश्चित वेतन, और सामाजिक सुरक्षा के लाभ मिलते हैं। असंगठित क्षेत्र में छोटे व्यवसाय, कृषि, और घरेलू कार्य आते हैं जहाँ श्रमिकों को न तो पूरी सुरक्षा मिलती है और न ही निश्चित वेतन। भारत की अधिकांश जनसंख्या असंगठित क्षेत्र में काम करती है। इसके अलावा, रोजगार को स्व-रोजगार (Self Employment) और वेतनभोगी रोजगार (Wage Employment) में भी विभाजित किया जाता है। स्व-रोजगार में व्यक्ति अपना खुद का व्यवसाय चलाता है, जबकि वेतनभोगी रोजगार में वह किसी के लिए काम करके वेतन पाता है

इसी अध्याय में हमने सेवा क्षेत्र (Service Sector) के बारे में विस्तार से सीखा। सेवा क्षेत्र को आर्थिक विकास का तीसरा क्षेत्र माना जाता है (पहला कृषि, दूसरा उद्योग)। सेवा क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, बीमा, परिवहन, संचार, पर्यटन, और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल होते हैं। आधुनिक समय में भारत में सेवा क्षेत्र का विकास बहुत तेजी से हो रहा है और यह GDP का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। सेवा क्षेत्र को सरकारी सेवाएँ (Government Services) और गैर-सरकारी सेवाएँ (Non-Government Services) में विभाजित किया जाता है। सरकारी सेवाओं में सैन्य सेवा, शिक्षा सेवा, स्वास्थ्य सेवा, रेल सेवा आदि आते हैं, जबकि गैर-सरकारी सेवाओं में बैंकिंग, बीमा, होटल, मॉल आदि शामिल हैं।

भारत सरकार ने रोजगार सृजन के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएँ चलाई हैं जैसे MGNREGA (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) जो ग्रामीण क्षेत्रों में 100 दिन का रोजगार गारंटी देता है, स्किल इंडिया मिशन जो कौशल प्रशिक्षण प्रदान करता है, और स्वयं सहायता समूह जो महिलाओं को स्व-रोजगार के अवसर देते हैं। बिहार जैसे पिछड़े राज्यों को BIMARU (Bihar, Madhya Pradesh, Rajasthan, Uttar Pradesh) की श्रेणी में रखा जाता है क्योंकि ये राज्य कम औद्योगिक विकास वाले हैं। हालांकि, सेवा क्षेत्र के विकास से इन राज्यों में भी रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

प्रश्न 1: सेवा क्षेत्र से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: सेवा क्षेत्र अर्थव्यवस्था का वह तीसरा क्षेत्र है जो किसी वस्तु का उत्पादन नहीं करता, बल्कि विभिन्न प्रकार की सेवाओं का उत्पादन करता है। जैसे – बैंकिंग, बीमा, परिवहन, संचार, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार आदि। यह क्षेत्र प्राथमिक और द्वितीयक क्षेत्र के विकास में सहायक होता है।

प्रश्न 2: सरकारी सेवा और गैर-सरकारी सेवा में क्या अंतर है?

उत्तर: जब देश की सरकार लोगों को काम के बदले मासिक वेतन देती है और उनसे विभिन्न क्षेत्रों में काम लेती है, तो इसे सरकारी सेवा कहते हैं, जैसे – सैन्य सेवा, शिक्षा सेवा। इसके विपरीत, जब लोग अपने निजी प्रयासों से या निजी कंपनियों के लिए काम करते हैं और सेवाएं प्रदान करते हैं, तो उसे गैर-सरकारी सेवा कहते हैं, जैसे – मॉल, निजी क्लीनिक।

प्रश्न 3: आधारिक संरचना (Infrastructure) किसे कहते हैं?

उत्तर: आधारिक संरचना उन सुविधाओं और सेवाओं का समूह है जो देश के आर्थिक विकास के लिए आवश्यक होते हैं। इसमें बिजली, परिवहन, संचार, बैंकिंग, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल आदि शामिल हैं। एक मजबूत आधारिक संरचना किसी भी देश की प्रगति की नींव होती है।

प्रश्न 4: बेरोजगारी क्या है?

उत्तर: बेरोजगारी वह स्थिति है जिसमें एक व्यक्ति काम करने के योग्य और इच्छुक तो होता है, लेकिन प्रचलित मजदूरी दर पर उसे काम नहीं मिल पाता है। यह किसी भी अर्थव्यवस्था के लिए एक गंभीर समस्या है।

प्रश्न 5: आउटसोर्सिंग (Outsourcing) क्या है?

उत्तर: जब बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ या अन्य कंपनियाँ अपनी नियमित सेवाओं को अपनी कंपनी से बाहर किसी बाहरी स्रोत या समूह से प्राप्त करती हैं, तो उसे आउटसोर्सिंग कहते हैं। भारत सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी आउटसोर्सिंग सेवाओं के लिए एक प्रमुख केंद्र बन गया है।

प्रश्न 6: मनरेगा (MGNREGA) का संक्षिप्त परिचय दें।

उत्तर: मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) भारत सरकार द्वारा लागू की गई एक रोजगार गारंटी योजना है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार के वयस्क सदस्यों को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों का अकुशल शारीरिक श्रम वाला रोजगार उपलब्ध कराना है।

रोजगार एवं सेवाएँ Practice Set 1

खंड 1: वस्तुनिष्ठ प्रश्न

1. सेवा क्षेत्र को किस अन्य नाम से जाना जाता है?
[A] प्राथमिक क्षेत्र
[B] द्वितीयक क्षेत्र
[C] तृतीयक क्षेत्र
[D] इनमें से कोई नहीं

2. भारत में सेवा क्षेत्र में कौन-कौन सी सेवाएँ शामिल हैं?
[A] बैंकिंग
[B] परिवहन
[C] संचार
[D] उपर्युक्त सभी

3. आर्थिक विकास का तीसरा क्षेत्र कौन सा है?
[A] कृषि क्षेत्र
[B] औद्योगिक क्षेत्र
[C] सेवा क्षेत्र
[D] इनमें से कोई नहीं

4. भारत में सबसे अधिक रोजगार कौन सा क्षेत्र प्रदान करता है?
[A] कृषि क्षेत्र
[B] औद्योगिक क्षेत्र
[C] सेवा क्षेत्र
[D] सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र

5. मनरेगा (MGNREGA) के तहत ग्रामीण मजदूरों को साल में कितने दिनों का रोजगार देने की गारंटी है?
[A] 80 दिन
[B] 100 दिन
[C] 120 दिन
[D] 150 दिन

6. कौन सी सेवा गैर-सरकारी सेवा है?
[A] सैन्य सेवा
[B] वित्त सेवा (बैंक)
[C] रेलवे सेवा
[D] मॉल सेवा

7. वैश्वीकरण का सेवा क्षेत्र पर क्या प्रभाव पड़ा है?
[A] नकारात्मक
[B] सकारात्मक
[C] कोई प्रभाव नहीं
[D] उदासीन

8. शिक्षित बेरोजगारी का मुख्य कारण क्या है?
[A] जनसंख्या वृद्धि
[B] शिक्षा की कमी
[C] रोजगार के अवसरों की कमी
[D] गरीबी

9. मानव पूंजी के प्रमुख घटक कौन से हैं?
[A] भोजन
[B] वस्त्र
[C] आवास
[D] उपर्युक्त सभी

10. सेवा क्षेत्र का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में योगदान लगभग कितना प्रतिशत है?
[A] 20-30%
[B] 40-50%
[C] 50-60%
[D] 70-80%

11. किस क्षेत्र में निजी क्षेत्र का योगदान अधिक है?
[A] कृषि
[B] उद्योग
[C] सेवा
[D] इनमें से कोई नहीं

12. भारत में किस प्रकार की बेरोजगारी अधिक पाई जाती है?
[A] खुली बेरोजगारी
[B] अदृश्य बेरोजगारी
[C] संरचनात्मक बेरोजगारी
[D] उपर्युक्त सभी

13. एक अर्थव्यवस्था में कितने मुख्य क्षेत्र होते हैं?
[A] दो
[B] तीन
[C] चार
[D] पाँच

14. आउटसोर्सिंग का संबंध किससे है?
[A] विनिर्माण
[B] कृषि
[C] सेवा
[D] खनन

15. कॉल सेंटर किस प्रकार की सेवा का उदाहरण है?
[A] प्राथमिक
[B] द्वितीयक
[C] तृतीयक
[D] चतुर्थ

16. सेवा क्षेत्र के विकास के लिए क्या आवश्यक है?
[A] बुनियादी ढाँचा
[B] शिक्षा
[C] स्वास्थ्य
[D] उपर्युक्त सभी

17. भारत में आर्थिक सुधारों की शुरुआत कब हुई?
[A] 1980
[B] 1991
[C] 2000
[D] 2010

18. स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना किस वर्ष शुरू की गई?
[A] 1995
[B] 1997
[C] 1999
[D] 2001

19. वैश्विकरण के कारण भारत में किस उद्योग को लाभ हुआ है?
[A] कृषि उद्योग
[B] ऑटोमोबाइल उद्योग
[C] सूचना प्रौद्योगिकी एवं सेवा क्षेत्र
[D] खनन उद्योग

20. ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार प्रदान करने वाला प्रमुख कार्यक्रम कौन सा है?
[A] स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना
[B] प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
[C] महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा)
[D] राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन

खंड 2: लघु उत्तरीय प्रश्न

1. सेवा क्षेत्र क्या है? उदाहरण सहित समझाएँ।
2. सरकारी सेवा और गैर-सरकारी सेवा में क्या अंतर है?
3. रोजगार सृजन में सेवा क्षेत्र की भूमिका का वर्णन करें।
4. आउटसोर्सिंग क्या है? भारत में इसका महत्व क्या है?
5. मनरेगा (MGNREGA) कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य क्या हैं?
6. वैश्वीकरण का सेवा क्षेत्र पर क्या प्रभाव पड़ा है? संक्षेप में बताएँ।
7. शिक्षित बेरोजगारी से आप क्या समझते हैं?
8. मानव पूंजी निर्माण में शिक्षा और स्वास्थ्य का क्या महत्व है?
9. सेवा क्षेत्र के विकास के लिए कौन-कौन सी बुनियादी सुविधाएँ आवश्यक हैं?
10. सेवा क्षेत्र को ‘तृतीयक क्षेत्र’ क्यों कहा जाता है?

खंड 3: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

1. भारतीय अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र के बढ़ते महत्व की व्याख्या करें।
2. रोजगार सृजन के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों का विस्तृत वर्णन करें।
3. वैश्वीकरण और उदारीकरण ने भारतीय सेवा क्षेत्र को कैसे प्रभावित किया है? विस्तृत चर्चा करें।
4. मानव पूंजी निर्माण क्या है? भारत के आर्थिक विकास में इसकी क्या भूमिका है?
5. सेवा क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियों और उसके समाधानों पर विस्तृत चर्चा करें।

किसी विषय के Practice Set लगाना क्यों जरूरी हैं?

Practice Sets को कैसे solve करें?

हमने ऊपर यह देखा कि Practice Sets को solve करना क्यों जरूरी है? यह केवल “उत्तर लिखने” की गतिविधि नहीं है, बल्कि “परीक्षा की स्थिति में खुद को ढालने” का अभ्यास है। अब हम देखते है इन्हें Solve कैसे करें?
अगर आप हमारे द्वारा दिए गए Practice Set को परीक्षा जैसी स्थिति में हल करते हैं, तो असली परीक्षा में आपको किसी भी तरह की घबराहट नहीं होगी और आपकी तैयारी 100% हो जाएगी।

अर्थशास्त्र के सभी अध्यायों का समाधान भी देखें।

क्रमांक अध्याय
1 अर्थव्यवस्था एवं इसके विकास का इतिहास
2 राज्य एवं राष्ट्र की आय
3 मुद्रा, बचत एवं साख
4 हमारी वित्तीय संस्थाएँ
5 रोजगार एवं सेवाएँ
6 वैश्वीकरण
7 उपभोक्ता जागरूकता एवं संरक्षण

सारांश

हमें आशा है कि यह पोस्ट आपको पसंद आया होगा। इसी प्रकार बिहार बोर्ड के सभी अध्यायों का Practice Set का नियमित अभ्यास करते रहें यही आपकी सफलता की कुंजी है। ये सेट आपकी तैयारी को मजबूत करते हैं, आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और आपको परीक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार करते हैं। इसलिए, इन अभ्यास सेटों का उपयोग करके अपनी पढ़ाई को और भी प्रभावी बनाएं।
[NOTE] : यदि आपको बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा की तैयारी के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या आ रही है, तो आप निःसंकोच हमसे साझा करें। हम आपकी सहायता के लिए हमेशा तत्पर हैं। साथ ही, यदि हमारे कार्य या वेबसाइट के संबंध में आपका कोई सुझाव है, तो कृपया हमें अवश्य बताएं। हम आपके सुझावों पर गंभीरता से विचार करेंगे और सुधार करने का पूरा प्रयास करेंगे।
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